खुशी और शांति की तलाश सर्वव्यापी है। दुखी कोई भी नहीं रहना चाहता। लोग अलग-अलग तरीकों से और अपनी इच्छापूर्ति के द्वारा ही खुशियां प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। कोशिश यही होती है कि हम अपनी इच्छाओं को पूरा कर पाएं। हमारी इच्छाओं का कोई अंत नहीं होता। एक इच्छा पूरी होती है, तो दूसरी पैदा हो जाती है।
सीख: इच्छाओं का कोई अंत नहीं होता
संत राजेद्र सिंह महाराज
Published by: योगेश जोशी
Updated Sat, 22 Feb 2020 04:20 PM IST
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