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BWF World Championships: एक दशक में पहली बार सिंधु टूर्नामेंट में नहीं खेलेंगी, लक्ष्य और साइना से उम्मीदें
Sun, 21 Aug 2022 01:46 PM IST
रोहित राज
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: रोहित राज
Updated Sun, 21 Aug 2022 01:46 PM IST
सार
सिंधू का विश्व चैंपियनशिप में शानदार रिकॉर्ड है। उन्होंने कुल पांच पदक अब तक जीते हैं। उनकी लिस्ट में 2019 में जीता गया स्वर्ण पदक भी शामिल है। सिंधू राष्ट्रमंडल खेलों में चोटिल हो गई थीं।
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पीवी सिंधू, लक्ष्य सेन, साइना नेहवाल
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
बैडमिंटन का बड़ा टूर्नामेंट विश्व चैंपियनशिप सोमवार (22 अगस्त) से जापान की राजधानी टोक्यो में शुरू हो रहा है। इस टूर्नामेंट में भारत की स्टार शटलर पीवी सिंधू नहीं खेलेंगे। चोट के कारण उन्होंने टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा है। वह पिछले एक दशक में पहली बार विश्व चैंपियनशिप में नहीं खेलेंगी। उनकी अनुपस्थिति में अनुभवी साइना नेहवाल, युवा स्टार लक्ष्य सेन और एचएस प्रणय से भारत को उम्मीदें हैं।
सिंधू का विश्व चैंपियनशिप में शानदार रिकॉर्ड है। उन्होंने कुल पांच पदक अब तक जीते हैं। उनकी लिस्ट में 2019 में जीता गया स्वर्ण पदक भी शामिल है। सिंधू राष्ट्रमंडल खेलों में चोटिल हो गई थीं। फाइनल में उन्होंने टखना चोटिल होने के बावजूद स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। भारत को 2011 के बाद से विश्व चैंपियनशिप में हमेशा पदक मिला है। सिंधू की अनुपस्थिति में लक्ष्य और प्रणय के अलावा किदांबी श्रीकांत पर पदक जीतने की जिम्मेदारी आ गई है।
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सिंधू का विश्व चैंपियनशिप में शानदार रिकॉर्ड है। उन्होंने कुल पांच पदक अब तक जीते हैं। उनकी लिस्ट में 2019 में जीता गया स्वर्ण पदक भी शामिल है। सिंधू राष्ट्रमंडल खेलों में चोटिल हो गई थीं। फाइनल में उन्होंने टखना चोटिल होने के बावजूद स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। भारत को 2011 के बाद से विश्व चैंपियनशिप में हमेशा पदक मिला है। सिंधू की अनुपस्थिति में लक्ष्य और प्रणय के अलावा किदांबी श्रीकांत पर पदक जीतने की जिम्मेदारी आ गई है।
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साइना को करना होगा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
साइना नेहवाल पर भी सबकी नजरें होंगी। साइना इस टूर्नामेंट में एक रजत और एक कांस्य पदक जीत चुकी हैं। यहां उन्हें पदक जीतने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। पहले दौर में उनका मुकाबला हॉन्गकॉन्ग की चेउंग नगन यी से होगा।
साइना नेहवाल पर भी सबकी नजरें होंगी। साइना इस टूर्नामेंट में एक रजत और एक कांस्य पदक जीत चुकी हैं। यहां उन्हें पदक जीतने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। पहले दौर में उनका मुकाबला हॉन्गकॉन्ग की चेउंग नगन यी से होगा।
श्रीकांत और लक्ष्य जीत चुके हैं पदक
श्रीकांत ने पिछले साल विश्व चैंपियनशिप में रजत जीता था। वहीं, लक्ष्य कांस्य जीतने में सफल रहे थे। पिछले साल जापान के केंतो मोमोता, इंडोनेशिया के जोनाथन क्रिस्टी और एंथोनी गिंटिंग नहीं खेले थे। इस बार तीनों ने अपना नाम टूर्नामेंट के लिए दिया है। भारत के पुरुष खिलाड़ियों ने पिछले कुछ सालों में शानदार प्रदर्शन किया है।
