ग्रहों के अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए करें मंत्र जाप, मिलने लगेंगे शुभ परिणाम
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सूर्य का मंत्र
- ऊँ सूर्याय नम:।
सूर्य को जल अर्पित करते समय भी आप ये मंत्र बोल सकते हैं। नित्य सूर्य देव को जल अर्पित करने के बाद इस मंत्र का 108 बार जप करें।
इस मंत्र का जप करने से जीवन में सुख- शांति बनी रहती है। एकाग्रता बढ़ती और मान-सम्मान में वृद्धि होती है।
चंद्र का मंत्र
- ऊँ सोमाय नम:।
चंद्र देव के इस मंत्र का जप करने से मानसिक शांति का अनुभव होता है।
- ऊँ भौमाय नम:।
अगर भूमि से संबंधीत बाधाएं चल रही हैं तो मंगल देव का यह मंत्र बड़ा ही लाभकारी साबित होता है। इस मंत्र का जप करने से भूमि से संबंधित समस्याएं दूर हो जाती हैं।
बुध का मंत्र
- ऊँ बुधाय नम:।
बुध देव के इस मंत्र का जप करने से शिक्षा से जुड़े क्षेत्रों में सफलता हासिल होती है।