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भारतीय बैडमिंटन संघ: घरेलू सत्र में बदलाव की घोषणा, मार्च 2022 तक राष्ट्रीय रैंकिंग टूर्नामेंट होंगे चयन ट्रायल
Mon, 22 Nov 2021 10:46 PM IST
Rajeev Rai
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Rajeev Rai
Updated Mon, 22 Nov 2021 10:46 PM IST
सार
भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) ने राष्ट्रीय रैंकिंग टूर्नामेंट में बड़े बदलाव की घोषणा की है। बीएआई ने सोमवार को बताया कि अगले साल मार्च तक होने वाले सभी राष्ट्रीय रैंकिंग टूर्नामेंट अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भागीदारी के लिए चयन ट्रायल होंगे।
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बैडमिंटन
- फोटो : social media
विस्तार
भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) ने राष्ट्रीय रैंकिंग टूर्नामेंट में बड़े बदलाव की घोषणा की है। बीएआई ने सोमवार को बताया कि अगले साल मार्च तक होने वाले सभी राष्ट्रीय रैंकिंग टूर्नामेंट अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भागीदारी के लिए चयन ट्रायल होंगे।
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खेल की शीर्ष ईकाई ने यह भी कहा कि आगामी सीनियर और जूनियर टूर्नामेंटों में खिलाड़ियों की भागीदारी अनिवार्य है और सभी खिलाड़ियों के प्रदर्शन की हर छह महीने में समीक्षा की जाएगी।
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गौरतलब है कि कोरोना महामारी के दौर में 20 महीने के ब्रेक के बाद घरेलू बैडमिंटन सत्र दिसंबर में दो अखिल भारतीय सीनियर रैंकिंग टूर्नामेंटों के जरिए शुरू हो रहा है। दो सीनियर रैंकिंग टूर्नामेंट चेन्नई और हैदराबाद में खेले जाएंगे जिसके बाद अंडर-15, अंडर-17 और अंडर-19 टूर्नामेंट अगले साल जनवरी में पंचकूला में होंगे। तीसरा सीनियर रैंकिंग टूर्नामेंट छत्तीसगढ में मार्च 2022 में होगा।
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बीएआई महासचिव अजय सिंघानिया ने कहा कि एलीट स्तर के खिलाड़ियों के लिए कुछ छूट रहेगी। उन्होंने कहा, ‘हमने पहले भी शीर्ष खिलाड़ियों को छूट दी है और इस बार भी देंगे।’
उन्होंने कहा, ‘कोरोना महामारी के कारण घरेलू बैडमिंटन 20 महीने तक नहीं हो सका। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग के आधार पर ही चयन मौजूदा हालात में सही नहीं है। हम पारदर्शी टूर्नामेंट और ट्रायल के जरिए खिलाड़ियों के प्रदर्शन और फिटनेस के स्तर की हर छह महीने में समीक्षा करना चाहते हैं ताकि तरोताजा और योग्य प्रतिभाओं को शिविर और टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना (टॉप्स) में जगह मिल सके।’