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कप्तान के खेल के दम पर बेंगलुरु ने रचा इतिहास
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Thu, 20 Oct 2016 01:14 PM IST
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सुनील छेत्री
- फोटो : getty
कप्तान सुनील छेत्री (दो गोल) के शानदार प्रदर्शन की बदौलत बेंगलुरु एफसी ने बुधवार को एशियन फुटबॉल कॉनफेडरेशन (एएफसी) कप के सेमीफाइनल में मलेशिया के जोहोर दारुल ताज़ीम क्लब को 2-1 से हराकर इतिहास रच दिया। इस जीत के साथ ही बेंगलुरु एफसी क्लब एएफसी कप के फाइनल में पहुंचने वाला भारत का पहला क्लब बन गया है। इससे पहले ईस्ट बंगाल और डेम्पो ने इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में प्रवेश किया था।
भारतीय क्लब बेंगलुरु एफसी का फाइनल में मुकाबला इराक के अल कुवा अल जाविया क्लब से 5 नवंबर को होगा। इराक के क्लब ने मंगलवार को सेमीफाइनल मैच में लेबनान के अल अहद क्लब को 3-2 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था।
बेंगलुरु के कंटीरवा स्टेडियम में खेले गए इस अहम मैच में मेजबान टीम की तरफ से सुनील छेत्री ने दो और जुआन एनटोनियो गोंज़ालेज़ फ़र्नांडेज ने एक गोल किया। जोहोर दारुल की तरफ से एकमात्र गोल एस रहीम ने दागा।
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भारतीय क्लब बेंगलुरु एफसी का फाइनल में मुकाबला इराक के अल कुवा अल जाविया क्लब से 5 नवंबर को होगा। इराक के क्लब ने मंगलवार को सेमीफाइनल मैच में लेबनान के अल अहद क्लब को 3-2 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था।
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बेंगलुरु के कंटीरवा स्टेडियम में खेले गए इस अहम मैच में मेजबान टीम की तरफ से सुनील छेत्री ने दो और जुआन एनटोनियो गोंज़ालेज़ फ़र्नांडेज ने एक गोल किया। जोहोर दारुल की तरफ से एकमात्र गोल एस रहीम ने दागा।
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पिछड़ने के बाद की जोरदार वापसी
फुटबॉल`
- फोटो : getty
एएफसी कप का यह सबसे बड़ा मैच माना जा रहा था। दोनों टीमों ने उम्दा प्रदर्शन करके इसे सही साबित भी किया। बेंगलुरु और जोहोर ने काफी दमदार खेल दिखाया। दोनों ही टीमों के खिलाड़ियों ने मैन टू मैन मार्किंग का खेल दिखाया, जिसकी वजह से दोनों टीमों के स्ट्राइकर्स को खुलकर खेलने का मौका नहीं मिला।
11वें मिनट में सफी ने हवा में शफीक ने शानदार हेडर जमाकर गेंद जाली के अंदर भेज दी। इससे पहले दोनों टीमें रक्षात्मक फुटबॉल खेल रही थी। दारुल की 1-0 की बढ़त हासिल करने पर स्टेडियम में सन्नाटा पसर गया था।
0-1 से पिछड़ने के बाद बेंगलुरु ने अपने आक्रमण में इजाफा किया। सुनील छेत्री की मेहनत 41वें मिनट में गोल करके बेंगलुरु को 1-1 से बराबरी दिलाई। छेत्री ने 66वें मिनट में बॉक्स के बाहर से चार खिलाड़ियों के ऊपर से शानदार किक जमाया और इस गोल की बदौलत 2-1 की बढ़त बनाई।
बेंगलुरु की आक्रामकता 75वें मिनट में और बढ़ गई जब जुआन एनटोनियो गोंज़ालेज़ फ़र्नांडेज ने हेडर जमाकर टीम को 3-1 से आगे कर दिया। भारतीय क्लब ने मलेशियाई क्लब को यहां पर मुकाबले से पूरी तरह बाहर कर दिया और फाइनल में शाही अंदाज में प्रवेश किया।
11वें मिनट में सफी ने हवा में शफीक ने शानदार हेडर जमाकर गेंद जाली के अंदर भेज दी। इससे पहले दोनों टीमें रक्षात्मक फुटबॉल खेल रही थी। दारुल की 1-0 की बढ़त हासिल करने पर स्टेडियम में सन्नाटा पसर गया था।
0-1 से पिछड़ने के बाद बेंगलुरु ने अपने आक्रमण में इजाफा किया। सुनील छेत्री की मेहनत 41वें मिनट में गोल करके बेंगलुरु को 1-1 से बराबरी दिलाई। छेत्री ने 66वें मिनट में बॉक्स के बाहर से चार खिलाड़ियों के ऊपर से शानदार किक जमाया और इस गोल की बदौलत 2-1 की बढ़त बनाई।
बेंगलुरु की आक्रामकता 75वें मिनट में और बढ़ गई जब जुआन एनटोनियो गोंज़ालेज़ फ़र्नांडेज ने हेडर जमाकर टीम को 3-1 से आगे कर दिया। भारतीय क्लब ने मलेशियाई क्लब को यहां पर मुकाबले से पूरी तरह बाहर कर दिया और फाइनल में शाही अंदाज में प्रवेश किया।