विश्व चैम्पियनशिप में सोना जीतने के लिए जमकर मेहनत कर रही हैं पीवी सिंधु
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ओलंपिक रजत पदक विजेता ने शुक्रवार को कहा कि अगले हफ्ते होने वाली विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने की तैयारी कर रही हैं। इसके लिए वह अपनी फिटनेस और डिफेंस सुधारने पर काम कर रही हैं। सिंधु विश्व चैम्पियनशिप में निरंतर अच्छा प्रदर्शन करती रही हैं और पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने दो रजत और दो कांस्य पदक तो जीते हैं, लेकिन स्वर्ण पदक नहीं हासिल कर पाई हैं।
24 साल की शीर्ष भारतीय खिलाड़ी सिंधु 19 अगस्त से स्विट्जरलैंड के बासेल में शुरू होने वाली विश्व चैम्पियनशिप में देश की अगुआई के दौरान उनसे फिर से बड़ी उम्मीद होंगी। वह 2017 और 2018 विश्व चैम्पियनशिप के फाइनल में क्रमश: जापान की नोजोमी ओकुहारा और स्पेन की कैरोलिना मारिन से हार गई थीं।
यह पूछने पर कि क्या वह तीसरी बार भाग्यशाली रहेंगी, तो सिंधू ने जवाब दिया कि, 'मैंने कड़ी ट्रेनिंग की है और उम्मीद कर रही हूं कि मैं अच्छा कर सकूं। मुझे बेहतर खेल दिखाना होगा, लेकिन इसको लेकर मेरे उपर कोई दबाव नहीं है।’
उन्होंने कहा कि 'मैं अपने डिफेंस, शारीरिक फिटनेस पर और कोर्ट के अंदर के कौशल पर भी काम कर रही हूं। हमारे पास सभी तरह के स्ट्रोक्स हैं, लेकिन सुधार करने के लिए हमें ट्रेनिंग करते रहना चाहिए। इसलिए खुद को ‘परफेक्ट’ बनाए रखने के लिए मुझे हर समय ऐसा करना होता है।’
सिंधू ने कहा कि यह जानना अहम है कि सही समय पर कौन सा स्ट्रोक खेला जाए, कभी कभार आप थक जाते हो और आपको पता नहीं चलता, लेकिन एक खिलाड़ी के तौर पर आपको जानने की जरूरत होती है कि मुश्किल परिस्थितियों में कौन सा स्ट्रोक खेला जाए।
मैं यामागुची की आक्रामकता से हैरान नहीं थी
जापान की अकाने यामागुची ने साल के अंतिम दो टूर्नामेंट इंडोनेशिया और जापान में सिंधु की आक्रामक रणनीति को रोका। यह पूछने पर कि क्या दुनिया की नंबर एक यामागुची विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक की उम्मीद में सबसे बड़ा खतरा होंगी तो उन्होंने कहा कि मुझे ऐसा नहीं लगता है, मैंने इंडोनेशिया में उनके खिलाफ अच्छा खेली, लेकिन उन्होंने जरूर मुझसे बेहतर उस दिन खेला। वह अच्छा आक्रमण कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि, मैं यामागुची की आक्रामकता से हैरान नहीं थी। मैं तैयार थी, अगर मैंने पहला गेम जीता होता तो शायद चीजें कुछ अलग हो सकती थीं। सिंधु को विश्व चैम्पियनशिप में पांचवीं वरीयता मिली है और पहले दौर में बाई मिली है।
वह अपने अभियान की शुरूआत चीनी ताइपे की पाई यु पो या बुल्गारिया की लिंडा जेचिरी के खिलाफ कर सकती हैं। अगर वह जीत जाती हैं तो तीसरे दौर में अमेरिका की बेईवेन झांग से भिड़ सकती हैं। जबकि क्वार्टरफाइनल में वह चीनी ताइपे की ताई जु यिंग के सामने हो सकती हैं।
उन्होंने कहा कि विश्व चैम्पियनशिप में पहले दौर से ही चीजें मुश्किल होंगी। अगर आप ड्रा देखोगे तो मैं चीनी ताइपे की खिलाड़ी से खेल रही हूं, फिर बेईवेन से भिड़ सकती हूं। अगर जीत गई तो मुझे क्वार्टर में ताई जु यिंग से खेलना होगा। मुझे हर मैच पर ध्यान लगाना होगा क्योंकि कुछ भी हो सकता है।