फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Sports ›   Football ›   Donald Trump Receives FIFA Peace Prize at 2026 FIFA World Cup Draw

FIFA-Donald Trump: फीफा वर्ल्ड कप ड्रॉ में बड़ा राजनीतिक मोड़, ट्रंप को मिला पीस प्राइज; दुनियाभर में उठे सवाल

Fri, 05 Dec 2025 11:36 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क Published by: स्वप्निल शशांक Updated Fri, 05 Dec 2025 11:36 PM IST
सार

फीफा पीस प्राइज की शुरुआत और उसके पहले प्राप्तकर्ता के रूप में ट्रंप होना, दोनों ही बातें दुनिया भर में चर्चा का विषय हैं। यह सम्मान भविष्य में कूटनीति, खेल और राजनीति के संबंधों को किस दिशा में ले जाएगा, यह देखने वाली बात होगी।

विज्ञापन
Donald Trump Receives FIFA Peace Prize at 2026 FIFA World Cup Draw
ट्रंप और इनफैनटिनो - फोटो : PTI

विस्तार

2026 फीफा वर्ल्ड कप ड्रॉ के दौरान एक ऐसा क्षण सामने आया जिसने खेल मंच को राजनीति की सुर्खियों के केंद्र में ला दिया। वॉशिंगटन डी.सी. के केनेडी सेंटर में आयोजित इस कार्यक्रम में फीफा अध्यक्ष जियानी इनफैनटिनो ने संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पहला फीफा पीस प्राइज प्रदान किया। यह पुरस्कार पहली बार दिया गया है और फीफा के मुताबिक, इसका उद्देश्य उन व्यक्तियों को सम्मान देना है जिन्होंने शांति के लिए असाधारण और अद्वितीय कदम उठाए हैं और दुनिया के लोगों को जोड़ा है।
विज्ञापन

वीडियो मोंटाज में दिखे कई नेता
इस घोषणा के साथ एक विशेष वीडियो भी प्रसारित किया गया जिसमें भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू समेत कई विश्व नेताओं के क्लिप शामिल थे। वीडियो में ट्रंप को शांति वार्ता, संघर्षों को रोकने और कूटनीति बढ़ाने के प्रयासों के लिए श्रेय दिया गया। नैरेटर ने कहा कि ट्रंप ने दुनिया भर में शांति की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान संघर्ष का भी किया जिक्र
अवॉर्ड स्वीकार करते हुए ट्रंप भावुक स्वर में बोले, 'यह वास्तव में मेरे जीवन के सबसे बड़े सम्मानों में से एक है। पुरस्कारों से भी ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि हमने लाखों जिंदगियां बचाईं। कांगो इसका उदाहरण है। वहां एक करोड़ से अधिक लोग मारे गए थे और हालात बहुत तेजी से और एक करोड़ मौतों की ओर बढ़ रहे थे। यह तथ्य कि हम हस्तक्षेप कर सके और इसे रोकने में मदद कर पाए, मेरे लिए गर्व की बात है। भारत-पाकिस्तान भी ऐसा ही मामला था और कई अन्य संघर्ष जिन्हें हम खत्म कर सके। कुछ को तो हमने शुरू होने से पहले ही रोक दिया।'

ट्रंप ने इनफैनटिनो को लेकर कही यह बात
ट्रंप ने यह भी कहा कि वे खुद को शांति को प्रेरित करने वाला राष्ट्रपति मानते हैं और यह पुरस्कार उस भूमिका की मान्यता है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में फुटबॉल को सॉकर भी कहा। ट्रंप ने कहा, 'यह एक बड़ा सम्मान है कि मैं जियानी इनफैनटिनो के साथ हूं। मैं जियानी को बहुत समय से जानता हूं। उन्होंने अद्भुत काम किया है और मुझे यह कहना होगा कि उन्होंने नए रिकॉर्ड बनाए हैं। टिकट बिक्री के मामले में और इसे अभी सामने लाना नहीं चाहिए, लेकिन यह आपके और फुटबॉल खेल के लिए एक शानदार सम्मान है, जिसे हम सॉकर भी कहते हैं। ये आंकड़े किसी ने सोचे भी नहीं होंगे, यहां तक कि जियानी ने भी नहीं सोचा होगा कि यह संभव हो सकेगा।'
विज्ञापन

इनफैनटिनो की प्रतिक्रिया
फीफा अध्यक्ष ने ट्रंप की तारीफ करते हुए कहा कि यह पुरस्कार खेल की वैश्विक भावना और विश्व शांति के प्रयासों का प्रतीक है। उनके मुताबिक, फुटबॉल एक ऐसा माध्यम है जो दुनिया को एकजुट करने की क्षमता रखता है। ट्रंप ने अपने गले में पदक और हाथों में ग्लोब थामे हुए सोने की ट्रॉफी (फीफा विश्व कप ट्रॉफी) के साथ पुरस्कार को स्वीकार किया। अपने भाषण के दौरान, उन्होंने कई वैश्विक संघर्षों को समाप्त करने का श्रेय लिया, जिनमें भारत-पाकिस्तान और रूस-यूक्रेन युद्ध शामिल हैं और खुद को नोबेल शांति पुरस्कार के योग्य उम्मीदवार के रूप में प्रस्तुत किया। हाल के हफ्तों में उन्होंने यू.एस. इंस्टिट्यूट ऑफ पीस का नाम बदलकर 'डोनाल्ड जे. ट्रंप यूनाइटेड स्टेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ पीस' रख दिया है। 

पुरस्कार पर उठे सवाल और विवाद
फीफा ने जोर देकर कहा कि यह निर्णय पांच अरब से अधिक फुटबॉल फैंस की ओर से लिया गया, आलोचकों ने वैश्विक फुटबॉल समारोहों को राजनीतिक संदेशों के साथ जोड़ने की छवि पर सवाल उठाया। इस घोषणा के तुरंत बाद खेल और राजनीति दोनों ही क्षेत्रों में प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। जहां कुछ समर्थक इसे ऐतिहासिक बताते नजर आए, वहीं कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि क्या खेल मंच पर राजनीति का इस तरह हस्तक्षेप सही है? कई विशेषज्ञों का मानना है कि फीफा जैसा संगठन राजनीतिक तटस्थता के लिए जाना जाता है, लेकिन यह कदम उस सिद्धांत को चुनौती देता है।

अन्य वीडियो--
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Sports news in Hindi related to live update of Sports News, live scores and more cricket news etc. Stay updated with us for all breaking news from Sports and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed