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Asian Games: एशियाड में एथलेटिक्स में बरसे पदक, अर्जुन अवार्डी माधुरी की बेटी हरमिलन को 1500 मीटर में रजत
Sun, 01 Oct 2023 11:25 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, हांगझोऊ
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, हांगझोऊ
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Sun, 01 Oct 2023 11:25 PM IST
सार
उत्तर प्रदेश में जन्मीं अर्जुन अवॉर्डी एथलीट माधुरी सक्सेना की बेटी हरमिलन बेंस ने 1500 मीटर में रजत जीता। प्रयागराज के अजय कुमार सरोज ने 1500 मीटर में रजत और 2018 के इस रेस के विजेता जिंसन जॉन्सन ने कांस्य पदक जीता।
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हरमिलन और ज्योति
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
एथलेटिक्स में पदकों की जमकर बारिश हुई। भारतीय एथलीटों ने रविवार को दो स्वर्ण, तीन रजत और चार कांस्य पदक जीते। तजिंदर पाल सिंह तूर ने शॉटपुट (गोला फेंक) ने एशियाई खेलों में लगातार दूसरा स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने अंतिम थ्रो में 20.36 मीटर की दूरी नापकर सोना पक्का किया। तूर लगातार दो एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले चौथे भारतीय शॉटपुटर बने। दिन का आकर्षण अविनाश साबले रहे। वह 3000 मीटर स्टीपलचेज में स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय बनें। उन्होंने 8.19.50 मिनट के साथ गेम्स रिकॉर्ड बनाया।
उत्तर प्रदेश में जन्मीं अर्जुन अवॉर्डी एथलीट माधुरी सक्सेना की बेटी हरमिलन बेंस ने 1500 मीटर में रजत जीता। प्रयागराज के अजय कुमार सरोज ने 1500 मीटर में रजत और 2018 के इस रेस के विजेता जिंसन जॉन्सन ने कांस्य पदक जीता। मुरली श्रीशंकर ने 8 मीटर की जंप लगाकर लंबी कूद में रजत जीता। 40 साल की डिस्कस थ्रोअर सीमा पूनिया ने कांस्य पदक जीतकर एशियाई खेलों में अपना लगातार तीसरा पदक जीता।
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उत्तर प्रदेश में जन्मीं अर्जुन अवॉर्डी एथलीट माधुरी सक्सेना की बेटी हरमिलन बेंस ने 1500 मीटर में रजत जीता। प्रयागराज के अजय कुमार सरोज ने 1500 मीटर में रजत और 2018 के इस रेस के विजेता जिंसन जॉन्सन ने कांस्य पदक जीता। मुरली श्रीशंकर ने 8 मीटर की जंप लगाकर लंबी कूद में रजत जीता। 40 साल की डिस्कस थ्रोअर सीमा पूनिया ने कांस्य पदक जीतकर एशियाई खेलों में अपना लगातार तीसरा पदक जीता।
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आंख बंद कर ध्यान लगाया और जीत लिया सोना
जकार्ता में 20.76 मीटर की दूरी के साथ स्वर्ण जीतने वाले तजिंदर पाल ने 20.06 की थ्रो के साथ बढ़त पर थे, लेकिन सऊदी अरब के मोहम्मद दाउदा तोलो ने चौथी थ्रो में 20.18 मीटर गोला फेंक दिया। यहां तूर दूसरे स्थान पर पिछड़ गए, लेकिन अंतिम थ्रो से पहले तूर ने आंख बंद कर ध्यान लगाया और लंबी सांस लेते हुए 20.36 मीटर दूर गोला फेंक दिया। तोलो को स्वर्ण जीतने के लिए अपनी अंतिम थ्रो इससे ज्यादा की फेंकनी थीं, लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाए। स्वर्ण जीतते ही तूर की खुशी देखते बनती थी। वह दौड़कर अपने कोच प्रबीर के गले जा लगे।