श्रीकांत ने पिछले साल विश्व चैंपियनशिप में रजत जीता था। वहीं, लक्ष्य कांस्य जीतने में सफल रहे थे। पिछले साल जापान के केंतो मोमोता, इंडोनेशिया के जोनाथन क्रिस्टी और एंथोनी गिंटिंग नहीं खेले थे। इस बार तीनों ने अपना नाम टूर्नामेंट के लिए दिया है। भारत के पुरुष खिलाड़ियों ने पिछले कुछ सालों में शानदार प्रदर्शन किया है।
लक्ष्य की पहली टक्कर डेनमार्क के खिलाड़ी से
राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के बाद लक्ष्य का आत्मविश्वास काफी बढ़ा हुआ है और वह विश्व चैंपियनशिप में खिताब के प्रबल दावेदार के रूप में शुरुआत करेंगे। 20 वर्षीय इस खिलाड़ी की पहली टक्कर डेनमार्क के दिग्गज हैंस-क्रिस्टियन सोलबर्ग विटिंगस से होगी। भारत के तीनों खिलाड़ी एक ही क्वार्टर में हैं। अगर तीनों टूर्नामेंट में आगे बढ़ें तो उनका आमना-सामना हो सकता है।
राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के बाद लक्ष्य का आत्मविश्वास काफी बढ़ा हुआ है और वह विश्व चैंपियनशिप में खिताब के प्रबल दावेदार के रूप में शुरुआत करेंगे। 20 वर्षीय इस खिलाड़ी की पहली टक्कर डेनमार्क के दिग्गज हैंस-क्रिस्टियन सोलबर्ग विटिंगस से होगी। भारत के तीनों खिलाड़ी एक ही क्वार्टर में हैं। अगर तीनों टूर्नामेंट में आगे बढ़ें तो उनका आमना-सामना हो सकता है।
प्रणय से भिड़ सकते हैं लक्ष्य
लक्ष्य को नौवीं वरीयता दी गई है। अगर वह आगे बढ़ते हैं तो तीसरे दौर में उनका मुकाबला प्रणय से हो सकता है। इसके लिए प्रणय को दूसरे दौर में दूसरी वरीयता प्राप्त दिग्गज मोमोता को हराना होगा। श्रीकांत को 12वीं वरीयता दी गई है। उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य जीता था। उन्हें टूर्नामेंट में पदक जीतने के लिए आयरलैंड के नाट गुयेन और चीन के झाओ जून पेंग को हराना होगा। अगर वह शुरुआती मैचों में जीत लेते हैं क्वार्टर फाइनल में उनका मैच दुनिया के पांचवें नंबर के मलेशिया के ली जिया जिया से हो सकता है।
लक्ष्य को नौवीं वरीयता दी गई है। अगर वह आगे बढ़ते हैं तो तीसरे दौर में उनका मुकाबला प्रणय से हो सकता है। इसके लिए प्रणय को दूसरे दौर में दूसरी वरीयता प्राप्त दिग्गज मोमोता को हराना होगा। श्रीकांत को 12वीं वरीयता दी गई है। उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य जीता था। उन्हें टूर्नामेंट में पदक जीतने के लिए आयरलैंड के नाट गुयेन और चीन के झाओ जून पेंग को हराना होगा। अगर वह शुरुआती मैचों में जीत लेते हैं क्वार्टर फाइनल में उनका मैच दुनिया के पांचवें नंबर के मलेशिया के ली जिया जिया से हो सकता है।
युगल में भी चुनौती पेश करेगा भारत
पुरुष युगल में चिराग शेट्टी और सात्विक साइराज रंकीरेड्डी पर सबकी नजर होगी। दोनों ने राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। पहले दौर में दोनों बाई मिली है। दूसरे दौर में उनका मुकाबला मलेशिया के गोह वी शेम और टैन वी किओंग की 13वीं वरीयता प्राप्त जोड़ी से हो सकता है। महिला युगल में अश्विनी पोनप्पा और एन सिक्की रेड्डी के साथ गायत्री गोपीचंद और त्रिषा जॉली भी अपनी चुनौती पेश करेंगी।
पुरुष युगल में चिराग शेट्टी और सात्विक साइराज रंकीरेड्डी पर सबकी नजर होगी। दोनों ने राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। पहले दौर में दोनों बाई मिली है। दूसरे दौर में उनका मुकाबला मलेशिया के गोह वी शेम और टैन वी किओंग की 13वीं वरीयता प्राप्त जोड़ी से हो सकता है। महिला युगल में अश्विनी पोनप्पा और एन सिक्की रेड्डी के साथ गायत्री गोपीचंद और त्रिषा जॉली भी अपनी चुनौती पेश करेंगी।