{"_id":"66d73302af4f89cdaf035a2d","slug":"avani-lekhara-finished-fifth-in-50-meter-rifle-three-positions-event-missed-her-second-paralympic-medal-2024-09-03","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Paralympics: निशानेबाज अवनि लेखरा दूसरा पदक जीतने से चूकीं, 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस में इस स्थान पर रहीं","category":{"title":"Sports","title_hn":"खेल","slug":"sports"}}
Paralympics: निशानेबाज अवनि लेखरा दूसरा पदक जीतने से चूकीं, 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस में इस स्थान पर रहीं
Tue, 03 Sep 2024 09:32 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Tue, 03 Sep 2024 09:32 PM IST
सार
अवनि ने अच्छी शुरुआत की थी लेकिन वह प्रोन चरण के बाद छठे स्थान पर खिसक गईं। व्हीलचेयर पर निर्भरता के कारण प्रोन निशानेबाजी उनका मजबूत पक्ष नहीं है। उन्होंने इसके बाद स्टैंडिंग चरण में वापसी की कोशिश की लेकिन 8.3 अंक वाला एक निशाना साधने के बाद वह पिछड़ गईं।
विज्ञापन
अवनि लेखरा
- फोटो : Twitter
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत की अनुभवी पैरा निशानेबाज अवनि लेखरा पेरिस पैरालंपिक में महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस एसएच1 स्पर्धा के फाइनल में मंगलवार को पांचवें स्थान पर रहीं। राजस्थान की 22 साल की यह निशानेबाज कार दुर्घटना में कमर के नीचे के हिस्से में लकवा मारने के कारण 11 साल की उम्र से व्हीलचेयर पर निर्भर हैं। उन्होंने आठ खिलाड़ियों के फाइनल में नीलिंग, प्रोन और स्टैंडिंग में 420.6 अंक के साथ पांचवें स्थान पर रहते हुए अपना अभियान खत्म किया।
विज्ञापन
अच्छी शुरुआत को बरकरार नहीं रख सकीं अवनि
अवनि ने अच्छी शुरुआत की थी लेकिन वह प्रोन चरण के बाद छठे स्थान पर खिसक गईं। व्हीलचेयर पर निर्भरता के कारण प्रोन निशानेबाजी उनका मजबूत पक्ष नहीं है। उन्होंने इसके बाद स्टैंडिंग चरण में वापसी की कोशिश की लेकिन 8.3 अंक वाला एक निशाना साधने के बाद वह पिछड़ गईं। एसएच1 में खिलाड़ी बिना किसी मुश्किल के बंदूक पकड़ सकते हैं तथा खड़े होकर या बैठकर निशाना लगा सकते हैं। अविन ने इससे पहले पेरिस पैरालंपिक में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल (एसएच1) स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता था।
अवनि ने अच्छी शुरुआत की थी लेकिन वह प्रोन चरण के बाद छठे स्थान पर खिसक गईं। व्हीलचेयर पर निर्भरता के कारण प्रोन निशानेबाजी उनका मजबूत पक्ष नहीं है। उन्होंने इसके बाद स्टैंडिंग चरण में वापसी की कोशिश की लेकिन 8.3 अंक वाला एक निशाना साधने के बाद वह पिछड़ गईं। एसएच1 में खिलाड़ी बिना किसी मुश्किल के बंदूक पकड़ सकते हैं तथा खड़े होकर या बैठकर निशाना लगा सकते हैं। अविन ने इससे पहले पेरिस पैरालंपिक में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल (एसएच1) स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता था।
विज्ञापन
विज्ञापन
सातवें स्थान पर रहकर फाइनल के लिए क्वालिफाई किया था
इससे पहले क्वालिफाइंग चरण में अवनि ने नीलिंग, प्रोन और स्टैंडिंग में 1159 स्कोर के साथ सातवें स्थान पर रहते हुए फाइनल के लिए क्वालिफाई किया था। इस स्पर्धा में भारत की एक अन्य निशानेबाज मोना अग्रवाल क्वालिफाइंग में 13वें स्थान पर रहते हुए खिताबी मुकाबले से बाहर हो गई थी। मोना ने कुल 1147 का स्कोर बनाया था। अवनि ने महिलाओं की 10 मीटर राइफल एसएच 1 की जिस स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था उसमें मोना को कांस्य पदक मिला था। अवनि ने टोक्यो पैरालंपिक में भी इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता था और अपना खिताब बरकरार रखने वाली वह पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई थीं।
इससे पहले क्वालिफाइंग चरण में अवनि ने नीलिंग, प्रोन और स्टैंडिंग में 1159 स्कोर के साथ सातवें स्थान पर रहते हुए फाइनल के लिए क्वालिफाई किया था। इस स्पर्धा में भारत की एक अन्य निशानेबाज मोना अग्रवाल क्वालिफाइंग में 13वें स्थान पर रहते हुए खिताबी मुकाबले से बाहर हो गई थी। मोना ने कुल 1147 का स्कोर बनाया था। अवनि ने महिलाओं की 10 मीटर राइफल एसएच 1 की जिस स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था उसमें मोना को कांस्य पदक मिला था। अवनि ने टोक्यो पैरालंपिक में भी इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता था और अपना खिताब बरकरार रखने वाली वह पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई थीं।