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एशियन गेम्स: सुजीत, अंतिम और अमन सहरावत को कुश्ती में मिला कठिन ड्रॉ, पदक के लिए चुनौतीपूर्ण होंगी राहें

Tue, 29 Sep 2026 04:19 PM IST
शोभित चतुर्वेदी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नागोया
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नागोया Published by: शोभित चतुर्वेदी Updated Tue, 29 Sep 2026 04:19 PM IST
सार

एशियन गेम्स 2026 में अब कुश्ती की स्पर्धाएं शुरू होने जा रही हैं। भारत को कुश्ती में अधिक से अधिक पदक जीतने की उम्मीद है। हालांकि, पदक के सबसे बड़े दावेदार सुजीत कलकर, अंतिम पंघाल और अमन सहरावत को कठिन ड्रॉ मिले हैं।

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Asian Games Wrestling events draw Sujeet Kalkal, Antim Panghal and Aman Sehrawat at spotlight
अमन सहरावत - फोटो : PTI

विस्तार

सुजीत कलकल की शानदार लय, अंतिम पंघाल की वापसी की कोशिश और ओलंपिक कांस्य पदक विजेता अमन सहरावत की एशियाई खेलों में वापसी भारतीय कुश्ती अभियान के प्रमुख आकर्षण होंगे लेकिन मुश्किल ड्रॉ के कारण तीनों पहलवानों के लिए पदक की राह चुनौतीपूर्ण होगी। कुश्ती प्रतियोगिता में प्रत्येक भार वर्ग के मुकाबले एक ही दिन होंगे। यानी क्वालीफिकेशन, सेमीफाइनल और पदक मुकाबले उसी दिन आयोजित किए जाएंगे।
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सुजीत से पदक लाने की उम्मीद
सुजीत 65 किग्रा फ्रीस्टाइल में भारत की सबसे शानदार फॉर्म वाले पहलवान के रूप में जापान पहुंचे हैं। अंडर-23 विश्व चैंपियन सुजीत ने 2026 में एशियाई चैंपियनशिप के अलावा जाग्रेब ओपन और मुहामेत मालो रैंकिंग सीरीज में स्वर्ण पदक जीते हैं। वह जापान के ओलंपिक चैंपियन कोटारो कियोका के ड्रॉ के उसी हिस्से में हैं। संभावित क्वार्टर फाइनल में उनका सामना ईरान के अब्बास इब्राहिमजादेह से और सेमीफाइनल में कियोका से हो सकता है, बशर्ते दोनों अपने शुरुआती मुकाबले जीतें। पिछले एक साल में सुजीत ने इस भार वर्ग के शीर्ष पहलवानों में अपनी जगह बनाई है, लेकिन कियोका को अपने घरेलू मैदान पर खेलने का अतिरिक्त फायदा मिलेगा। सुजीत की गति और आक्रामक शैली की परीक्षा उस पहलवान के खिलाफ होगी, जिसने बड़े फाइनल के दबाव को झेलने की क्षमता पहले ही साबित की है।
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आत्मविश्वास के साथ चुनौती पेश करेंगी अंतिम
अंतिम पंघाल आत्मविश्वास के साथ महिला 53 किग्रा वर्ग में चुनौती पेश करेंगी। 22 वर्षीय अंतिम हांगझोउ एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता और दो बार की विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता हैं। इस सत्र में उन्होंने सीनियर यूडब्ल्यूडब्ल्यू प्रतियोगिताओं में छह जीत और दो हार दर्ज की हैं। अंतिम के ड्रॉ में चीन की झांग जिन उनके हिस्से में हैं और दोनों के बीच संभावित सेमीफाइनल मुकाबला हो सकता है। दोनों पहले दो बार आमने-सामने हो चुकी हैं और अंतिम ने दोनों करीबी मुकाबले जीते हैं। जापान की मोए कियोका और उत्तर कोरिया की चो ह्यो ग्योंग ड्रॉ के दूसरे हिस्से में हैं।

पिछले ओलंपिक चक्र के दौरान उतार-चढ़ाव भरे दौर के बाद अंतिम के पास खुद को फिर स्थापित करने का एक और मौका है। उन्होंने 53 किग्रा के राष्ट्रीय चयन ट्रायल के फाइनल में मीनाक्षी गोयत को हराकर भारतीय टीम में जगह बनाई। अमन के सामने भी कठिन ड्रॉ है। वह 57 किग्रा में ओलंपिक पदक विजेता के रूप में एशियाई खेलों में लौट रहे हैं। उन्होंने 2024 पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था। शुरुआती दौर में उनका सामना उज्बेकिस्तान के ओलंपिक कांस्य पदक विजेता गुलोमजोन अब्दुल्लाएव या जापान के यामातो ओगावा से हो सकता है। इसके बाद क्वार्टर फाइनल में कजाखस्तान के नूरदानत एतानोव और संभावित सेमीफाइनल में ईरान के अली मोमेनी से मुकाबला हो सकता है। इसलिए अमन का शुरुआती मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण होगा। एक कठिन शुरुआत उन्हें तुरंत दबाव वाले मुकाबले में डाल देगी, खासकर ऐसे प्रारूप में जहां पूरा भार वर्ग एक ही दिन में पूरा होना है।
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अन्य भारतीय पहलवानों में पुरुष फ्रीस्टाइल में सागर जगलान के सामने 74 किग्रा में शुरुआती दौर में मौजूदा एशियाई चैंपियन मंगोलिया के तुल्गा तुमुर ओचिर की चुनौती है। दीपक पूनिया का 97 किग्रा में शुरुआती मुकाबला चीन के झोउ जुनपेंग से है तो वहीं 125 किग्रा में रजत रुहाल भारतीय फ्रीस्टाइल टीम को पूरा करेंगे। महिला टीम में निशा दहिया, मनीषा भनवाला, मानसी अहलावत, प्रिया मलिक और पदार्पण कर रहीं दीपांशी शामिल हैं।

अन्य भारतीयों का किससे सामना
निशा का 68 किग्रा में शुरुआती मुकाबला उत्तर कोरिया की पाक सोल गुम से होगा। 50 किग्रा में पदार्पण कर रहीं दीपांशी के सामने शुरुआती दौर में जापान की पूर्व विश्व और ओलंपिक चैंपियन यूई सुसाकी की चुनौती है। सुसाकी अपने करियर में केवल एक मुकाबला हारी हैं और वह हार पेरिस ओलंपिक में भारत की विनेश फोगाट के खिलाफ आई थी। ग्रीको-रोमन में सुनील कुमार और नितेश सिवाच भारत की प्रमुख पदक उम्मीदों में शामिल हैं। हांगझोउ में कांस्य पदक जीतने वाले सुनील के संभावित सेमीफाइनल में जापान के ताइजो योशिदा से मुकाबला हो सकता है। नितेश के ड्रॉ में तुर्कमेनिस्तान के अमानबेर्दी अगामामेदोव और मंगोलिया के गनखुयाग गनबातार जैसे पहलवान हैं। भारत ने 2022 एशियाई खेलों में कुश्ती में छह पदक जीते थे, जिनमें एक रजत और पांच कांस्य शामिल थे। दीपक पूनिया ने रजत पदक हासिल किया था।
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