BWF World Championship: ब्रॉन्ज से नाखुश लक्ष्य ने कही ये बड़ी बात, इस टूर्नामेंट को जीतने की भी इच्छा जताई
अल्मोड़ा के 20 साल के स्टार शटलर लक्ष्य को बीडब्लूएफ विश्व चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में भारत के ही किदांबी श्रीकांत के हाथों 17-21, 21-14, 21-17 से हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि, लक्ष्य ब्रॉन्ज जीतकर भी कई रिकॉर्ड अपने नाम किए थे।
विस्तार
20 साल में स्टार शटलर बने लक्ष्य
अल्मोड़ा के 20 साल के स्टार शटलर लक्ष्य को बीडब्लूएफ विश्व चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में भारत के ही किदांबी श्रीकांत के हाथों 17-21, 21-14, 21-17 से हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि, लक्ष्य ब्रॉन्ज जीतकर भी कई रिकॉर्ड अपने नाम किए थे। वह प्रकाश पादुकोण और बी साई प्रणीत के बाद मेडल जीतने वाले तीसरे पुरुष खिलाड़ी हैं। साथ ही इस टूर्नामेंट में मेडल जीतने वाले सबसे युवा पुरुष खिलाड़ी भी बन गए।
Heartiest congratulations to @lakshya_sen on bagging 🥉at the #BWFWorldChampionships2021
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Lakshya won his maiden 🏅 & 🇮🇳's 11th medal at the C'ships
Absolutely gritty performances by the debutant throughout the event. Proud of you🙂
Keep going upwards 🔝👍
📸 Badminton Photo pic.twitter.com/8L8fHj6vY4— SAI Media (@Media_SAI) December 19, 2021
लक्ष्य ने कहा- यह एक लंबा टूर्नामेंट था। मैं ब्रॉन्ज जीतकर खुश नहीं हूं। मुझे सेमीफाइनल में अपने प्रदर्शन के बाद संतुष्टी भी नहीं हो रही। दरअसल पहला गेम जीतने के बाद आखिरी गेम में लक्ष्य ने 15-13 की बढ़त ले ली थी, लेकिन श्रीकांत ने वापसी की और मैच जीत लिया। लक्ष्य ने कहा कि मैंने कई अच्छे मैच खेले और कई बार मुश्किलों का सामना किया। सेमीफाइनल किसी तरफ भी घूम सकता था। मैं अब अपने प्रदर्शन को सुधारने पर जोर दूंगा। अगली बार मैं गोल्ड के लिए खेलूंगा।
प्रकाश की तरह मेडल जीतना लक्ष्य
बैडमिंटन के पूर्व दिग्गज प्रकाश पादुकोण लक्ष्य के मेंटर भी हैं। इस युवा शटलर ने कहा कि यह अच्छी बात है कि अपने पहले विश्व चैंपियनशिप में मैं सेमीफाइनल तक पहुंचा और प्रकाश सर के क्लब में शामिल हुआ। हालांकि, अब मैं उनकी तरह कई और टूर्नामेंट्स में मेडल जीतना चाहता हूं। खास तौर पर मैं प्रकाश पादुकोण की तरह ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप जीतना चाहता हूं। इस ब्रॉन्ज से मुझे हिम्मत मिलेगी।
चोटिल कंधे के साथ कोर्ट में उतरे थे
लक्ष्य इस टूर्नामेंट में चोटिल कंधे और घुटने के साथ कोर्ट में उतरे थे। हालांकि, उन्होंने इसे अपनी कामयाबी के सामने नहीं आने दिया। सेमीफाइनल से पहले लक्ष्य ने कई मुश्किल मैचों का सामना किया। इसमें चीन के झाओ जुन पेंग के खिलाफ क्वार्टरफाइनल मैच शामिल है, जो कि तीन सेट में गया था। आखिरी सेट में लक्ष्य ने लगातार तीन पॉइंट हासिल कर मैच जीता था।
'World Championships Bronze Medalist' has a nice ring to it ☺️
— BAI Media (@BAI_Media) December 18, 2021
Congratulations @lakshya_sen on this amazing feat, you have been phenomenal!
Way to go! 🔥 🔝 #BWFWorldChampionships2021#IndiaontheRise#Badminton
📸 Badminton Photo pic.twitter.com/HuFlgI3wSZ
लक्ष्य ने कहा- जब आप तीन सेट खेलते हैं, तो मुश्किलें बढ़ जाती हैं। सेमीफाइनल में भी ऐसा ही हुआ। श्रीकांत को मेरी तुलना में क्वार्टरफाइनल में आसान जीत मिली थी और वह रिफ्रेश थे। हालांकि, मुझे अपना बेस्ट देना ही थी। लक्ष्य को उम्मीद है कि इस टूर्नामेंट के बाद मिलने वाले ब्रेक में वह कंधे और घुटने के चोट से रिकवर कर जाएंगे।
ब्रेक में खुद को पूरी तरह से फिट करूंगा
लक्ष्य ने कहा- मुझे हाइलो ओपन के दौरान डाइव लगाते वक्त घुटने में चोट लगी थी। मुझे दर्द तो होता है, लेकिन मैंने इसे मैनेज किया। कंधे का ध्यान रखकर ही मैंने कई स्मैश शॉट लगाए। अब मैं ब्रेक में इन सभी को ठीक करूंगा और जोरदार वापसी करूंगा।
टॉप-10 में पहुंचना चाहते हैं लक्ष्य
लक्ष्य ने कहा- ब्रेक के बाद मैं ट्रेनिंग सेशन में हिस्सा लूंगा। अगले सीजन की शुरुआत इंडिया ओपन और सैयद मोदी टूर्नामेंट से होनी है। इसके बाद कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स और ऑल इंग्लैंड खेला जाना है। मैं इन सभी टूर्नामेंट्स में अच्छा प्रदर्शन करना चाहता हूं। लक्ष्य इसी साल टॉप-20 रैंकिंग में शामिल हुए हैं। अब वह टॉप-10 में पहुंचने को अपना लक्ष्य बना चुके हैं।