{"_id":"6490364b2cf464892a0e891c","slug":"amar-ujala-samvad-2023-hockey-player-rani-rampal-said-we-were-welcomed-like-winners-after-tokyo-olympics-2023-06-19","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Amar Ujala Samvad 2023: 'पदक नहीं जीतने पर भी विजेताओं की तरह हुआ था स्वागत', अमर उजाला से बोलीं रानी रामपाल","category":{"title":"Sports","title_hn":"खेल","slug":"sports"}}
Amar Ujala Samvad 2023: 'पदक नहीं जीतने पर भी विजेताओं की तरह हुआ था स्वागत', अमर उजाला से बोलीं रानी रामपाल
Mon, 19 Jun 2023 04:34 PM IST
रोहित राज
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: रोहित राज
Updated Mon, 19 Jun 2023 04:34 PM IST
सार
अमर उजाला संवाद के जिद और जुनून सत्र में रानी रामपाल ने अपने अनुभव साझा किए। इस दौरान रानी रामपाल ने टोक्यो ओलंपिक के बारे में बात की। रानी ने बताया कि टोक्यो ओलंपिक के बाद महिला हॉकी में क्या-क्या बदलाव हुआ।
विज्ञापन
रानी रामपाल
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में भारतीय महिला हॉकी टीम की दिग्गज खिलाड़ी रानी रामपाल और डबल ट्रैप शूटर रोंजन सोढ़ी शामिल हुए। जिद और जुनून सत्र में दोनों ने अपने अनुभव साझा किए। इस दौरान रानी रामपाल ने टोक्यो ओलंपिक के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि भारतीय टीम का अनुभव पिछली बार ओलंपिक में कैसा रहा था। रानी को इस बात की खुशी है कि पहली बार महिला हॉकी को इतनी तवज्जो मिली। लोगों ने सुबह में उठकर महिला हॉकी टीम का मैच देखा।
रानी रामपाल, ''टोक्यो ओलंपिक वही टूर्नामेंट है जिसमें लोगों ने महिला हॉकी को दिल से देखा है। उससे पहले मैंने नहीं देखा था महिला हॉकी के मैच लोग सुबह छह बजे देखते थे। हमने अच्छा प्रदर्शन किया। सबको लग रहा था कि हम आगे नहीं बढ़ पाएंगे। हॉलैंड को हमने कड़ी टक्कर दी, लेकिन हार गए। जब आयरलैंड और दक्षिण अफ्रीका से हम जीते तो क्वार्टर में पहुंचे।''
विज्ञापन
रानी रामपाल, ''टोक्यो ओलंपिक वही टूर्नामेंट है जिसमें लोगों ने महिला हॉकी को दिल से देखा है। उससे पहले मैंने नहीं देखा था महिला हॉकी के मैच लोग सुबह छह बजे देखते थे। हमने अच्छा प्रदर्शन किया। सबको लग रहा था कि हम आगे नहीं बढ़ पाएंगे। हॉलैंड को हमने कड़ी टक्कर दी, लेकिन हार गए। जब आयरलैंड और दक्षिण अफ्रीका से हम जीते तो क्वार्टर में पहुंचे।''
विज्ञापन
रानी रामपाल
- फोटो : सोशल मीडिया
'क्वार्टर फाइनल में हमारे पास खोने को कुछ नहीं था'
रानी क्वार्टर फाइनल में पहुंचने की अनुभवों के बारे में बात करते हुए आगे कहा, ''क्वार्टर फाइनल से लोगों की दिलचस्पी जगी। ऑस्ट्रेलिया से क्वार्टर फाइनल था। लोग हमें हारा हुआ मान रहे थे। ऑस्ट्रेलिया ग्रुप में टॉप पर था। हमारे पास खोने को कुछ नहीं था। ऑस्ट्रेलिया पर दबाव था। हमें हर सेकंड में लड़ना था। हमने पहले क्वार्टर में ऑस्ट्रेलिया पर पेनल्टी कॉर्नर से गोल किया। इसके बाद टीम का हौसला बढ़ गया।''
सेमीफाइनल से बदल जाता है टूर्नामेंट: रानी रामपाल
रानी ने आगे कहा, ''क्वार्टर में जीत के बाद दूसरा टूर्नामेंट शुरू हो जाता है। आप टॉप-4 में होते हैं। पदक के लिए खेल रहे होते हैं। सेमीफाइनल में हम अर्जेंटीना से 1-2 से हारे। फिर कांस्य पदक के मैच में हम इंग्लैंड के खिलाफ 3-3 की बराबरी पर थे, लेकिन आखिरी मिनट में 3-4 से हार गए। जब हम वहां से लौटकर अपने देश में आए तो पदक विजेताओं की तरह स्वागत हुआ।''
रानी क्वार्टर फाइनल में पहुंचने की अनुभवों के बारे में बात करते हुए आगे कहा, ''क्वार्टर फाइनल से लोगों की दिलचस्पी जगी। ऑस्ट्रेलिया से क्वार्टर फाइनल था। लोग हमें हारा हुआ मान रहे थे। ऑस्ट्रेलिया ग्रुप में टॉप पर था। हमारे पास खोने को कुछ नहीं था। ऑस्ट्रेलिया पर दबाव था। हमें हर सेकंड में लड़ना था। हमने पहले क्वार्टर में ऑस्ट्रेलिया पर पेनल्टी कॉर्नर से गोल किया। इसके बाद टीम का हौसला बढ़ गया।''
सेमीफाइनल से बदल जाता है टूर्नामेंट: रानी रामपाल
रानी ने आगे कहा, ''क्वार्टर में जीत के बाद दूसरा टूर्नामेंट शुरू हो जाता है। आप टॉप-4 में होते हैं। पदक के लिए खेल रहे होते हैं। सेमीफाइनल में हम अर्जेंटीना से 1-2 से हारे। फिर कांस्य पदक के मैच में हम इंग्लैंड के खिलाफ 3-3 की बराबरी पर थे, लेकिन आखिरी मिनट में 3-4 से हार गए। जब हम वहां से लौटकर अपने देश में आए तो पदक विजेताओं की तरह स्वागत हुआ।''
रानी रामपाल
- फोटो : सोशल मीडिया
रानी ने पीएम मोदी की बातों को किया याद
रानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए फोन को भी याद किया। उन्होंने कहा, ''प्रधानमंत्री जी ने मैच हारने के बाद कहा था कि आप ओलंपिक मैच में हारे नहीं हैं, बल्कि आपने लोगों दिल जीते हैं। उन लड़कियों को प्रेरित किया है जो हॉकी खेलती भी नहीं हैं। कोरोना के वक्त से हम यह सोच रहे थे कि हमें ऐसा काम करना है, जिससे लड़कियों के बीच संदेश जाएं।''
रानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए फोन को भी याद किया। उन्होंने कहा, ''प्रधानमंत्री जी ने मैच हारने के बाद कहा था कि आप ओलंपिक मैच में हारे नहीं हैं, बल्कि आपने लोगों दिल जीते हैं। उन लड़कियों को प्रेरित किया है जो हॉकी खेलती भी नहीं हैं। कोरोना के वक्त से हम यह सोच रहे थे कि हमें ऐसा काम करना है, जिससे लड़कियों के बीच संदेश जाएं।''