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एशियन गेम्स 2026: 'तीन अंकों के बारे में सोचती रहती हूं', हार के बाद पीवी सिंधू ने क्यों उठाए शेड्यूल पर सवाल?
Mon, 28 Sep 2026 08:43 AM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, आइची नागोया
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, आइची नागोया
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Mon, 28 Sep 2026 08:43 AM IST
सार
पीवी सिंधू एशियन गेम्स के महिला एकल क्वार्टर फाइनल में चीन की चेन यूफेई से हारकर बाहर हो गईं। इसके बाद सिंधु ने सोशल मीडिया पोस्ट में व्यस्त शेड्यूल, कम रिकवरी समय और वीडियो रिव्यू सिस्टम की गैरमौजूदगी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि तीन अंक अब भी उनके दिमाग में घूम रहे हैं।
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पीवी सिंधू
- फोटो : ANI
विस्तार
भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू का एशियन गेम्स अभियान महिला एकल क्वार्टर फाइनल में हार के साथ खत्म हो गया। रविवार को सिंधू को चीन की विश्व नंबर-चार चेन यूफेई ने 21-11, 18-21, 10-21 से हराया। सिंधू ने पहला गेम आसानी से अपने नाम किया था, लेकिन दूसरे गेम में 18-18 के बाद मुकाबले का रुख बदल गया।
चेन ने लगातार तीन अंक लेकर 21-18 से दूसरा गेम जीत लिया और फिर निर्णायक गेम में 21-10 से मुकाबला अपने नाम कर लिया। सिंधू के लिए दूसरे गेम के वे तीन अंक अब भी सबसे बड़ा दर्द बने हुए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, ‘मेरा एशियन गेम्स अभियान खत्म हो गया है और मैं दर्द में हूं। क्वार्टर फाइनल जीतने से सिर्फ तीन अंक दूर थी। मैं बार-बार उन्हीं तीन अंकों के बारे में सोच रही हूं।’
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चेन ने लगातार तीन अंक लेकर 21-18 से दूसरा गेम जीत लिया और फिर निर्णायक गेम में 21-10 से मुकाबला अपने नाम कर लिया। सिंधू के लिए दूसरे गेम के वे तीन अंक अब भी सबसे बड़ा दर्द बने हुए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, ‘मेरा एशियन गेम्स अभियान खत्म हो गया है और मैं दर्द में हूं। क्वार्टर फाइनल जीतने से सिर्फ तीन अंक दूर थी। मैं बार-बार उन्हीं तीन अंकों के बारे में सोच रही हूं।’
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कोर्ट पर वीडियो रिव्यू नहीं मिलने से भी नाराजगी
सिंधू ने मैच में वीडियो रिव्यू सिस्टम की गैरमौजूदगी पर भी सवाल उठाया। उनका क्वार्टर फाइनल कोर्ट-4 पर खेला गया, जहां वीडियो रेफरल की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। एशियन गेम्स में यह सिस्टम सिर्फ कोर्ट-1 और कोर्ट-2 पर इस्तेमाल किया जा रहा था। सिंधू का मानना था कि कुछ करीबी लाइन कॉल उनके पक्ष में जा सकते थे और इससे दूसरे गेम का मोमेंटम भी बदल सकता था। हालांकि, कोर्ट-4 पर वीडियो रिव्यू उपलब्ध नहीं होने के कारण इन फैसलों की समीक्षा का विकल्प नहीं था।
सिंधू ने मैच में वीडियो रिव्यू सिस्टम की गैरमौजूदगी पर भी सवाल उठाया। उनका क्वार्टर फाइनल कोर्ट-4 पर खेला गया, जहां वीडियो रेफरल की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। एशियन गेम्स में यह सिस्टम सिर्फ कोर्ट-1 और कोर्ट-2 पर इस्तेमाल किया जा रहा था। सिंधू का मानना था कि कुछ करीबी लाइन कॉल उनके पक्ष में जा सकते थे और इससे दूसरे गेम का मोमेंटम भी बदल सकता था। हालांकि, कोर्ट-4 पर वीडियो रिव्यू उपलब्ध नहीं होने के कारण इन फैसलों की समीक्षा का विकल्प नहीं था।
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18 घंटे में तीन मैच, सिंधू बोलीं- इसका असर पड़ा
