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Chessable Masters: जीत की दहलीज पर पहुंचकर लिरेन से हारे प्रगनाननंदा, मुकाबला बराबरी पर लाकर टाईब्रेकर के दूसरे गेम में मिली मात
Fri, 27 May 2022 10:25 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Fri, 27 May 2022 10:25 PM IST
सार
लिरेन को खिताबी जीत से 25 हजार अमेरिकी डॉलर (19 लाख 38 हजार रुपये) और प्रगनाननंदा को 15 हजार डॉलर (11 लाख 63 हजार रुपये) की इनामी राशि मिली। प्रगनाननंदा पहली बार चेसबेल मास्टर्स के फाइनल में पहुंचे थे।
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प्रज्ञानानंद
- फोटो : ANI
विस्तार
भारत के 16 वर्षीय ग्रैंड मास्टर प्रगनाननंदा को मेल्टवाटर चेसबेल मास्टर्स शतरंज टूर्नामेंट में जीत की दहलीज पर पहुंचकर उपविजेता से संतोष करना पड़ा। उन्हें चीन के डिंग लिरेन के हाथों दूसरे दिन टाईब्रेकर के दूसरे गेम में हार के बाद खिताब से चूकना पड़ा। पहले दिन 1.5-2-5 से पिछडने के बाद दूसरे दिन प्रगनाननंदा ने जबरदस्त वापसी कर 2.5-1.5 से जीतकर हासिल कर मुकाबले को टाईब्रेकर में ले गए।
कड़े संघर्ष में मिली हार
विश्व नंबर दो लिरेन को उन्होंने पहले गेम में 79 चालों में मात दी, जबकि दूसरे गेम में उन्होंने 106 चालों के बाद लिरेन को ड्रॉ खेलने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद टाईब्रेकर के लिए ब्लिट्ज गेम का सहारा लेना पड़ा। यहां भी पहला गेम दोनों के बीच बराबरी पर छूटा।
दूसरे और निर्णायक गेम में 29 वर्षीय लिरेन ने अपने अनुभव का प्रयोग करते हुए प्रगनाननंदा को 49 चालों में मात देकर खिताब पर कब्जा जमा लिया। लिरेन को खिताबी जीत से 25 हजार अमेरिकी डॉलर (19 लाख 38 हजार रुपये) और प्रगनाननंदा को 15 हजार डॉलर (11 लाख 63 हजार रुपये) की इनामी राशि मिली। प्रगनाननंदा पहली बार चेसबेल मास्टर्स के फाइनल में पहुंचे थे।
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कार्लसन, गिरी को हराया इस टूर्नामेंट में
प्रगनाननंदा के लिए यह टूर्नामेंट शानदार रहा। पहले उन्होंने विश्व चैंपियन मैग्नस कार्लसन को हराया। इसके बाद सेमीफाइनल में उन्होंने विश्व नंबर 10 नीदरलैंड के अनीश गिरी को मात देकर फाइनल में जगह बनाई। गिरी को उन्होंने रात दो बजे फाइनल में हराया था, जबकि सुबह पौने नौ बजे उन्हें स्कूल जाकर परीक्षा देनी थी।
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कड़े संघर्ष में मिली हार
विश्व नंबर दो लिरेन को उन्होंने पहले गेम में 79 चालों में मात दी, जबकि दूसरे गेम में उन्होंने 106 चालों के बाद लिरेन को ड्रॉ खेलने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद टाईब्रेकर के लिए ब्लिट्ज गेम का सहारा लेना पड़ा। यहां भी पहला गेम दोनों के बीच बराबरी पर छूटा।
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दूसरे और निर्णायक गेम में 29 वर्षीय लिरेन ने अपने अनुभव का प्रयोग करते हुए प्रगनाननंदा को 49 चालों में मात देकर खिताब पर कब्जा जमा लिया। लिरेन को खिताबी जीत से 25 हजार अमेरिकी डॉलर (19 लाख 38 हजार रुपये) और प्रगनाननंदा को 15 हजार डॉलर (11 लाख 63 हजार रुपये) की इनामी राशि मिली। प्रगनाननंदा पहली बार चेसबेल मास्टर्स के फाइनल में पहुंचे थे।
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कार्लसन, गिरी को हराया इस टूर्नामेंट में
प्रगनाननंदा के लिए यह टूर्नामेंट शानदार रहा। पहले उन्होंने विश्व चैंपियन मैग्नस कार्लसन को हराया। इसके बाद सेमीफाइनल में उन्होंने विश्व नंबर 10 नीदरलैंड के अनीश गिरी को मात देकर फाइनल में जगह बनाई। गिरी को उन्होंने रात दो बजे फाइनल में हराया था, जबकि सुबह पौने नौ बजे उन्हें स्कूल जाकर परीक्षा देनी थी।