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गोपी सर से हुई मुलाकात ने बदल दी मानसी की जिंदगी, कड़े प्रशिक्षण के बाद बनीं पैरा विश्व चैंपियन

Mon, 09 Sep 2019 08:22 AM IST
Rajeev Rai स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला Published by: Rajeev Rai Updated Mon, 09 Sep 2019 08:22 AM IST
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Pullela Gopichand helps and guide Manasi joshi in becoming para world badminton champion
मानसी जोशी - फोटो : social media

पैरा बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय खिलाड़ी मानसी जोशी की किस्मत पुलेला गोपीचंद से एक मुलाकात के बाद बदल गई, जहां इस खिलाड़ी ने राष्ट्रीय कोच को विश्व चैंपियन बनने के अपने सपने के बारे में बताया था। 30 साल की इस खिलाड़ी ने बासेल में हुई विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने से पहले 2017 में कांस्य, जबकि 2015 में मिश्रित युगल में रजत पदक जीता था। 

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बैंक में काम करने वाली इस खिलाड़ी को गोपीचंद की हैदराबाद अकादमी में प्रशिक्षण लेने का काफी फायदा मिला। उन्होंने कहा, ‘मैं अहमदाबाद में एक बैंक में काम कर रही थी, जहां हमारे पास एक बड़ा सभागार था। हमने इस सभागार को कार्यक्रम के लिए गुजरात खेल विश्वविद्यालय को किराए पर दिया था और इस कार्यक्रम में गोपी सर भी एक वक्ता थे। मानसी से कहा कि वह गोपीचंद से मिलने में झिझक रही थीं लेकिन उनके सहयोगियों ने जोर दिया कि उन्हें गोपी से मिलने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘मैंने लिफ्ट के पास गोपी सर को देखा और तुरंत उनके पास पहुंच कर पैरा खेलों के अलावा अपनी खेल यात्रा के बारे में उन्हें बताया। उस समय 2018 जकार्ता पैरा एशियाई खेलों में कुछ महीने का समय बाकी था और मैंने उन्हें अपनी योजना के बारे में बताया। वह इसके बाद हैदराबाद स्थित अकादमी में मुझे मौका देने के लिए तैयार हो गए।

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आठ साल पहले हादसे में गंवाया था पैर 

Pullela Gopichand helps and guide Manasi joshi in becoming para world badminton champion
मानसी जोशी - फोटो : social media

मानसी ने 2011 में एक सड़क दुर्घटना में अपना एक पैर हमेशा के लिए खो दिया लेकिन इससे भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल को जारी रखने का उनका सपना नहीं टूटा। मानसी को अपने सपने को पूरा करने के लिए एक अच्छे गुरु की तलाश थी जो द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता गोपीचंद से मिलने के बाद खत्म हुई। हैदराबाद में ही उनके पैर का प्रोस्थेटिक (कृत्रिम) प्रत्यारोपण किया गया।

कड़े प्रशिक्षण से गुजरीं 

उन्होंने बताया कि हैदराबाद अकादमी में उन्होंने कोच जे. राजेंद्र कुमार और फिटनेस ट्रेनर एल राजू की देख रेख में प्रशिक्षण शुरू किया। मानसी को यहां मुश्किल प्रशिक्षण सत्र से गुजरना पड़ा क्योंकि वह दौड़ने या साइकिल चलाने में सक्षम नहीं थी। इस प्रशिक्षण ने हालांकि उन्हें और मजबूत बनाया। 

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