सिंधू ने व्यस्त कार्यक्रम को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने करीब 18 घंटे में तीन महिला एकल मुकाबले खेले। जापान की टोमोका मियाजाकी के खिलाफ उनका तीसरे दौर का मैच रविवार तड़के करीब 1:30 बजे खत्म हुआ। इसके बाद 12 घंटे से भी कम समय में उन्हें चेन यूफेई के खिलाफ क्वार्टर फाइनल खेलना पड़ा। सिंधू ने लिखा, ‘18 घंटे में तीन मैच। सुबह तीन बजे वापस आई और फिर 8:30 बजे बाहर निकलना पड़ा। इसका असर पड़ा।’ इस व्यस्त कार्यक्रम का असर अन्य खिलाड़ियों पर भी पड़ा। भारत की उन्नति हुड्डा ने भी करीब 26 घंटे में तीन मैच खेले और क्वार्टर फाइनल में जापान की अकाने यामागुची से हार गईं।
सिंधू ने व्यस्त कार्यक्रम को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने करीब 18 घंटे में तीन महिला एकल मुकाबले खेले। जापान की टोमोका मियाजाकी के खिलाफ उनका तीसरे दौर का मैच रविवार तड़के करीब 1:30 बजे खत्म हुआ। इसके बाद 12 घंटे से भी कम समय में उन्हें चेन यूफेई के खिलाफ क्वार्टर फाइनल खेलना पड़ा। सिंधू ने लिखा, ‘18 घंटे में तीन मैच। सुबह तीन बजे वापस आई और फिर 8:30 बजे बाहर निकलना पड़ा। इसका असर पड़ा।’ इस व्यस्त कार्यक्रम का असर अन्य खिलाड़ियों पर भी पड़ा। भारत की उन्नति हुड्डा ने भी करीब 26 घंटे में तीन मैच खेले और क्वार्टर फाइनल में जापान की अकाने यामागुची से हार गईं।
सिंधू बोलीं- एक हार मेरी यात्रा तय नहीं कर सकती
एशियन गेम्स में शेड्यूल को लेकर चीन की महिला युगल विश्व नंबर-1 खिलाड़ी तान निंग और भारत के एचएस प्रणय भी सवाल उठा चुके हैं। तान निंग ने कार्यक्रम को अनुचित बताया था, जबकि प्रणय ने खासकर टीम इवेंट खेलने वाले खिलाड़ियों के लिए कम रिकवरी समय पर चिंता जताई थी। हालांकि, सिंधू ने अपने चौथे एशियन गेम्स अभियान को लेकर गर्व भी जताया। उन्होंने लिखा, ‘2014 में अपने पहले एशियन गेम्स से लेकर अब अपने चौथे एशियन गेम्स तक, 12 साल भारत के लिए अपना सबकुछ दिया है।’ उन्होंने कहा, ‘एक दर्दनाक नतीजा उस सफर को परिभाषित नहीं कर सकता, जो मेरे लिए इतना मायने रखता है।’
एशियन गेम्स में शेड्यूल को लेकर चीन की महिला युगल विश्व नंबर-1 खिलाड़ी तान निंग और भारत के एचएस प्रणय भी सवाल उठा चुके हैं। तान निंग ने कार्यक्रम को अनुचित बताया था, जबकि प्रणय ने खासकर टीम इवेंट खेलने वाले खिलाड़ियों के लिए कम रिकवरी समय पर चिंता जताई थी। हालांकि, सिंधू ने अपने चौथे एशियन गेम्स अभियान को लेकर गर्व भी जताया। उन्होंने लिखा, ‘2014 में अपने पहले एशियन गेम्स से लेकर अब अपने चौथे एशियन गेम्स तक, 12 साल भारत के लिए अपना सबकुछ दिया है।’ उन्होंने कहा, ‘एक दर्दनाक नतीजा उस सफर को परिभाषित नहीं कर सकता, जो मेरे लिए इतना मायने रखता है।’
‘मैं अभी भी यही चाहती हूं’
सिंधू ने साफ किया कि क्वार्टर फाइनल की हार से उनकी आगे खेलने की इच्छा कम नहीं हुई है। उन्होंने लिखा, ‘मेरी टीम और मैं उन पलों को बेहतर करने पर पहले से काम कर रहे हैं। हम इसे ठीक करेंगे।’ सिंधू ने अंत में कहा, ‘मैं दर्द में हूं, लेकिन यह ठीक है। मुझे खुशी है कि यह अब भी इतना मायने रखता है कि मुझे इतना दर्द हो रहा है। मैं अभी भी यही चाहती हूं। मैं अब भी कोर्ट पर अपना सबकुछ देती हूं।’ एशियन गेम्स में बैडमिंटन के व्यक्तिगत मुकाबलों में भारत का अभियान 12 साल में पहली बार बिना पदक के खत्म हुआ। आइची-नागोया में पुरुष टीम का कांस्य पदक भारत का इस बार बैडमिंटन में एकमात्र पदक रहा।
सिंधू ने साफ किया कि क्वार्टर फाइनल की हार से उनकी आगे खेलने की इच्छा कम नहीं हुई है। उन्होंने लिखा, ‘मेरी टीम और मैं उन पलों को बेहतर करने पर पहले से काम कर रहे हैं। हम इसे ठीक करेंगे।’ सिंधू ने अंत में कहा, ‘मैं दर्द में हूं, लेकिन यह ठीक है। मुझे खुशी है कि यह अब भी इतना मायने रखता है कि मुझे इतना दर्द हो रहा है। मैं अभी भी यही चाहती हूं। मैं अब भी कोर्ट पर अपना सबकुछ देती हूं।’ एशियन गेम्स में बैडमिंटन के व्यक्तिगत मुकाबलों में भारत का अभियान 12 साल में पहली बार बिना पदक के खत्म हुआ। आइची-नागोया में पुरुष टीम का कांस्य पदक भारत का इस बार बैडमिंटन में एकमात्र पदक रहा।