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बबिता ने जीता वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 29 Sep 2012 12:34 AM IST
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गीता के बाद हिसार जिले में पड़ते बलाली गांव के महावीर सिंह की एक और बेटी बबिता ने शुक्रवार को बड़े कारनामे को अंजाम दे डाला। बबिता ने एडमंटन (कनाडा) में खेली जा रही वर्ल्ड चैंपियनशिप में 51 किलो वर्ग में कांस्य पदक जीत लिया है।
यूपी की अल्का तोमर के बाद यह उपलब्धि पाने वाली वह देश की दूसरी महिला पहलवान हैं। हालांकि दुर्भाग्य यह रहा कि हरियाणा की शिल्पी शेओरान 59 किलो में और पंजाब की नवजोत कौर 67 किलो में कांस्य पदक से चूक गईं। दोनों पहलवान कांस्य पदक की बाउट हारकर पांचवें स्थान पर रहीं।
गीता की छोटी बहन बबिता की यह पहली वर्ल्ड चैंपियनशिप है। साथ ही 51 किलो भार में पहला बड़ा टूर्नामेंट। लेकिन इस पहलवान ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए पहले राउंड में चीनी ताइपे की चू सिन जू को 6-0, 5-0 से हराया। अगले राउंड में उसके सामने जापानी रिसाको कवाई थीं।
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यहां वह पहला दौर 0-7 से हार गईं। लेकिन अगले दोनों दौर उन्होंने 1-0, 4-0 से जीतकर सेमीफाइनल में जगह बनाई, जहां उनका सामना कनाडा की जेसिका एना मेरी मैकडोनाल्ड बांडी से था। लेकिन यहां वह आसानी से सीधे दो दौर में हार गईं। उनके फाइनल में पहुंचने पर वह रेपीचेज राउंड में आ गईं।
यहां उन्हें सीधे फाइनल में प्रवेश मिला। जहां उनके सामने रूसी जामिरा राखमोनोवा थीं। पहले दौर में वह आसानी से 0-6 से हार गईं लेकिन अगले दोनों दौर में उन्होंने गजब की वापसी करते हुए 6-3, 6-0 से जीत हासिल कर इतिहास रच डाला।
शिल्पी शेओरान को रेपीचेज के फाइनल में मंगोलिया की मुंखतूया तुंगालाग ने कड़े मुकाबले में हराया जबकि नवजोत कौर को रेपीचेज के फाइनल में जापानी योशिको इनोऊ ने पराजित किया। 55 किलो में गीता, 48 किलो में प्रियंका सिंह, 63 किलो साक्षी मलिक और 72 किलो में गुरशरणप्रीत कौर के मुकाबले होने बाकी हैं।
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यूपी की अल्का तोमर के बाद यह उपलब्धि पाने वाली वह देश की दूसरी महिला पहलवान हैं। हालांकि दुर्भाग्य यह रहा कि हरियाणा की शिल्पी शेओरान 59 किलो में और पंजाब की नवजोत कौर 67 किलो में कांस्य पदक से चूक गईं। दोनों पहलवान कांस्य पदक की बाउट हारकर पांचवें स्थान पर रहीं।
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गीता की छोटी बहन बबिता की यह पहली वर्ल्ड चैंपियनशिप है। साथ ही 51 किलो भार में पहला बड़ा टूर्नामेंट। लेकिन इस पहलवान ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए पहले राउंड में चीनी ताइपे की चू सिन जू को 6-0, 5-0 से हराया। अगले राउंड में उसके सामने जापानी रिसाको कवाई थीं।
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यहां वह पहला दौर 0-7 से हार गईं। लेकिन अगले दोनों दौर उन्होंने 1-0, 4-0 से जीतकर सेमीफाइनल में जगह बनाई, जहां उनका सामना कनाडा की जेसिका एना मेरी मैकडोनाल्ड बांडी से था। लेकिन यहां वह आसानी से सीधे दो दौर में हार गईं। उनके फाइनल में पहुंचने पर वह रेपीचेज राउंड में आ गईं।
यहां उन्हें सीधे फाइनल में प्रवेश मिला। जहां उनके सामने रूसी जामिरा राखमोनोवा थीं। पहले दौर में वह आसानी से 0-6 से हार गईं लेकिन अगले दोनों दौर में उन्होंने गजब की वापसी करते हुए 6-3, 6-0 से जीत हासिल कर इतिहास रच डाला।
शिल्पी शेओरान को रेपीचेज के फाइनल में मंगोलिया की मुंखतूया तुंगालाग ने कड़े मुकाबले में हराया जबकि नवजोत कौर को रेपीचेज के फाइनल में जापानी योशिको इनोऊ ने पराजित किया। 55 किलो में गीता, 48 किलो में प्रियंका सिंह, 63 किलो साक्षी मलिक और 72 किलो में गुरशरणप्रीत कौर के मुकाबले होने बाकी हैं।