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Avani Lekhara: अवनि ने दोहराया टोक्यो का प्रदर्शन, पेरिस में जीता स्वर्ण, बोलीं- महिलाओं के लिए तोड़े बैरियर
Fri, 30 Aug 2024 11:24 PM IST
Mayank Tripathi
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
Published by: Mayank Tripathi
Updated Fri, 30 Aug 2024 11:24 PM IST
सार
अवनि ने टोक्यो पैरालंपिक में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में अपने स्वर्ण पदक का सफलतापूर्वक बचाव किया। उन्होंने फाइनल में 249.7 के रिकॉर्ड स्कोर के साथ जीत हासिल की जबकि मोना अग्रवाल ने कांस्य पदक जीता।
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अवनि लेखरा
- फोटो : @India_AllSports
विस्तार
पैरा शूटर अवनि लेखरा ने शुक्रवार को पेरिस पैरालंपिक में टोक्यो का प्रदर्शन दोहराया। उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर भारतवासियों को गौरवान्वित किया। अवनि ने दूसरे दिन ही महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 स्पर्धा में भारत को स्वर्ण पदक दिलाया। इस तरह भारत का पेरिस पैरालंपिक में शानदार आगाज हुआ है। इस जीत के बाद उन्होंने कहा कि इसने भारत में महिला खिलाड़ियों के लिए बैरियर तोड़ दिए हैं।
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अवनि ने जीता स्वर्ण
अवनि ने टोक्यो पैरालंपिक में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में अपने स्वर्ण पदक का सफलतापूर्वक बचाव किया। उन्होंने फाइनल में 249.7 के रिकॉर्ड स्कोर के साथ जीत हासिल की जबकि मोना अग्रवाल ने कांस्य पदक जीता। जीत के बाद उन्होंने अपना अनुभव साझा किया।
अवनि ने टोक्यो पैरालंपिक में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में अपने स्वर्ण पदक का सफलतापूर्वक बचाव किया। उन्होंने फाइनल में 249.7 के रिकॉर्ड स्कोर के साथ जीत हासिल की जबकि मोना अग्रवाल ने कांस्य पदक जीता। जीत के बाद उन्होंने अपना अनुभव साझा किया।
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'महिलाएं भी स्वर्ण जीत सकती हैं'
अवनि ने कहा- मैंने कभी नहीं सोचा था। मैं बस दिन में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के बारे में सोच रही थी। मुझे खुशी है कि मैं अपने देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने में सफल रही। इसने देश की अन्य महिलाओं के लिए बैरियर तोड़ दिया। वे अब सोच सकती हैं कि ‘भारत में महिलाएं भी स्वर्ण जीत सकती हैं’। मैं आभारी हूं कि मैं ऐसा करने वाली पहली महिला हूं।
अवनि ने कहा- मैंने कभी नहीं सोचा था। मैं बस दिन में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के बारे में सोच रही थी। मुझे खुशी है कि मैं अपने देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने में सफल रही। इसने देश की अन्य महिलाओं के लिए बैरियर तोड़ दिया। वे अब सोच सकती हैं कि ‘भारत में महिलाएं भी स्वर्ण जीत सकती हैं’। मैं आभारी हूं कि मैं ऐसा करने वाली पहली महिला हूं।
सर्जरी पर भी अवनि ने की चर्चा
अवनि ने बताया कि उनके लिए इस साल की शुरुआत में एक सर्जरी की चुनौती से पार पाना चुनौतीपूर्ण रहा। उन्होंने पित्ताशय की सर्जरी के विषय में बात करते हुए कहा- मार्च में मेरी सर्जरी हुई थी और मैं रेंज से बाहर थी, मैं अभ्यास नहीं कर रही थी। मानसिक रूप से इसने मुझे परेशान किया क्योंकि मैं पैरालंपिक से कुछ महीने पहले ट्रेनिंग नहीं ले रही थी। अभी मुझे और स्पर्धायें खेलनी हैं और मैं सभी में अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहती हूं, देखते हैं क्या होता है।
अवनि ने बताया कि उनके लिए इस साल की शुरुआत में एक सर्जरी की चुनौती से पार पाना चुनौतीपूर्ण रहा। उन्होंने पित्ताशय की सर्जरी के विषय में बात करते हुए कहा- मार्च में मेरी सर्जरी हुई थी और मैं रेंज से बाहर थी, मैं अभ्यास नहीं कर रही थी। मानसिक रूप से इसने मुझे परेशान किया क्योंकि मैं पैरालंपिक से कुछ महीने पहले ट्रेनिंग नहीं ले रही थी। अभी मुझे और स्पर्धायें खेलनी हैं और मैं सभी में अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहती हूं, देखते हैं क्या होता है।