फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Sports ›   Commonwealth Games Hosts List: From 1930 To 2026, Complete History Of Host Nations

Commonwealth Games: राष्ट्रमंडल खेल की मेजबानी कब-कब और किस देश को मिली? जानिए 1930 से 2026 तक का पूरा इतिहास

Tue, 21 Jul 2026 05:00 PM IST
शोभित चतुर्वेदी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शोभित चतुर्वेदी Updated Tue, 21 Jul 2026 05:00 PM IST
सार

राष्ट्रमंडल खेल की शुरुआत 1930 में 'ब्रिटिश एम्पायर गेम्स' के रूप में हुई थी। तब से हर चार साल में इन खेलों का आयोजन किया जाता है, हालांकि द्वितीय विश्व युद्ध के कारण 1942 और 1946 में प्रतियोगिता नहीं हो सकी। ऑस्ट्रेलिया सबसे अधिक पांच बार इन खेलों की मेजबानी कर चुका है, जबकि 2026 में स्कॉटलैंड का ग्लासगो चौथी बार मेजबान बनेगा। भारत ने अब तक एक बार, 2010 में नई दिल्ली में इन खेलों का सफल आयोजन किया था।

विज्ञापन
Commonwealth Games Hosts List: From 1930 To 2026, Complete History Of Host Nations
राष्ट्रमंडल खेल - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

राष्ट्रमंडल खेल दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित बहु-खेल आयोजनों में से एक हैं। इन खेलों की शुरुआत वर्ष 1930 में 'ब्रिटिश एम्पायर गेम्स' के नाम से हुई थी। शुरुआती दौर में इसमें केवल ब्रिटिश साम्राज्य के अधीन रहे या उससे जुड़े देशों ने हिस्सा लिया था। समय के साथ प्रतियोगिता का दायरा बढ़ता गया और आज यह कॉमनवेल्थ देशों के खिलाड़ियों के लिए सबसे बड़ा खेल महाकुंभ बन चुका है। राष्ट्रमंडल खेल का आयोजन सामान्यतः हर चार साल में होता है। हालांकि, 1942 और 1946 में द्वितीय विश्व युद्ध के कारण इन खेलों का आयोजन नहीं हो पाया था।
विज्ञापन

भारत का सफर भी रहा खास
अविभाजित भारत ने ब्रिटिश शासन के दौरान 1934 और 1938 के राष्ट्रमंडल खेल में हिस्सा लिया था। 1947 में आजादी के बाद भारत और पाकिस्तान अलग-अलग देशों के रूप में इन खेलों में शामिल हुए। वहीं, 1971 में स्वतंत्रता मिलने के बाद बांग्लादेश ने भी राष्ट्रमंडल खेल में अपनी अलग पहचान बनाई। भारत को पहली और अब तक की एकमात्र बार 2010 में नई दिल्ली में राष्ट्रमंडल खेल की मेजबानी का अवसर मिला था।
विज्ञापन
विज्ञापन

2026 में ग्लासगो बनेगा मेजबान
ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 का आयोजन 28 जुलाई से आठ अगस्त तक स्कॉटलैंड में होगा। यह चौथा मौका होगा जब स्कॉटलैंड इन खेलों की मेजबानी करेगा। 2022 तक इन खेलों में 72 देशों और क्षेत्रों ने हिस्सा लिया था, जबकि 2026 संस्करण में गैबॉन और टोगो पहली बार भाग लेंगे।
विज्ञापन

सबसे ज्यादा मेजबानी किस देश ने की?
राष्ट्रमंडल खेल की मेजबानी के मामले में ऑस्ट्रेलिया सबसे आगे है। उसने अब तक पांच बार इन खेलों का आयोजन किया है। इसके बाद कनाडा ने चार बार मेजबानी की है। 2026 के बाद स्कॉटलैंड भी चौथी बार मेजबान बन जाएगा। इंग्लैंड और न्यूजीलैंड तीन-तीन बार इन खेलों की मेजबानी कर चुके हैं, जबकि भारत, मलयेशिया, जमैका और वेल्स को एक-एक बार आयोजन का अवसर मिला।

1930 से 2026 तक राष्ट्रमंडल खेल के मेजबान
वर्ष मेजबान शहर देश
1930 हैमिल्टन कनाडा
1934 लंदन इंग्लैंड
1938 सिडनी ऑस्ट्रेलिया
1950 ऑकलैंड न्यूजीलैंड
1954 वैंकूवर कनाडा
1958 कार्डिफ वेल्स
1962 पर्थ ऑस्ट्रेलिया
1966 किंग्स्टन जमैका
1970 एडिनबर्ग स्कॉटलैंड
1974 क्राइस्टचर्च न्यूजीलैंड
1978 एडमोंटन कनाडा
1982 ब्रिस्बेन ऑस्ट्रेलिया
1986 एडिनबर्ग स्कॉटलैंड
1990 ऑकलैंड न्यूजीलैंड
1994 विक्टोरिया कनाडा
1998 कुआलालंपुर मलेशिया
2002 मैनचेस्टर इंग्लैंड
2006 मेलबर्न ऑस्ट्रेलिया
2010 नई दिल्ली भारत
2014 ग्लासगो स्कॉटलैंड
2018 गोल्ड कोस्ट ऑस्ट्रेलिया
2022 बर्मिंघम इंग्लैंड
2026 ग्लासगो स्कॉटलैंड

मेजबानी में ऑस्ट्रेलिया का दबदबा
ऑस्ट्रेलिया ने 1938, 1962, 1982, 2006 और 2018 में कुल पांच बार इन खेलों की मेजबानी की है। वहीं, कनाडा चार बार मेजबान बना। 2026 में ग्लासगो के साथ स्कॉटलैंड भी चार बार मेजबानी करने वाले देशों की सूची में शामिल हो जाएगा। इससे स्पष्ट होता है कि राष्ट्रमंडल खेल का आयोजन सबसे अधिक कॉमनवेल्थ के पारंपरिक खेल राष्ट्रों में ही हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Sports news in Hindi related to live update of Sports News, live scores and more cricket news etc. Stay updated with us for all breaking news from Sports and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed