फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Sports ›   bloody match between India And west indies.

जब विंडीज गेंदबाजों ने भारतीय क्रिकेटरों को किया 'लहूलुहान'

Mon, 01 Dec 2014 05:19 PM IST
आदेश कुमार गुप्त
आदेश कुमार गुप्त Updated Mon, 01 Dec 2014 05:19 PM IST
विज्ञापन
bloody match between India And west indies.
एक हफ्ते के अंदर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज फिल ह्यूज और फिर इसराइल क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और अंतरराष्ट्रीय अंपायर हिलेल ऑस्कर की बाउंसर से मौत हो गई। इन घटनाओं से भारत और वेस्टइंडीज के बीच 1975-76 में खेले गए एक खूनी टेस्ट मैच की याद ताजा हो गई। यह उस सीरीज का चौथा टेस्ट मैच था जो जमैका में खेला गया।
विज्ञापन


दरअसल, भारत ने इससे पहले पोर्ट ऑफ स्पेन ने वेस्टइंडीज को जीत के लिए 403 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए दूसरे टेस्ट मैच में हराया था। तीसरा टेस्ट मैच भी ड्रॉ रहा।
विज्ञापन


हार से गुस्साए वेस्टइंडीज के कप्तान क्लाइव लॉयड ने अपने तेज गेंदबाजों माइकल होल्डिंग, वॉयने डेनियल, बर्नार्ड जूलियन और वैनबर्न होल्डर को भारतीय बल्लेबाजों की बाउंसर और बीमर से खबर लेने को कहा। बाउंसर फेंकने का सिलसिला होल्डिंग ने शुरू किया जो गायकवाड़ पर हर ओवर में 3 बाउंसर कर रहे थे और उनकी अगुवाई में सुनील गावस्कर पर 4 बाउंसर और एक बीमर किया जा रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन


उस मैच में विकेटकीपर बल्लेबाज सैयद किरमानी ने बताया कि हर बाउंसर के साथ दर्शक चिल्लाते थे। किल हिम! इन्हें मार डालो, हिट हिम, इनके सिर पर मारो। जब भी बल्लेबाज को गेंद लगती वह बीयर केन के साथ उछलते, खुशी मनाते।

गेंदबाज राउंड द विकेट गेंदबाजी करते हुए कई गेंदे गायकवाड़ के कंधे और सीने पर मार चुके थे। इसके बाद जूलियन की एक गेंद पर गुंडप्पा विश्वनाथ की एक अंगुली टूट गई। लंबे संघर्ष के बाद अंततः गायकवाड़ के उलटे कान के पास गेंद लगी वह लहूलुहान होकर विकेट पर गिरे और अस्पताल ले जाए गए।

भारतीय कप्‍तान तो बल्‍लेबाजी को ही नहीं उतरे

bloody match between India And west indies.
इसके बाद ब्रजेश पटेल को होल्डर का बाउंसर लगा जो सीधा उनके मुंह पर लगा। इस पूरे मैच में भारत ने पहली पारी में 6 विकेट गवाएं जबकि दूसरी पारी में केवल 5। इसके बावजूद भारत 10 विकेट से हारा क्योंकि पिच भारतीय खिलाड़ियों के खून में रंगी थी।

दूसरी पारी में तो भारत का यह हाल था कि अंशुमान गायकवाड़, गुंडप्पा विश्वनाथ और ब्रजेश पटेल तो बल्लेबाजी करने के लिए मैदान में नहीं उतरे।

जब भारत को स्कोर 5 विकेट पर 97 रन था तब कप्तान बिशन सिंह बेदी ना तो खुद मैदान पर उतरे और ना ही उन्होने चंद्रशेखर को बल्लेबाजी करने भेजा। यह था वेस्टइंडीज की चौकड़ी का कहर।

उस टेस्ट मैच में पूर्व ऑलराउंडर मदन लाल भी मौजूद थे जो अपने करियर में पहली और आखिरी बार नंबर 4 पर खेले। मदन लाल कहते हैं कि तब ड्रेसिंग रूम में खौफ छाया था। विकेट भी बेहद तेज थी। भारत को हिलाने का शायद यही हथियार उनके पास था। तब तक क्रिकेट में हेलमेट भी नहीं आया था।

उस टेस्ट मैच में मोहिंदर अमरनाथ और दिलीप वैंगसरकर ने भी कई बाउंसर अपने शरीर पर झेले। इसके बाद वेस्टइंडीज ने तेज गेंदबाजी के दम पर ही 19 साल क्रिकेट पर एकछत्र राज किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Sports news in Hindi related to live update of Sports News, live scores and more cricket news etc. Stay updated with us for all breaking news from Sports and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed