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स्वदेश लौटी 'गोल्डन गर्ल' पीवी सिंधु का जोरदार स्वागत, बोलीं- लोग पूछने लगे हैं यह सवाल
Tue, 27 Aug 2019 05:52 AM IST
योगेश साहू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: योगेश साहू
Updated Tue, 27 Aug 2019 05:52 AM IST
सार
- 11 प्रमुख फाइनल पिछले तीन साल में हारने के बाद जीता कोई प्रतिष्ठित खिताब
- 42 साल में विश्व चैंपियनशिप की ट्रॉफी जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं
- बोलीं- राष्ट्रगान बजने के दौरान तिरंगा फहराते देख मैं अपने आंसू नहीं रोक पाई
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पीवी सिंधू
- फोटो : PTI
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विस्तार
वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचने वाली खिलाड़ी पीवी सिंधु सोमवार देर रात स्वदेश लौट आईं। नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनका जोरदार स्वागत किया हुआ। बता दें लगातार दो फाइनल हारने के बाद मिली जीत से बेहद उत्साहित सिंधु ने अपनी भावनाओं का इजहार सोशल मीडिया पर भी किया था।
स्वदेश लौटते ही सिंधु ने कहा कि मैं उम्मीद करती हूं कि देश के लिए ऐसे ही और मेडल भविष्य में भी जीतूंगी। साथ ही मैं अपने प्रशंसकों को धन्यवाद देना चाहती हूं। उन्होंने मुझे बहुत सारा प्यार और दुआएं दीं जिसकी वजह से मैं आज यहां हूं।
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इससे पहले पीवी सिंधु के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से बाहर आते ही जोरदार स्वागत हुआ। उन्हें फूलमालाएं पहनाई गईं। स्विटजरलैंड से जीतकर लौटीं सिंधु ने कहा कि यह मेरे लिए बहुत अहम पल हैं। मुझे अपने भारतीय होने पर बेहद गर्व महसूस हो रहा है। इसके साथ ही उन्होंने अब उनसे पूछे जा रहे सवाल के बारे में भी बताया।
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स्वदेश लौटते ही सिंधु ने कहा कि मैं उम्मीद करती हूं कि देश के लिए ऐसे ही और मेडल भविष्य में भी जीतूंगी। साथ ही मैं अपने प्रशंसकों को धन्यवाद देना चाहती हूं। उन्होंने मुझे बहुत सारा प्यार और दुआएं दीं जिसकी वजह से मैं आज यहां हूं।
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इससे पहले पीवी सिंधु के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से बाहर आते ही जोरदार स्वागत हुआ। उन्हें फूलमालाएं पहनाई गईं। स्विटजरलैंड से जीतकर लौटीं सिंधु ने कहा कि यह मेरे लिए बहुत अहम पल हैं। मुझे अपने भारतीय होने पर बेहद गर्व महसूस हो रहा है। इसके साथ ही उन्होंने अब उनसे पूछे जा रहे सवाल के बारे में भी बताया।
Delhi: #PVSindhu welcomed at IGI Airport on her return from Switzerland after winning the BWF World Championships, the first-ever Indian shuttler to achieve the feat; says, "a great moment for me. I am really very proud to be an Indian". pic.twitter.com/i5NkxHclaR
— ANI (@ANI) August 26, 2019
अभी से पूछने लगे हैं टोक्यो ओलंपिक के स्वर्ण के बारे में
सिंधू ने कहा, ‘लोग पहले ही पूछने लगे हैं सिंधू टोक्यो 2020 में स्वर्ण पदक को लेकर क्या विचार है? ओलंपिक काफी दूर नहीं है लेकिन इस समय मैं कदम दर कदम आगे बढ़ना चाहती हूं। मुझे पता है कि ओलंपिक क्वालिफिकेशन चल रहा है लेकिन उम्मीद करती हूं कि मैं अच्छा प्रदर्शन करूंगी। फिलहाल मैं सिर्फ इसका लुत्फ उठाना चाहती हूं और किसी और चीज के बारे में नहीं सोचना चाहती।’
पीवी सिंधू ने ये भी कहा कि जब मैंने राष्ष्ट्रगान बजने के दौरान तिरंगे फहराते देखा तो मैं अपने आंसू नहीं रोक पाई। विश्व चैंपियनशिप में की जीत के बारे में शब्द मेरी भावनाओं को व्यक्त नहीं कर सकते।
रैकेट से दिया जवाब
