Telugu Hanuman Jayanti 2024: तेलुगु हनुमान जयंती आज , जानें इस दिन क्या करना चाहिए?
Telugu Hanuman Jayanti Kab: आंध्र, तेलंगाना और तेलुगु क्षेत्र में हनुमान जी का जन्मदिन ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। हालांकि उत्तर भारत में हनुमान जयंती चैत्र माह में, तमिल में दिसंबर में और कन्नड़ में मार्गशीर्ष माह में मनाई जाती है।
विस्तार
Telugu Hanuman Jayanti 2024: हनुमान जन्मोत्सव का त्योहार हनुमान के जन्मोत्सव के अवसर पर मनाया जाता है। इस दिन बजरंगबली के भक्त हनुमान जी के जन्मदिन को बड़े ही धूमधाम से मनाते हैं। हनुमान जी के जन्म के बारे में कई कथाएं प्रचलित हैं, जो हनुमान जी के जन्म से थोड़ी भिन्न बताई जाती हैं। आंध्र, तेलंगाना और तेलुगु क्षेत्र में हनुमान जी का जन्मदिन ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है।
हालांकि उत्तर भारत में हनुमान जयंती चैत्र माह में, तमिल में दिसंबर में और कन्नड़ में मार्गशीर्ष माह में मनाई जाती है। आइए जानते हैं कि 2024 में तेलुगु हनुमान जयंती कब है और इस दिन भक्तों को क्या करना चाहिए।
तेलुगु हनुमान जयंती तिथि 2024
तेलुगु कैलेंडर के अनुसार, हनुमान जयंती ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि को मनाई जाती है, जो इस साल 1 जून, शनिवार को पड़ रही है। दशमी तिथि 1 जून को प्रातः 07:24 बजे प्रारंभ होकर 2 जून को प्रातः 05:04 बजे समाप्त होगी।
कहां मनाई जाती है
तेलुगु हनुमान जयंती आंध्र, तेलंगाना और तेलुगु जैसे दक्षिणी क्षेत्रों में मनाई जाती है। यहां के लोगों का मानना है कि इसी दिन हनुमानजी का जन्म हुआ था। वहीं कुछ का मानना है कि इसी दिन हनुमान जी की प्रभु श्रीराम से भेंट हुई थी।
हनुमान जयंती पर क्या करें ?
- हनुमान भक्त 41 दिन की दीक्षा की शुरुआत चैत्र पूर्णिमा से करते हैं और इसे तेलुगु हनुमान जयंती के साथ समाप्त करते हैं।
- तेलुगु हनुमान जयंती में हनुमान जी की विशेष पूजा की जाती है, हनुमान चालीसा का पाठ किया जाता है, राम स्तोत्र का जाप किया जाता है, हनुमान जी की मूर्ति पर सिन्दूर लगाया जाता है और घी का दीपक जलाया जाता है।
- इस दिन श्रद्धालु गुलाब और गेंदे का दान करते हैं। वे लड्डू, हलवा, केला आदि भी चढ़ाते हैं।
- हनुमान जयंती पर घर में सुंदरकांड का पाठ भी किया जाता है, जिससे भगवान की कृपा मिलती है।
Jyeshtha Month 2024: वट सावित्री व्रत और शनि जयंती एक दिन, इस विधि से पूजा करने पर शुभ फलों को होगी प्राप्ति
Budhwa Mangal 2024: ज्येष्ठ माह के मंगलवार को क्यों कहा जाता है बुढ़वा मंगल, जानिए महत्व और पूजाविधि