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यह आठ चीजें आपके पास हो तो हनुमान की तरह महावीर बन जाएंगे

Sat, 12 Apr 2014 02:59 PM IST
Updated Sat, 12 Apr 2014 02:59 PM IST
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mahavir hanuman ashtsiddhi

बलवानों में भी अगर कोई महाबलवान है तो वह हैं महावीर हनुमान जी। इनकी शक्ति के आगे भीम को भी सिर झुकाना पड़ा। रावण और मेघनाद को तो इन्होंने अपनी शक्ति से धूल चटा दिया था। जानते हैं हनुमान जी की इस शक्ति का राज क्या था।

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इन्हीं के बल पर हनुमान जी ने लंका ढाह दिया था

mahavir hanuman ashtsiddhi

याद कीजिए हनुमान चालीसा का दोहा 'अष्टसिद्घि नवनिधि के दाता असवर दिनि जानकी माता।' इसी दोहे में हनुमान जी की शक्ति का राज छुपा हुआ है। हनुमान जी रुद्र के अवतार माने जाते हैं और सूर्य नारायण के शिष्य हैं।

सूर्य से ज्ञान प्राप्त करते हुए हनुमान जी ने अष्टसिद्घियां हासिल कर ली थी। यही आठ सिद्घियां हनुमान जी की ताकत हैं। इन्हीं के बल पर हनुमान जी ने लंका में प्रवेश करके लंका ढाह दिया था।

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हनुमान की आठ सिद्घियां जिनसे दुनियां मुट्ठी में कर सकते हैं

mahavir hanuman ashtsiddhi

1अणिमा सिद्धिः यह ऐसी सिद्घि है जिससे व्यक्ति सूक्ष्म रूप धरना कर सकता है। इसी सिद्घि से हनुमान जी ने सीता को अपना सूक्ष्म रुप दिखा था। हनुमान चालीसा के दोहा में भी इसका उल्लेख है 'सूक्ष्म रुप धरि सियहिं दिखावा'।

2. लघिमा सिद्घिः इससे शरीर को छोटा किया जा सकता है। इसी सिद्घि के बल पर हनुमान जी लंका में प्रवेश करने में सफल हुए थे।

3 गरिमा सिद्घिः इस सिद्घि से शरीर को जितना चाहे भारी बनाया जा सकता है। इस सिद्घि से ही हनुमान जी ने अपनी पूंछ को इतना भारी बना दिया था कि भीम उसे हिला भी नहीं सके।

4. प्राप्ति सिद्धि: अपने नाम के अनुसार यह ऐसी सिद्घि है जिससे इच्छा मात्र से मनचाही वस्तु सामने आ जाती है। अपनी इस सिद्घि के कारण हनुमान जी परम संतोषी हुए। उन्होंने भगवान राम के द्वारा दिए मोतियों को भी कंकड़ के समान माना और राम की भक्ति में लीन रहे।

5 प्राकाम्य सिद्घिः इस सिद्घि से व्यक्ति जो चाहता है वह हो जाता है। इस शक्ति के बल पर हनुमान जी ने विशाल समुद्र को पार लिया।

6 महिमा सिद्घिः यह ऐसी सिद्घि है जिसे हासिल करके व्यक्ति अपने शरीर को जितना चाहे विशाल कर सकता है। हनुमान जी ने लंका पर चढ़ाई के समय इस सिद्घि का कई बार प्रयोग किया।

7 ईशित्व सिद्घिः इस सिद्घि से व्यक्ति में ईश्वरत्व का वास हो जाता है। व्यक्ति में ईश्वर की शक्ति आ जाती है और वह पूजनीय हो जाता है। इसी सिद्घि के कारण हनुमान जन-जन के पूजनीय हैं।

8 वशित्व सिद्घिः यह आठवीं और अंतिम सिद्घि है। इस सिद्घि को प्राप्त करके किसी को  भी अपने वश में किया जा सकता है। हनुमान जी ने अपनी इस सिद्घि से मन, वचन  काम, क्रोध, आवेश, राग-अनुराग वश में कर लिया था। इन्हीं सिद्घियों ने हनुमान जी को महावीर बनाया।

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