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Hindi News ›   Sports ›   Commonwealth Games 2022: Tejaswin Shankar struggle and journey to First ever medal for India in High Jump CWG

CWG 2022: सात दिन पहले घर में ओपनिंग सेरेमनी देख रहे थे तेजस्विन, तीन दिन पहले बर्मिंघम पहुंचे, अब जीता कांस्य

Thu, 04 Aug 2022 10:45 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बर्मिंघम
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बर्मिंघम Published by: स्वप्निल शशांक Updated Thu, 04 Aug 2022 10:45 AM IST
सार

Tejaswin Shankar: दस दिन पहले खुद तेजस्विन ने उम्मीद नहीं की थी कि वह बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में पहुंचेंगे और भारतीयों को गर्व महसूस करने का मौका देंगे। वह बर्मिंघम रवाना होने के लिए भारतीय दल में शामिल होने वाले आखिरी नाम थे। तेजस्विन सबसे आखिर में बर्मिंघम पहुंचे, लेकिन उन्होंने ट्रैक एंड फील्ड में भारत के लिए पहला पदक जीता है। 

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Commonwealth Games 2022: Tejaswin Shankar struggle and journey to First ever medal for India in High Jump CWG
तेजस्विन शंकर: पहली तस्वीर में वह घर में ओपनिंग सेरेमनी देखते हुए, फिर उन्होंने मेडल जीता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारत ने 2022 बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में 18 पदक जीत लिए हैं। छठे दिन भारत के लिए हाई जंपर तेजस्विन शंकर ने दिन का आखिरी पदक जीता। उन्होंने बर्मिंघम में ट्रैक एंड फील्ड (एथलेटिक्स) में भारत के पदकों का खाता खोला। हालांकि, उनकी ये कामयाबी इतनी आसान नहीं रही है। इसके लिए तेजस्विन को काफी संघर्ष करना पड़ा है।
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पिछले एक महीने में उनके साथ जो कुछ हुआ, तेजस्विन ने वह सब कुछ भूलाकर बस एक बात याद रखी कि उन्हें भारत के लिए पदक जीतना है और बुधवार को कांस्य पदक जीतकर अपना सपना पूरा किया। पुरुषों के हाई जंप के फाइनल में 2.22 मीटर के जंप के साथ तेजस्विन तीसरे स्थान पर रहे। 
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Commonwealth Games 2022: Tejaswin Shankar struggle and journey to First ever medal for India in High Jump CWG
तेजस्विन शंकर पदक जीतने के बाद - फोटो : अमर उजाला
10 दिन पहले खुद तेजस्विन ने उम्मीद नहीं की थी कि वह बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में पहुंचेंगे और भारतीयों को गर्व महसूस करने का मौका देंगे। वह बर्मिंघम रवाना होने के लिए भारतीय दल में शामिल होने वाले आखिरी नाम थे। तेजस्विन सबसे आखिर में बर्मिंघम पहुंचे, लेकिन उन्होंने ट्रैक एंड फील्ड में भारत के लिए पहला पदक जीता है। 

Commonwealth Games 2022: Tejaswin Shankar struggle and journey to First ever medal for India in High Jump CWG
यूएसए में तेजस्विन ने एएफआई के मानकों को पार किया था - फोटो : सोशल मीडिया
दरअसल, पिछले एक महीने से उनकी भागीदारी को लेकर संशय बना हुआ था। एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने शुरुआत में यूएसए में प्रैक्टिस कर रहे तेजस्विन शंकर को भारतीय टीम से बाहर कर दिया था, क्योंकि उन्होंने भारत की राष्ट्रीय अंतरराज्यीय मीट में भाग नहीं लिया था। हालांकि, यूएसए में तेजस्विन ने एक प्रतियोगिता में राष्ट्रमंडल खेलों के एएफआई के मानकों को पार कर लिया था। इसके बाद उन्होंने एएफआई के फैसले को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट के कहने पर तेजस्विन को राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लेने की मंजूरी मिल गई थी। 



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Commonwealth Games 2022: Tejaswin Shankar struggle and journey to First ever medal for India in High Jump CWG
तेजस्विन शंकर कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान - फोटो : सोशल मीडिया
आखिर में तेजस्विन शंकर को राष्ट्रमंडल खेल 2022 के लिए भारतीय स्क्वॉड में घायल रिले धावक अरोकिया राजीव के रिप्लेसमेंट के तौर पर शामिल किया गया था। इसके बाद भी राह आसान नहीं रही। कॉमनवेल्थ गेम्स के ऑर्गेनाइजर्स ने तेजस्विन के देर से हिस्सा लेने की अर्जी खारिज कर दी थी। इसके बाद भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के अनुरोध पर राष्ट्रमंडल खेल महासंघ (सीजीएफ) ने तेजस्विन शंकर को आगामी बर्मिंघम खेलों में भाग लेने की अनुमति दी।


