...तो चमत्कार नहीं है क्रोएशिया की सफलता, 2010 से देश के लिए खेल रहे हैं 11 अनुभवी खिलाड़ी
40 लाख की आबादी वाले देश क्रोएशिया के फाइनल में पहुंचने को चमत्कार से कम नहीं समझा रहा है। इस देश के फाइनल में पहुंचने की घटना अचंभे की तरह प्रचारित की गई, लेकिन हकीकत इसके उलट है। इस टीम के फुटबॉलर जहां सबसे अनुभवी हैं वहीं यूरोप के नामी क्लबों के लिए खेलते हैं और ये कोई छोटे-मोटे क्लब नहीं है।
इनमें रियल मैड्रिड, बार्सिलोना, एटलेटिको मैड्रिड, मोनाको, एसी मिलान, इंटर मिलान, यूवेंट्स, लिवरपूल जैसे क्लबों का नाम शामिल है। वहीं क्रोएशियाई टीम के 11 खिलाड़ी 2010 से अपने देश की टीम में जगह बनाए हुए हैं। तभी तो मैनचेस्टर युनाइटेड के कोच जोस मोरिन्हो 1994 में गोल्डन बूट जीतने वाले बुल्गारिया के स्टोइचकोव को इंग्लैंड के खिलाफ क्रोएशिया की जीत पर कोई हैरानी नहीं हुई।
मोड्रिक, राकिटिच, पेरेसिच, वरसाल्को हैं स्पेनिश स्टार जिस टीम में रियल मैड्रिड से दो, बार्सिलोना से एक एटलेटिको मैड्रिड से एक, लिवरपूल से एक, यूवेंट्स से एक, मोनाको से एक फुटबॉलर खेलता हो उस टीम को हल्के में कैसे लिया जा सकता है। विश्व कप में यही भूल क्रोएशिया के खिलाफ खेलने वाले देशों ने की। खासतौर पर ग्रुप दौर में अर्जेंटीना, नाइजीरिया और आइसलैंड को हराने के बावजूद नॉकआउट में उसे गंभीरता से नहीं लिया गया। ऐसा नहीं है कि क्रोएशिया की विश्व रैंकिंग 20 बहुत खराब हो।
इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में तो इंग्लिश मीडिया ने तो थ्री लॉयंस को ऐसे प्रचारित किया कि मानों उन्हें क्रोएशिया से बिना खेले ही फाइनल का टिकट मिल गया हो। कप्तान मोदरिच ने सेमीफाइनल के बाद इंग्लिश मीडिया पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हें अपने काम को गंभीरता से अंजाम देना चाहिए था। उन्होंने तो हमें विश्व कप से ही बाहर कर दिया था। टीम के पास अनुभव की कोई कमी नहीं है। रियल के लिए खेलने वाले मोदरिच, वेदरान कारलूका 2006 से इवान रेकटिच, मारियो मैंजुकिच 2007 से खेल रहे हैं।
मोड्रिक ने 112 और कारलूका ने 103, राकिटिच ने 98, मैंजुकिच ने 88, पेरसिच ने 72 और विडा ने 62 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। वहीं फ्रांस के लिए गोलकीपर ह्यूरो लॉरिस 2008 से खेल रहे हैं और उन्होंने 103 मैच खेले हैं। मटूडी 2010 से, ओलिवर गिरोड 2011 से खेल रहे हैं। गिरोड ने 80 और मटूडी ने 71 मैच खेले हैं।
फाइनल में टकराएंगे नामी क्लबों के सितारे
सच्चाई यह भी है कि रविवार को होने वाले फाइनल में यूरोप के पांच नामी क्लबों के खिलाड़ी क्रोएशिया और फ्रांस के लिए आपस में टकराएंगे। ये क्लब रियल, बार्सिलोना, एटलेटिको, मोनाको और यूवेंट्स हैं। रियल मैड्रिड के लिए खेलने वाले लूका मोड्रिक, मेटियो कोवासिच क्लब में अपने फ्रांस के साथ राफेल वाराने से टकराएंगे।
बार्सिलोना के लिए खेलने वाले फ्रांसीसी खिलाड़ी सैमुअल उमटीटी और ओस्मान डेंबेले क्रोएशियाई अनुभवी इवान राकिटिच से भिड़ेंगे। एटलेटिको के लिए खेलने वाले फ्रांस के एंटोनी ग्रीजमैन, ल्यूकास हरनांडेज की टक्कर सिमे वरसाल्को से होगी। यूवेंट्स के लिए खेलने वाले मैंडजुकिच, पजासा फ्रांस के मटूडी से भिड़ेंगे। वहीं मोनाको के लिए खेलने वाले क्रोएशियाई गोली दानीजेल सुबासिच की टक्कर जिबरिल सिदेबी से होगी।
-रियल मैड्रिड, बार्सिलोना, एटलेटिको, लिवरपूल, यूवेंट्स, मोनाको, इंटर मिलान जैसे क्लबों से जुड़े हैं क्रोएशियाई फुटबॉलर
-2010 से देश के लिए खेल रहे हैं 11 अनुभवी खिलाड़ी
-छह के पास है 50 से ज्यादा मैच खेलने का अनुभव
क्रोएशियाई टीम और उनके क्लब
- लुका मोड्रिक (रियल मैड्रिड) 2006 से टीम में
- वेदरान कारलूका (लोकोमोटिव मास्को) 2006 से टीम में
- इवान राकिटिच (बार्सिलोना) 2006 से टीम में
- मारियो मैंडजुकिच (यूवेंट्स) 2007 से टीम में
- इवान पेरेसिच (इंटर) 2011 से टीम में
- विडा (बेसिकतास) 2010 से टीम में
- सुबासिच (मोनाको) 2009 से टीम में
फ्रांस की टीम और उनके क्लब
- ह्यूगो लॉरिस (टॉटनहेम हॉट्सपर) 2008 से टीम में
- ओलिवर जिरू (चेल्सी) 2011 से टीम में
- ब्लाएस मटूडी (यूवेंट्स) 2010 से टीम में
- वाराने (रियल मैड्रिड) 2013 से टीम में
- पॉल पोग्बा (मैनचेस्टर युनाइटेड) 2013 से टीम में
- ग्रीजमैन (एटलेटिको) 2014 से टीम में