जकार्ता में 20.76 मीटर की दूरी के साथ स्वर्ण जीतने वाले तजिंदर पाल ने 20.06 की थ्रो के साथ बढ़त पर थे, लेकिन सऊदी अरब के मोहम्मद दाउदा तोलो ने चौथी थ्रो में 20.18 मीटर गोला फेंक दिया। यहां तूर दूसरे स्थान पर पिछड़ गए, लेकिन अंतिम थ्रो से पहले तूर ने आंख बंद कर ध्यान लगाया और लंबी सांस लेते हुए 20.36 मीटर दूर गोला फेंक दिया। तोलो को स्वर्ण जीतने के लिए अपनी अंतिम थ्रो इससे ज्यादा की फेंकनी थीं, लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाए। स्वर्ण जीतते ही तूर की खुशी देखते बनती थी। वह दौड़कर अपने कोच प्रबीर के गले जा लगे।
लंबी बढ़त के साथ जीते साबले
अविनाश साबले के लिए 3000 मीटर स्टीपलचेज रेस जीतना ज्यादा कठिन काम नहीं रहा। इस साल डायमंड लीग में 8.11.63 मिनट का समय निकालते हुए राष्ट्रीय कीर्तिमान बनाने वाले साबले एक समय 80 मीटर की बढ़त पर चल रहे थे। वह इतनी बढ़त पर थे कि बड़े आराम से पीछे मुड़कर दूसरे एथलीटों को देख रहे थे। उन्होंने अंतिम क्षणों में ज्यादा जोर नहीं लगाया और आराम से फिनिश रेखा पार की। वरना उनका समय 8.19.50 मिनट से भी बेहतर हो सकता था। बावजूद इसके उन्होंने गेम्स रिकॉर्ड बनाया। जापान के आयोकी रयोमा (8.23.75) ने रजत जीता।
अविनाश साबले के लिए 3000 मीटर स्टीपलचेज रेस जीतना ज्यादा कठिन काम नहीं रहा। इस साल डायमंड लीग में 8.11.63 मिनट का समय निकालते हुए राष्ट्रीय कीर्तिमान बनाने वाले साबले एक समय 80 मीटर की बढ़त पर चल रहे थे। वह इतनी बढ़त पर थे कि बड़े आराम से पीछे मुड़कर दूसरे एथलीटों को देख रहे थे। उन्होंने अंतिम क्षणों में ज्यादा जोर नहीं लगाया और आराम से फिनिश रेखा पार की। वरना उनका समय 8.19.50 मिनट से भी बेहतर हो सकता था। बावजूद इसके उन्होंने गेम्स रिकॉर्ड बनाया। जापान के आयोकी रयोमा (8.23.75) ने रजत जीता।
प्रयागराज के अजय सरोज दूसरे स्थान पर रहे
पुरुषों की 1500 मीटर रेस में अजय कुमार सरोज एक समय चौथे स्थान पर चल रहे थे और जिंसन दूसरे स्थान पर थे, लेकिन अंतिम क्षणों में अजय ने फर्राटा भरते हुए दूसरा स्थान हासिल कर लिया और जिंसन बमुश्किल कांस्य जीत पाए। कतर केमोहम्मद अलगारिनी ने 3.38.36 मिनट के साथ स्वर्ण जीता। अजय ने 3.38.94 मिनट का समय लिया, जबकि जिंसन 3.39.74 का समय निकाला।
महिलाओं की 1500 मीटर में पटियाला की हरमिलन बेंस ने 4.12.74 मिनट के साथ रजत जीता। उनसे आगे बहरीन की विन्फ्रेड मुतिले यावी रहीं। उन्होंने 4.11.65 का समय लिया। हरमिलन की मां माधुरी भी लंबी दूरी की एथलीट थीं। उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय पदक जीते। उन्होंने अपनी बेटी को भी लंबी दूरी का एथलीट बनाया।
पुरुषों की 1500 मीटर रेस में अजय कुमार सरोज एक समय चौथे स्थान पर चल रहे थे और जिंसन दूसरे स्थान पर थे, लेकिन अंतिम क्षणों में अजय ने फर्राटा भरते हुए दूसरा स्थान हासिल कर लिया और जिंसन बमुश्किल कांस्य जीत पाए। कतर केमोहम्मद अलगारिनी ने 3.38.36 मिनट के साथ स्वर्ण जीता। अजय ने 3.38.94 मिनट का समय लिया, जबकि जिंसन 3.39.74 का समय निकाला।
महिलाओं की 1500 मीटर में पटियाला की हरमिलन बेंस ने 4.12.74 मिनट के साथ रजत जीता। उनसे आगे बहरीन की विन्फ्रेड मुतिले यावी रहीं। उन्होंने 4.11.65 का समय लिया। हरमिलन की मां माधुरी भी लंबी दूरी की एथलीट थीं। उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय पदक जीते। उन्होंने अपनी बेटी को भी लंबी दूरी का एथलीट बनाया।
विवादों के बाद ज्योति ने जीता रजत
