आप पढ़ लेंगे दूसरों के सपने, एक अध्ययन में किया गया दावा
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नींद के वक्त देखे गए सपनों और विचारों का ज्यादा महत्व है। मनस्विदों का तो कहना है कि सपनों और सोते हुए किए गए विचार और फैसले ही महत्वपूर्ण हैं। सपनों और अचिन्ह विचारों में व्यक्ति का जितना समय लगता है, सोच समझकर किए गए फैसलों में उसका दस प्रतिशत समय भी नहीं लगता। अभी तक तो पता लगाना मुश्किल था कि सपनों में क्या चल रहा है या व्यक्ति अनजाने ही क्या सोच रहा है? लेकिन अब संभव हो गया है कि व्यक्ति सपनों में क्या सोच रहा है और उसके कौन से सपने उसके जागृत जीवन की पटकथा का पूर्वाभ्यास है। मास्को के गोर्की विश्वविद्यालय में न्यूरोसाइंस विभाग के प्रमुख प्रो. कामितानि ने एक अघ्ययन का हवाला देते हुए कहा है कि सपनों में देखी गई चीजों को जाना जा सकता है।
इस कामयाबी के बाद व्यक्ति की गहरी नींद में झांकना संभव है। सोते समय दिमाग का स्कैन करते हुए व्यक्ति की भावनाओं और व्यवहार का अनुमान लगाया जा सकता है। प्रयोग अभी आरंभिक स्थिति में है। सफल रहा और उसे नियंत्रित करने का कोई तरीका ढूंढा जा सका, तो लोगों द्वारा बांधे जा रहे मंसूबों को उनके उठने से पहले ही पढ़ा जा सकेगा। उदाहरण के लिए व्यक्ति के मन में आने वाले हत्या या अपराध के विचार को पहले ही मालूम किया जा सकेगा।
प्रो. कामितानि की टीम के ही सदस्य डॉक्टर मार्क स्टोक्स का कहना है कि इस शोध ने सपनों को पढ़ने वाली मशीन के करीब पहुंचा दिया है। हालांकि उसके लिए अभी लंबा रास्ता तय करना है, लेकिन सिद्धांत रूप में यह संभव है। योग और ध्यान के जरिए व्यक्ति और उसका गुरु सदियों से इस प्रक्रिया को काम में लेते रहे हैं। वे अपनी साधना के दौरान ऐसी विधियों का उपयोग करते रहे हैं कि अपनी दिमागी हलचलों को व्यवस्थित कर सकें। यह प्रक्रिया व्यक्तिगत रूप से ही संपन्न की जानी चाहिए। ऐसा कोई ढांचा नहीं बनाया जा सकता कि लोगों की दिमागी हलचल को उनकी सहमति के बिना नियंत्रित किया जा सके।