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Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   Karwa Chauth Vrat Katha 2026 Karwa Chauth Ki Kahani And Aaj Chand Kitne Baje Niklega

करवा चौथ की पौराणिक कथा, पूजा-विधि और आज रात चांद के निकलने का समय क्या रहेगा?

Thu, 29 Oct 2026 04:32 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Thu, 29 Oct 2026 04:32 PM IST
सार

Karwa Chauth Ki Kahani: आज करवा चौथ है। इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु और सुखी दांपत्य जीवन के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। करवा चौथ पर शाम को पूजा के बाद करवा माता की कथा की सुनने का विशेष महत्व होता है। आइए जानते हैं क्या है करवा चौथ की कहानी। 

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Karwa Chauth Vrat Katha 2026 Karwa Chauth Ki Kahani And Aaj Chand Kitne Baje Niklega
करवा चौथ की कहानी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Karwa Chauth Ki Kahani: आज, गुरुवार, 29 अक्तूबर को सुहागिनों का सबसे बड़ा त्योहार करवा चौथ है। हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को महिलाएं यह व्रत अपने पति की लंबी आयु और दाम्पत्य जीवन में प्रेम और सामंजस्य के लिए पूरे दिन निर्जला रहकर करती हैं। भगवान शिव, माता पार्वती और कार्तिकेय के साथ-साथ श्री गणेशजी की पूजा करती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार द्रोपदी ने भी इस व्रत को किया था, इसके बाद पांडव विजयी रहे।
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करवा चौथ व्रत की पौराणिक कथा क्या है? 
  • एक साहूकार के सात लड़के और एक लड़की थी। एक बार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को सेठानी सहित उसकी सातों बहुएं और उसकी बेटी ने भी करवा चौथ का व्रत रखा। रात्रि के समय जब साहूकार के सभी लड़के भोजन करने बैठे तो उन्होंने अपनी बहन से भी भोजन कर लेने को कहा। इस पर बहन ने कहा- भाई, अभी चांद नहीं निकला है। चांद के निकलने पर उसे अर्ध्य देकर ही मैं आज भोजन करूंगी।
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  • साहूकार के बेटे अपनी बहन से बहुत प्रेम करते थे, उन्हें अपनी बहन का भूख से व्याकुल चेहरा देख बेहद दुःख  हुआ। साहूकार के बेटे नगर के बाहर चले गए और  एक पेड़ पर चढ़ कर अग्नि जला दी। घर वापस आकर उन्होंने अपनी बहन से कहा- देखो बहन, चांद निकल आया है। अब तुम  अर्ध्य देकर भोजन ग्रहण करो। साहूकार की बेटी ने अपनी भाभियों से कहा- देखों, चांद निकल आया है, तुम लोग भी अर्ध्य देकर भोजन कर लो। ननद की बात सुनकर भाभियों ने कहा-बहन अभी चांद नहीं निकला है, तुम्हारे भाई धोखे से अग्नि जलाकर उसके प्रकाश को चांद के रूप में तुम्हें दिखा रहे हैं।
  • साहूकार की बेटी अपनी भाभियों की बात को अनसुनी करते हुए भाइयों द्वारा दिखाए गए चांद को अर्ध्य देकर भोजन कर लिया। इस प्रकार करवा चौथ का व्रत भंग करने के कारण विध्नहर्ता भगवान श्री गणेश साहूकार की लड़की पर अप्रसन्न हो गए। गणेश जी की अप्रसन्नता के कारण उस लड़की का पति बीमार पड़ गया और घर में बचा हुआ सारा धन उसकी बीमारी में लग गया।
  • साहूकार की बेटी को जब अपने किए हुए दोषों का पता लगा तो उसे बहुत पश्चाताप हुआ। उसने गणेश जी से क्षमा प्रार्थना की और फिर से विधि-विधान पूर्वक चतुर्थी का व्रत शुरू कर दिया। उसने उपस्थित सभी लोगों का श्रद्धानुसार आदर किया और तदुपरांत उनसे आर्शीवाद ग्रहण किया।
  • इस प्रकार उस लड़की की श्रद्धा-भक्ति को देखकर एकदंत गणेश जी उस पर प्रसन्न हो गए और उसके पति को जीवनदान प्रदान किया। उसे सभी प्रकार के रोगों से मुक्त करके धन, संपत्ति और वैभव से युक्त कर दिया। इस प्रकार यदि कोई भी छल-कपट, अंहकार, लोभ, लालच को त्याग कर श्रद्धा और भक्ति भाव पूर्वक चतुर्थी का व्रत पूर्ण करता है, तो वह जीवन में सभी प्रकार के दुखों और क्लेशों से मुक्त होता है और सुखमय जीवन व्यतीत करता है। 
करवा चौथ पूजा विधि
  • सूर्योदय से पहले सरगी : करवा चौथ पर सरगी की परंपरा होती है। ऐसे में सूर्योदय से पहले सरगी ग्रहण करें।
  • पूजा संकल्प: फिर सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें, फिर पति की लंबी आयु, दांपत्य जीवन, सौभाग्य और खुशहाली के लिए व्रत का संकल्प लें। 
  • शाम को पूजा:  शाम को चौकी पर भगवान शिव, पार्वती, गणेश और कार्तिकेय की पूजा करें। 
  • करवे की पूजा और कथा सुने: इसके बाद करवा माता की पूजा करें, सुहाग की सामग्री अर्पित करें और वीरवती की करवा चौथ की कथा सुनें।
  • चांद को अर्घ्य दें: रात को चंद्रमा के निकलने पर दर्शन करें, अर्घ्य दें और ऊं सोमाय नम: का मंत्र बोलें। 
  • अर्घ्य देने के बाद व्रत खोलें: चांद को जल अर्पित करने के बाद पति के हाथों से जल और मिठाई ग्रहण करें। 
आज रात आपके शहर में कब निकलेगा चंद्रमा ? 