 

Commonwealth Games 2022: Tejaswin Shankar struggle and journey to First ever medal for India in High Jump CWG
कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए स्क्वॉड में नहीं चुने जाने पर जेएलएन स्टेडियम में प्रैक्टिस करते शंकर - फोटो : सोशल मीडिया
तेजस्विन को जब शुरुआत में कॉमनवेल्थ गेम्स के स्क्वॉड में शामिल नहीं किया गया था, तो वह दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में स्ट्रीट डॉग्स के बीच प्रैक्टिस करते हुए नजर आए थे। उनक संघर्ष दिखाती और निराश करती तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी। 28 जुलाई को कॉमनवेल्थ गेम्स की ओपनिंग सेरेमनी के दौरान तेजस्विन दिल्ली में अपने घर में सोफे पर लेटकर वह सेरेमनी देख रहे थे। तब उनका मामला वीजा को लेकर अटक गया था। 

Imageवीजा न मिलने के कारण घर में बैठकर ओपनिंग सेरेमनी देखते तेजस्विन शंकर
 

Commonwealth Games 2022: Tejaswin Shankar struggle and journey to First ever medal for India in High Jump CWG
तेजस्विन शंकर - फोटो : सोशल मीडिया
तीन दिन पहले यानी 31 जुलाई को तेजस्विन बर्मिंघम पहुंचे थे। तीन दिन बाद उनका फाइनल था। ऐसे में तेजस्विन ने अपनी प्रैक्टिस पर भरोसा रखा और फाइनल में अपना बेस्ट दिया। तेजस्विन 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में छठे स्थान पर रहे थे। उसकी यादें भी तेजस्विन के जहन मे थीं। बीते चार वर्षों में उन्होंने जमकर मेहनत की और अपने प्रदर्शन में काफी सुधार किया। तेजस्विन ने इस पदक को जीतने के लिए अपनी जी जान लगा दी। उन्होंने हर संघर्ष को भूलकर बस इस बात पर ध्यान दिया की भारत के लिए एक पदक जीत सकें। बुधवार को उनका यह संघर्ष कांस्य के रूप में उन्हें फल देकर गया।

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Commonwealth Games 2022: Tejaswin Shankar struggle and journey to First ever medal for India in High Jump CWG
तेजस्विन शंकर कांस्य पदक जीतने के बाद - फोटो : सोशल मीडिया
हालांकि, बर्मिंघम में फाइनल में वह अपने पर्सनल बेस्ट के करीब नहीं पहुंच सके। तेजस्विन नेशनल चैंपियन भी हैं और उनके नाम हाई जंप में राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी है। उनका पर्सनल बेस्ट 2.29 मीटर हाई जंप का है। तेजस्विन ने इस सीजन 2.27 मीटर का जंप भी लगाया है। हालांकि, फाइनल में वह सिर्फ 2.22 मीटर का जंप लगा सके, लेकिन यह सभी जंप उन्होंने पहले प्रयास में ही हासिल की हैं। बर्मिंघम में फाइनल के दौरान शंकर ने अपने पहले प्रयासों में 2.10 मीटर, 2.15 मीटर, 2.19 मीटर और 2.22 मीटर की जंप लगाई। 
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Commonwealth Games 2022: Tejaswin Shankar struggle and journey to First ever medal for India in High Jump CWG
बाएं से- ब्रैंडन स्टार्क, हामिश केर और तेजस्विन शंकर - फोटो : सोशल मीडिया
बर्मिंघम में पुरुषों के हाई जंप में स्वर्ण जीतने वाले जीलैंड के हामिश केर ने 2.25 मीटर की जंप लगाई थी। वहीं, दूसरे स्थान पर रहे ऑस्ट्रेलिया के ब्रैंडन स्टार्क ने भी इतने ही मीटर की जंप लगाई, लेकिन उन्होंने इसके लिए प्रयास ज्यादा लिए। इस वजह से ब्रैंडन को रजत मिला। तेजस्विन ने आखिर में गोल्ड हासिल करने की भी कोशिश की। उन्होंने 2.28 मीटर जंप लगाने की कोशिश की और न्यूजीलैंड के हामिश केर को पीछे छोड़ना चाहा, लेकिन विफल रहे। तब उनके पास एक ही प्रयास बचा था। इस तरह तेजस्विन ने कांस्य पदक अपने नाम किया।

तेजस्विन शंकर ने न सिर्फ कांस्य के रूप में भारत के लिए ट्रैक एंड फील्ड में पहला पदक जीता, बल्कि वो किसी भी राष्ट्रमंडल खेलों में हाई जंप में भारत के लिए पदक जीतने वाले पहले एथलीट बन गए।
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