100 मीटर बाधा दौड़ में ज्योति याराजी ने विवादों के बाद रजत पदक जीता। उन्हें चीन की वू यानी के साथ फाल्स स्टार्ट के लिए डिसक्वालिफाई कर दिया गया। रीप्ले में साफ दिखाई दिया की वू ने फाल्स स्टार्ट लिया था। ज्योति ने इसका जमकर विरोध किया। इसके बाद ज्योति और वू दोनों को रेस दौडऩे के लिए कह दिया गया। यहां चीन की लिन यूवेई 12.74 सेकंड के साथ स्वर्ण जीता। वू दूसरे और ज्योति याराजी (12.91) तीसरे स्थान पर थीं, लेकिन बाद में वू को डिसक्वालिफाई कर ज्योति को रजत और जापान की यूमी तनाका (13.04) को कांस्य दिया गया। वहीं लंबी कूद में मुरली श्रीशंकर दुर्भाग्यशाली रहे जो स्वर्ण नहीं जीत पाए। वह तीन सेंटीमीटर से स्वर्ण जीतने से रह गए। चीन के वांग जियानान ने 8.22 मीटर के साथ स्वर्ण और मुरली श्रीशंकर ने 8.19 मीटर की जंप के साथ रजत जीता। जेस्विन एल्ड्रिन (7.76) सातवें स्थान पर रहे।
100 मीटर बाधा दौड़ में ज्योति याराजी ने विवादों के बाद रजत पदक जीता। उन्हें चीन की वू यानी के साथ फाल्स स्टार्ट के लिए डिसक्वालिफाई कर दिया गया। रीप्ले में साफ दिखाई दिया की वू ने फाल्स स्टार्ट लिया था। ज्योति ने इसका जमकर विरोध किया। इसके बाद ज्योति और वू दोनों को रेस दौडऩे के लिए कह दिया गया। यहां चीन की लिन यूवेई 12.74 सेकंड के साथ स्वर्ण जीता। वू दूसरे और ज्योति याराजी (12.91) तीसरे स्थान पर थीं, लेकिन बाद में वू को डिसक्वालिफाई कर ज्योति को रजत और जापान की यूमी तनाका (13.04) को कांस्य दिया गया। वहीं लंबी कूद में मुरली श्रीशंकर दुर्भाग्यशाली रहे जो स्वर्ण नहीं जीत पाए। वह तीन सेंटीमीटर से स्वर्ण जीतने से रह गए। चीन के वांग जियानान ने 8.22 मीटर के साथ स्वर्ण और मुरली श्रीशंकर ने 8.19 मीटर की जंप के साथ रजत जीता। जेस्विन एल्ड्रिन (7.76) सातवें स्थान पर रहे।
40 की उम्र में सीमा ने जीता कांस्य
डिस्कस थ्रो में सीमा पुनिया ने 58.62 मीटर की दूरी केसाथ कांस्य पदक जीता। उन्होंने चौथी थ्रो में यह दूरी नापी। सीमा ने 2014 के एशियाड में स्वर्ण, 2018 एशियाड मेंं भी कांस्य पदक जीता था। यह उनका इन खेलों में तीसरा पदक है। चीन की फेंग बिन ने 67.93 मीटर के साथ स्वर्ण और इसी देश की जियांग झीचाओ ने 61.04 मीटर के साथ रजत जीता। वहीं हेप्टाथलन में नंदिनी अगासारा ने कांस्य पदक जीता। पिछले एशियाड की विजेता स्वप्ना बर्मन चौथे स्थान पर रहीं।
डिस्कस थ्रो में सीमा पुनिया ने 58.62 मीटर की दूरी केसाथ कांस्य पदक जीता। उन्होंने चौथी थ्रो में यह दूरी नापी। सीमा ने 2014 के एशियाड में स्वर्ण, 2018 एशियाड मेंं भी कांस्य पदक जीता था। यह उनका इन खेलों में तीसरा पदक है। चीन की फेंग बिन ने 67.93 मीटर के साथ स्वर्ण और इसी देश की जियांग झीचाओ ने 61.04 मीटर के साथ रजत जीता। वहीं हेप्टाथलन में नंदिनी अगासारा ने कांस्य पदक जीता। पिछले एशियाड की विजेता स्वप्ना बर्मन चौथे स्थान पर रहीं।
तजिंदर दो एशियाड में सोना जीतने वाले चौथे शॉटपुटर
हांगझोऊ एशियाई खेलों में आठवें दिन एथलेटिक्स के पदक विजेता
- प्रद्युमन सिंह-1954, 1958
- जोगिंदर सिंह-1966, 1970
- बहादुर सिंह-1978, 1982
- तजिंदर पाल सिंह तूर-2018, 2023
हांगझोऊ एशियाई खेलों में आठवें दिन एथलेटिक्स के पदक विजेता
- तजिंदर पाल तूर (शॉटपुट)-स्वर्ण
- अविनाश साबले (3000 मीटर स्टीपलचेज)-स्वर्ण
- अजय कुमार सरोज (1500 मीटर)-रजत
- जिंसन जॉन्सन (1500 मीटर)-कांस्य
- हरमिलन बेंस (1500 मीटर)-रजत
- मुरली श्रीशंकर (लंबी कूद)-रजत
- ज्योति याराजी (100 मीटर बाधा दौड़)-रजत
- सीमा पूनिया (डिस्कस थ्रो)-कांस्य
- नंदिनी (हेप्टाथलन)-कांस्य