शास्त्रों के अनुसार इन बर्तनों में भोजन करना फायदेमंद है
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आजकल प्लास्टिक और एल्युमिनियम के बर्तनों में भोजन करने का चलन सा बन गया है। लेकिन इन बर्तनों में भोजन करना न तो सेहत के हिसाब से ठीक है और न ही शास्त्रों में ही इसे ठीक बताया गया है। जानें शास्त्रों के अनुसार किस तरह के बर्तनों में भोजन करना सेहत के लिए फायदेमंद होता है।
हम में से ज्यादातर लोग भोजन करने के लिए स्टील की थाली या प्लास्टिक की प्लेट का इस्तेमाल करते हैं। ये बर्तन आयुर्वेद के अनुसार सेहत के लिए अच्छे नहीं माने गए। हो सके तो हमें कांसे के बर्तनों में भोजन करना चाहिए।
आयुर्वेद के अनुसार, कांसे के बर्तन में भोजन करने से दिमाग तेज होता और भूख भी बढ़ती है। कांसे के बर्तनों में भोजन करने से रक्त पित्त ठीक होता है।
सोने चांदी के बर्तन
कोई अगर थोड़े महंगे बर्तन खरीद सकता है तो चांदी के बर्तनों में भोजन करना काफी फायदेमंद होता है। चांदी की तासीर ठंडी होती है इसलिए चांदी के बर्तन में भोजन करने से शरीर की गर्मी शांत होती है और आंखें स्वस्थ रहती हैं। जब कि सोने के बर्तन में खाना खाने से शरीर मजबूत और ताकतवर होता है। पुरुषों के लिए सोने के बर्तनों में खाना खाना बहुत ही फायदेमंद माना गया है।
फायदेमंद हैं ये सस्ते बर्तन
ऊपर बताए गए बर्तन तुलनात्मक रूप से काफी मंहगे हैं जिन्हें हर कोई नहीं खरीद सकता तो ऐसे में आप नीचे बताए गए कुछ बर्तनों का इस्तेमाल कर सकते हैं। पीतल के बर्तनों में खाना पकाने और खाने से कफ और कृमि रोग में फायदा मिलता है।
लोहे के बर्तन
आयुर्वेद के अनुसार, लोहे के बर्तनों में भोजन करने से शरीर में कोई हानिकारक प्रभाव नहीं पड़ता साथ ही इससे शरीर में लौह तत्व की मात्रा बढ़ती है जो सेहत के लिए अच्छा है।
पत्तल में भोजन करना
शास्त्रों में और आयुर्वेद में पत्तल में भोजन करना काफी अच्छा बताया गया है। पत्तल में भोजन करने से भूख बढ़ती है और पेट की जलन भी खत्म होती है। पत्तल में भोजन करने से शरीर के जहरीले तत्व भी नष्ट होते हैं।