फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   Pitru Paksha 2023 follow These rule During Shradh and pind daan

Pitru Paksha 2023: इन नियमों को ध्यान में रखकर करें श्राद्ध-कर्म, पितर होंगे प्रसन्न

Mon, 02 Oct 2023 05:33 PM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आशिकी पटेल Updated Mon, 02 Oct 2023 05:33 PM IST
सार

Pitru Paksha 2023: पितृगण की संतुष्टि और अपने कल्याण के लिए श्राद्ध-कर्म में श्रद्धा तो जरूरी है ही, साथ में सही विधान के बारे में भी जानना आवश्यक है, ताकि पितर प्रसन्न होकर आशीर्वाद दें।
 

विज्ञापन
Pitru Paksha 2023 follow These rule During Shradh and pind daan
Pitru Paksha 2023: इन नियमों को ध्यान में रखकर करें श्राद्ध-कर्म - फोटो : iStock

विस्तार

Pitru Paksha 2023: शास्त्रों में श्राद्ध करने की अनिवार्यता बताई गई है। शास्त्रों के अनुसार श्राद्ध कर्म द्वारा पुत्र पितृ ऋण से मुक्त हो सकता है। इसलिए पुत्र-पौत्रादि को पूर्वजों के निमित्त श्रद्धापूर्वक ऐसे शास्त्रोक्त कर्म करने चाहिए, जिनसे उन मृत प्राणियों को परलोक या अन्य लोकों में भी सुख प्राप्त हो सके।
विज्ञापन


दिन के 12 बजे तक
जिस दिन आपके घर श्राद्ध तिथि हो, उस दिन सूर्योदय से लेकर दिन के 12 बजे तक ही श्राद्ध करने का प्रयास करें। इसके पहले ही ब्राह्मण से तर्पण आदि करा लें। श्राद्ध करने के लिए दूध, गंगा जल, मधु, वस्त्र, कुश, अभिजीत मुहूर्त और तिल मुख्य रूप से अनिवार्य हैं। भगवान विष्णु के पसीने से तिल और रोम से कुश की उत्पत्ति हुई है, इसलिए इनका उपयोग श्राद्ध-कर्म में अति आवश्यक है। तुलसीदल से भी पिंडदान करने का विधान है। इससे भी पितर पूर्ण तृप्त होकर आशीर्वाद देते हैं। इसलिए श्राद्ध कर्म में तुलसीदल भी शामिल करें। जब तक श्राद्ध कर्म न हो, कुछ ग्रहण न करें। कुशा के आसन पर स्वयं बैठें और ब्राहमण को बिठाएं। अगर स्वयं श्राद्ध कर्म करना हो तो आसन को जल से पवित्र करें। इस दिन निमंत्रित ब्राह्मण का पैर धोएं। इस कार्य के समय पत्नी दाहिनी तरफ हो।
विज्ञापन


Pitru Paksha 2023: पंडित उपलब्ध न होने पर कैसे करें पिंडदान? यहां जानिए जरूरी नियम
विज्ञापन
विज्ञापन


कुछ जरूरी कर्म
  • ब्राह्मण भोजन से पहले पंचबलि यानी गाय, कुत्ते, कौए, देवता और चींटी के लिए सामग्री पत्ते पर निकालें।
  • गोबलि : गाय के लिए पत्ते पर ‘गोभ्ये नमः’ मंत्र पढ़कर भोजन निकालें।
  • श्वानबलि : कुत्ते के लिए ‘द्वौ श्वानौ नमः’ मंत्र पढ़कर भोजन सामग्री पत्ते पर निकालें।
  • काकबलि : कौवे के लिए ‘वायसेभ्यो नमः’ मंत्र पढ़कर पत्ते पर भोजन सामग्री निकालें।
  • देवादिबलि : देवताओं के लिए ‘देवादिभ्यो नमः’ मंत्र पढ़कर और चीटियों के ‘पिपीलिकादिभ्यो नमः’ मंत्र पढ़कर भोजन सामग्री पत्ते पर निकालें। इसके बाद थाली या पत्ते पर ब्राह्मण को भोजन परोसें।
  • दक्षिणाभिमुख होकर कुश, तिल और जल लेकर पितृतीर्थ से संकल्प करें और एक या तीन ब्राहमण को भोजन कराएं। भोजन के बाद यथाशक्ति दक्षिणा और अन्य सामग्री दान करें। इसमें गौ, भूमि, तिल, स्वर्ण, घी, वस्त्र, अनाज, गुड़, चांदी और नमक का दान किए जा सकते हैं।
Pitru Paksha 2023: पाना चाहते हैं पूर्वजों की कृपा, तो पितृपक्ष में करें इन नियमों का पालन

इसके बाद निमंत्रित ब्राह्मण की चार बार प्रदक्षिणा कर आशीर्वाद लें। यह सरल उपाय श्रद्धापूर्वक करने से पितर तृप्त होते हैं और वे आशीर्वाद देने के लिए विवश हो जाते हैं। आपके कार्य व्यापार, शिक्षा अथवा वंश वृद्धि में आ रही रुकावटें दूर हो जाती हैं।

इनसे करें परहेज
श्राद्ध तिथि वाले दिन तेल लगाने, दूसरे का अन्न खाने और स्त्री प्रसंग से परहेज करें। श्राद्ध में राजमा, मसूर, अरहर, गाजर, कुम्हड़ा, गोल लौकी, बैंगन, शलजम, हींग, प्याज-लहसुन, काला नमक, काला जीरा, सिंघाड़ा, जामुन, पिप्पली, कैथ, महुआ, चना आदि वस्तुएं वर्जित हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed