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IOA: आईओए में ढाई सौ से अधिक मुकदमों पर खर्च हुए 4.23 करोड़, होगा दोबारा ऑडिट
Sun, 12 Mar 2023 03:12 PM IST
शक्तिराज सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Sun, 12 Mar 2023 03:12 PM IST
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IOA 250 से ज्यादा मामलों पर फंसा हुआ है
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सोशल मीडिया
विस्तार
देश में खेलों की सर्वोच्च संस्था भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) खेलों से ज्यादा मुकदमेबाजियों में उलझा हुआ है। 2019-20 और 2020-21 में आईओए में कानूनी लड़ाई पर चार करोड़ 23 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च की गई है, जबकि इन दो सालों में आईओए का कुल खर्च 27.40 करोड़ रुपये रहा। अध्यक्ष पीटी उषा की अगुवाई में शनिवार को हुई आमसभा में पूर्व अध्यक्ष नरेंदर बत्रा और महासचिव राजीव मेहता के पिछले दो साल के कार्यकाल के इस खर्च को पास कर दिया गया। हालांकि आमसभा ने इस खर्च का दोबारा ऑडिट कराने का फैसला लिया है। साथ ही इसमें गड़बड़ी निकलने पर इसकी जिम्मेदारी पुराने आईओए की होगी। वहीं आमसभा में खर्च की फॉरेंसिक ऑडिट कराने की भी मांग उठी।केसों के जल्द निपटारे का फैसला
आईओए का प्रमुख काम राष्ट्रीय खेल का आयोजन कराना, राष्ट्रीय खेल संघों और राज्य ओलंपिक संघों की आर्थिक मदद करना, ओलंपिक, एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों के लिए टीमें भेजना है, लेकिन आईओए जबरदस्त रूप से मुकदमेंबाजी में उलझी है। एक अनुमान के मुताबिक आईओए इस वक्त ढाई सौ से अधिक केस में उलझी है। 4.23 करोड़ रुपये की राशि तब खर्च की गई जब उस पर सिर्फ 74 केस चल रहे थे। आमसभा में फैसला लिया गया कि इन केसों का निपटारा जल्द से जल्द कर इनकी संख्या कम करना है।
बतौर पर्यवेक्षक बैठे मंत्रालय के अधिकारी
आमसभा में आईओए की ओर से खेल मंत्रालय के अधिकारियों को बतौर पर्यवेक्षक आमंत्रित किया गया। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के चार्टर के अनुसार उसके सदस्यों की कार्यप्रणाली में सरकार का हस्तक्षेप वर्जित है। अमूमन आईओए की आमसभा में बाहरी व्यक्ति नहीं शामिल होते हैं। इसमें सिर्फ उसके सदस्य ही बैठते हैं।
44 करोड़ का बजट हुआ पास
आमसभा में आईओए का 44 करोड़ रुपये का बजट पास हुआ है, जिसमें 31.40 करोड़ रुपये का खर्च है। वहीं 31 राज्य ओलंपिक संघों ने पीटी उषा को ज्ञापन दिया कि उनके वोटिंग अधिकार एक बार फिर से बहाल किए जाएं।