सिंधू ने कहा, ‘यह मेरा उन लोगों को जवाब है जो बार-बार सवाल पूछ रहे थे। मैं सिर्फ अपने रैकेट से जवाब देना चाहती थी। इस जीत के साथ मैं ऐसा करने में सफल रही। पहले विश्व चैंपियनशिप फाइनल के बाद मुझे काफी बुरा लग रहा था। पिछले साल मैं नाराज थी, दुखी थी। मैं भावनाओं से गुजर रही थी, खुद से पूछ रही थी ‘सिंधू तुम यह एक मैच क्यों नहीं जीत पा रही हो’? लेकिन आखिरकार मैंने खुद से अपना स्वाभाविक खेल दिखाने और चिंता नहीं करने को कहा और यह काम कर गया।’पीवी सिंधू ने ये भी कहा कि जब मैंने राष्ष्ट्रगान बजने के दौरान तिरंगे फहराते देखा तो मैं अपने आंसू नहीं रोक पाई। विश्व चैंपियनशिप में की जीत के बारे में शब्द मेरी भावनाओं को व्यक्त नहीं कर सकते।
इतना आसाना नहीं था सिल्वर से गोल्डन गर्ल बनना
सिल्वर गर्ल पीवी सिंधू अब गोल्डन गर्ल बन चुकी हैं। पर यह सब इतना आसान नहीं था। हर बार फाइनल में पहुंचकर खिताब से चूक जाने से 24 वर्षीय सिंधू निराश और दुखी थी। उस पर आलोचकों के तानों ने उन्हें और निराश कर दिया था। आमतौर पर एक, दो हार के बाद बड़े-बड़े दिग्गजों का हौसला टूटने लगता है।
वे अपनी राह से भटकने लगते हैं। पर यह सिंधू ही थीं जो न तो भटक सकती थीं और न हौसला खो सकती थीं। उन्हें जीतना था। अपने लिए ही नहीं देश के लिए भी। उनका निशाना मछली की आंख थी। पिछले तीन साल में 11 मेजर फाइनल हारने के बाद आखिरकार सिंधू ने रविवार को वो कर दिखाया जिसे आज तक कोई भारतीय शटलर नहीं कर पाया।
वह 42 वर्षों में विश्व चैंपियन बनने वाली पहली भारतीय शटलर बन गईं। जीत के बाद सिंधू ने कहा भी कि मेरे पास इस चैंपियनशिप के दो रजत, दो कांस्य पदक थे, पर आखिरकार मैं सोना जीतने में कामयाब रही।
वे अपनी राह से भटकने लगते हैं। पर यह सिंधू ही थीं जो न तो भटक सकती थीं और न हौसला खो सकती थीं। उन्हें जीतना था। अपने लिए ही नहीं देश के लिए भी। उनका निशाना मछली की आंख थी। पिछले तीन साल में 11 मेजर फाइनल हारने के बाद आखिरकार सिंधू ने रविवार को वो कर दिखाया जिसे आज तक कोई भारतीय शटलर नहीं कर पाया।
वह 42 वर्षों में विश्व चैंपियन बनने वाली पहली भारतीय शटलर बन गईं। जीत के बाद सिंधू ने कहा भी कि मेरे पास इस चैंपियनशिप के दो रजत, दो कांस्य पदक थे, पर आखिरकार मैं सोना जीतने में कामयाब रही।
रिकॉर्ड हार का बदला रिकॉर्ड जीत से
सिंधू को दो साल पहले जापानी खिलाड़ी नोजोमी ओकुहारा के खिलाफ 110 मिनट तक चले मैराथन फाइनल में हारकर रजत से संतोष करना पड़ा था। यह विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप के इतिहास का सबसे लंबा फाइनल था। सिंधू ने इस हार का बदला ओकुहारा को मात्र 38 मिनट मेें मात देकर ले लिया। यह इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप के सबसे कम समय तक चले फाइनल मुकाबलों में से एक था।
38.86 करोड़ की कमाई के साथ शीर्ष भारतीय एथलीट
रियो ओलंपिक की रजत पदक विजेता सिंधू सर्वाधिक कमाई करने वाली दुनिया की शीर्ष 15 एथलीटों में 13वें नंबर पर हैं। वह 38.86 करोड़ रुपये की कमाई के साथ सर्वाधिक कमाई करने वाली शीर्ष भारतीय महिला खिलाड़ी हैं।2016 ओलंपिक के बाद 11 फाइनल हारी थीं सिंधू
- ओलंपिक में कैरोलिना मारिन ने 19-21,21-12,21-15 से
- हांगकांग ओपन में ताई जू यिंग ने 21-15, 21-15 से
- विश्व चैंपियनशिप में नोजोमी ओकुहारा ने 21-19, 20-22, 22-20 से
- हांगकांग ओपन में ताई जू यिंग से हारीं 21-18, 21-18 से
- वर्ल्ड सुपर सीरीज फाइनल्स में अकाने यामागुची ने 15-21, 21-12, 21-19 से
- इंडिया ओपन में बेईवन झांग ने 21-18, 11-21, 22-20 से
- राष्ट्रमंडल खेलों में साइना नेहवाल ने 21-18, 23-21 से
- थाईलैंड ओपन में नोजोमी ओकुहारा ने 21-15, 21-18 से
- विश्व चैंपियनशिप्स में कैरोलिना मारिन ने 21-19, 21-10 से
- एशियाई खेलों में ताई जू यिंग ने 21-13, 21-16 से
- इंडोनेशिया ओपन में अकाने यामागुची ने 21-15, 21-16 से
PV Sindhu return from Switzerland welcomed at IGI Airport people asking her for tokyo olympic