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Hindi News ›   Sports ›   Anti Doping Bill: Sports Minister Anurag Thakur introduced National Anti-Doping Bill in Lok Sabha, NADA will get powers

Anti Doping Bill: खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में पेश किया राष्ट्रीय डोप रोधी बिल, नाडा को मिलेंगी शक्तियां

Fri, 17 Dec 2021 10:06 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: स्वप्निल शशांक Updated Fri, 17 Dec 2021 10:06 PM IST
सार

जस्टिस मुकुल मुद्गल की अगुवाई में बिल का ड्राफ्ट तैयार कराया गया था, जिसमें सीबीआई, पुलिस की जांच के अलावा एक से चार साल की सजा और 10 लाख रुपये के जुर्माने का भी प्रावधान था। 

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Anti Doping Bill: Sports Minister Anurag Thakur introduced National Anti-Doping Bill in Lok Sabha, NADA will get powers
एंटी डोपिंग बिल - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

देश में डोपिंग (खेल में शक्तिवर्धक दवाओं का सेवन) के खिलाफ कानून बनाने की दिशा में सरकार ने आखिरकार कदम बढ़ा ही दिया।  खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने शुक्रवार को लोकसभा में राष्ट्रीय डोप रोधी (एंटी डोपिंग) बिल पेश कर दिया। बीते सप्ताह ही इस बिल को कैबिनेट ने मंजूरी देकर संसद में पेश किए जाने का रास्ता बनाया गया था। 
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डोपिंग के खिलाफ कानून बनते ही नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) की शक्तियां बढ़ जाएंगी, साथ ही खिलाडिय़ों को डोपिंग के खिलाफ अधिकार मिल जाएंगे। यही नहीं कानून बनते ही नाडा और नेशनल डोप टेस्ट लैबोरेटरी (एनडीटीएल) पर सरकार का नियंत्रण नहीं रहेगा।
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बिल पर अगले सप्ताह होगी चर्चा
बिल पर अगले सप्ताह लोकसभा में चर्चा होने की उम्मीद है। सदन में चर्चा के उपरांत इस पर लोकसभा की मुहर लग जाएगी। विश्व एंटी डोपिंग एजेंसी की ओर से लंबे समय से नाडा पर डोपिंग के खिलाफ कानून बनाने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। 
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देश में डोपिंग के खिलाफ कानून नहीं होने से नाडा में सुनवाई के बाद मामले में अदालत में पहुंच रहे थे। कानून बनने के बाद डोप पॉजिटिव खिलाडिय़ों की नाडा में होने वाली सुनवाई भी इसके दायरे में रहेगी। नाडा सुनवाई पैनल फैसलों को इसके बाद अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकेगी।

सजा और जुर्माने का नहीं है प्रावधान
जस्टिस मुकुल मुद्गल की अगुवाई में बिल का ड्राफ्ट तैयार कराया गया था, जिसमें सीबीआई, पुलिस की जांच के अलावा एक से चार साल की सजा और 10 लाख रुपये के जुर्माने का भी प्रावधान था। 


यह सजाएं शक्तिवर्धक दवाओं की गैर कानूनी तरीके से सप्लाई करने वालों के लिए रखी गई थीं, लेकिन बाद में ड्राफ्ट से सीबीआई, पुलिस जांच, सजा और जुर्माने के प्रावधानों को हटा दिया गया। अभी जो बिल लोकसभा में पेश किया गया है। उसमें सजा और जुर्माने का प्रावधान नहीं है।
 
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