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मैंने हमेशा यह प्रयास किया कि आपदा की स्थिति को अवसर में बदलूं
जॉन डी रॉकफेलर
Updated Sun, 29 Jul 2018 04:35 PM IST
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मेरा जन्म 1839 में रिचफोर्ड (न्यूयॉर्क) में हुआ। मेरे पिता घूम-घूमकर सामान बेचते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, इसलिए बचपन से ही पैसे कमाने का जुनून मुझ पर सवार हो गया। बचपन में ही मैं कैंडी जैसी चीजें बेचकर पैसे कमाने लगा। अपनी कमाई के पैसे को मैं पड़ोसियों को सूद पर देता था। मेरा गणित बहुत अच्छा था, इसलिए मैं बही-खाते का हिसाब अच्छी तरह से कर लेता था। सोलह वर्ष की उम्र में मैंने सहायक बही-खाता लिखने वाले की नौकरी शुरू की, जिसे मैंने तीन महीने किया।
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फिर मैंने अपना व्यवसाय शुरू करने का मन बनाया। मैंने और मेरे एक साझेदार ने कमीशन व्यवसाय शुरू करने के लिए चार हजार डॉलर की पूंजी जुटाई और अपना व्यवसाय शुरू कर दिया। उस समय सस्ते ईंधन की बहुत मांग थी, लेकिन ईंधन की कीमत बहुत ज्यादा थी। मैंने इसे अपने लिए एक अवसर समझा और तेल रिफाइनरी का व्यवसाय शुरू किया। तेल साफ करने की प्रक्रिया के दौरान कई बाई प्रोडक्ट पैदा होते हैं, मैंने उसे बेचना शुरू किया और इससे तेल की लागत कम हो गई। नतीतजन मेरी कंपनी का तेल सस्ता हो गया, जिसका लोगों ने स्वागत किया। यहीं से मेरा व्यवसाय चल निकला।
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फिर मैंने बाजार की प्रतिस्पर्धा में न टिकने वाली और बंदी के कगार पर पहुंची कंपनियों को खरीदना शुरू किया और उसी फार्मूले का इस्तेमाल कर उन्हें मुनाफा कमाने वाली कंपनी में तब्दील कर दिया। इस तरह मैंने क्लीवलैंड की 26 प्रतिस्पर्धी तेल कंपनियों में से 22 को खरीद लिया। मेरा मानना है कि अगर आप सफल होना चाहते हैं, तो आपको सफलता के बने-बनाए मार्ग के बजाय नए रास्तों पर चलना ही होगा। याद रखिए कि हर अधिकार एक जिम्मेदारी है, हर अवसर एक दायित्व है और हर अधिग्रहण आपका कर्तव्य है। महान चीजों को हासिल करने के लिए अच्छी चीजों को त्यागने में घबराना नहीं चाहिए। उद्देश्य की एकता जीवन में सफलता के लिए अनिवार्य है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपका लक्ष्य क्या है। मैं श्रम की गरिमा में विश्वास करता हूं, चाहे कोई दिमाग से श्रम करे या हाथ से; श्रम हर व्यक्ति को जीवित रहने का मौका देता है।
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