मकर संक्रांति का महत्व ज्योतिष और धर्म की दृष्टि से
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वैसे तो हिंदू धर्म के सभी त्योहार अपना अपना विशेष महत्व रखते हैं, लेकिन मकर सक्रांति का धर्म, दर्शन तथा खगोलीय दृष्टि से विशेष महत्व है। इस महत्व का कारण यह है कि वैदिक ज्योतिष और शास्त्रों में हर महीने को दो भागो में बांटा है जो चन्द्रमा की गति पर निर्भर है- कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष। इस तरह वर्ष को भी दो भागो में बांट रखा है जो सूर्य की गति पर निर्भर है जो उत्तरायण और दक्षिणायन कहलाता है। मकर सक्रांति के दिन से सूर्य उत्तर की ओर आने लगता है।
ज्योतिषशास्त्र में मकर संक्रांति को सूर्य का धनु से मकर राशि में आगमन के रूप में महत्व दिया गया है। धनु राशि में सूर्य का आगमन मलमास के तौर पर जाना जाता है। मकर राशि शनि की राशि है जो सूर्य का पुत्र है। मकर राशि में सूर्य के अगामन के समय को मकर सक्रांति कहा गया है। इस राशि में सूर्य के आने से मलमास समाप्त हो जाता है। यह एकमात्र पर्व है जिसे समूचे भारत में मनाया जाता है, चाहे इसका नाम प्रत्येक प्रांत में अलग-अलग हो और इसे मनाने के तरीके भी भिन्न हों, किंतु यह बहुत ही महत्व का पर्व है। मकर सक्रांति के दिन ही गंगा ने सगर के पुत्रों का उद्धार किया था और गंगा सागर में मिली थी।
श्री कृष्ण ने बताया है मकर संक्रांति का यह महत्व
महाभारत में पितामह भीष्म ने सूर्य के उत्तरायण होने पर स्वेच्छा से शरीर का परित्याग किया था, कारण कि उत्तरायण में देह छोड़ने वाली आत्माएं या तो कुछ काल के लिए देवलोक में चली जाती है या पुनर्जन्म के चक्कर से उन्हें छुटकारा मिल जाता है। दक्षिणायन में देह छोड़ने पर बहुत काल तक आत्मा को अंधकार का सामना करना पड़ता है।
सब प्रकृति के नियम के तहत है, इसलिए सभी कुछ प्रकृति से बद्ध है। पौधा प्रकाश में अच्छे से खिलता है, अंधकार में सिकुड़ भी जाता है। इसलिए मृत्यु हो तो प्रकाश में हो ताकि साफ-साफ दिखाई दे कि हमारी गति और स्थिति क्या है।
स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने भी उत्तरायण का महत्व बताते हुए गीता में कहा है कि उत्तरायण के छह मास के शुभ काल में, जब, सूर्य देव उत्तरायण होते है और पृथ्वी प्रकाशमय रहती है तो इस प्रकाश में शरीर का त्याग करने से व्यक्ति का पुनर्जन्म नहीं होता, ऐसे लोग ब्रह्म को प्राप्त करते हैं। इसके विपरीत सूर्य के दक्षिणायन होने पर पृथ्वी अंधाकारमय होती है और इस अंधकार में शरीर का त्याग कर पुन: जन्म लेना पड़ता है।