शहर

चंद्रोदय का समय

नई दिल्ली

रात 08:17 बजे

नोएडा

रात 08:16 बजे

गुरुग्राम

रात 08:18 बजे

गाजियाबाद

रात 08:17 बजे

मेरठ

रात 08:07 बजे

 

शहर

चंद्रोदय का समय

नई दिल्ली

रात 08:17 बजे

नोएडा

रात 08:16 बजे

गुरुग्राम

रात 08:18 बजे

गाजियाबाद

रात 08:17 बजे

मेरठ

रात 08:07 बजे

 

शहर

चंद्रोदय का समय

देहरादून

रात 08:02 बजे

हरिद्वार

रात 08:03 बजे

रुड़की

रात 08:02 बजे

नैनीताल

रात 07:59 बजे

ऋषिकेश

रात 08:02 बजे

टिहरी

रात 08:00 बजे

रुद्रप्रयाग

रात 07:57 बजे

अल्मोड़ा

रात 07:57 बजे
 

 

शहर

चंद्रोदय का समय

शिमला

रात 08:03 बजे

मंडी

रात 08:03 बजे

कांगड़ा

रात 08:03 बजे

चंबा

रात 08:03 बजे

कुल्लू

रात 08:00 बजे

मनाली

रात 08:00 बजे

 

शहर

चंद्रोदय का समय

लखनऊ

रात 08:00 बजे

वाराणसी

रात 07:56 बजे

गोरखपुर

रात 07:51 बजे

मेरठ

रात 08:07 बजे

कानपुर

रात 08:03 बजे

प्रयागराज

रात 08:00 बजे

आगरा

रात 08:11 बजे

अलीगढ़

रात 08:08 बजे

बरेली

रात 08:02 बजे

मथुरा

रात 07:53 बजे

मुरादाबाद

रात 08:03 बजे

अमेठी

रात 07:56 बजे

इटावा

रात 08:03 बजे

अयोध्या

रात 07:55 बजे

 

शहर

चंद्रोदय का समय

भोपाल

रात 08:25 बजे

इंदौर

रात 08:33 बजे

उज्जैन

रात 08:32 बजे

ग्वालियर

रात 08:14 बजे

जबलपुर

रात 08:12 बजे

सागर

रात 08:18 बजे

हरदा

रात 08:29 बजे

 

शहर

चंद्रोदय का समय

जयपुर

रात 08:22 बजे

जोधपुर

रात 08:34 बजे

अलवर

रात 08:15 बजे

अजमेर

रात 08:27 बजे

बीकानेर

रात 08:29 बजे

भरतपुर

रात 08:14 बजे

जैसलमेर

रात 08:41 बजे

 

शहर

चंद्रोदय का समय

अंबाला

रात 08:07 बजे

करनाल

रात 08:08 बजे

कुरुक्षेत्र

रात 08:07 बजे

पलवल

रात 08:11 बजे

पानीपत

रात 08:10 बजे

रोहतक

रात 08:12 बजे

रेवाड़ी

रात 08:15 बजे

सोनीपत

रात 08:11 बजे

हिसार

रात 08:15 बजे

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