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Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   Sawan Shivratri 2024 Puja Vidhi Worship Lord Shiva And Upay

Sawan Shivratri 2024: श्रावण शिवरात्रि आज, शिव-पार्वती जी की कृपा पाने के लिए कर लें ये उपाय

Fri, 02 Aug 2024 06:22 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Fri, 02 Aug 2024 06:22 AM IST
सार

सावन शिवरात्रि पर विशेष रूप से भगवान शिव और मां पार्वती की आराधना करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
 

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Sawan Shivratri 2024 Puja Vidhi Worship Lord Shiva And Upay
Sawan Shivratri 2024 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पूरे सावन माह की तरह ही मासिक शिवरात्रि भी भगवान शिव की आराधना के लिए श्रेष्ठ  दिन है। सावन माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 02 अगस्त को दोपहर 03 बजकर 26 मिनट पर हो रही है। वहीं, इस तिथि का समापन 03 अगस्त को दोपहर 03 बजकर 50 मिनट पर होने जा रहा है। मासिक शिवरात्रि की पूजा निशा काल में करने का विधान है। ऐसे में मासिक शिवरात्रि का व्रत 02 अगस्त 2024, शुक्रवार के दिन किया जाएगा। सावन शिवरात्रि पर विशेष रूप से भगवान शिव और मां पार्वती की आराधना करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।

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1. शिवलिंग पर अभिषेक
शिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर दूध, दही, शहद और गंगाजल का अभिषेक करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। शिवपुराण के अनुसार, इस दिन भगवान शिव को इन पदार्थों से अभिषेक करने से उनकी कृपा प्राप्त होती है और जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं। अभिषेक के बाद शिवलिंग पर बेलपत्र, पुष्प और धूप-दीप अर्पित करें। इससे भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है और समस्त पाप नष्ट होते हैं। अभिषेक के दौरान मंत्र: "ॐ नमः शिवाय"  मंत्र का जाप करें।
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2. व्रत और उपवास
श्रावण शिवरात्रि पर व्रत और उपवास रखना भगवान शिव को प्रसन्न करने का एक महत्वपूर्ण उपाय है। इस दिन निर्जला उपवास रखें और रात्रि भर शिव की आराधना करें। शिवमहापुराण में कहा गया है कि इस दिन व्रत रखने से सभी पाप समाप्त हो जाते हैं और शिव भक्त को अपार पुण्य की प्राप्ति होती है। उपवास के दौरान भगवान शिव की चालीसा, या शिवपुराण का पाठ करें, जिससे भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

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3. रुद्राभिषेक
रुद्राभिषेक भगवान शिव के रूद्र स्वरूप की पूजा का एक महत्वपूर्ण तरीका है। रुद्राभिषेक के दौरान शिवलिंग पर पंचामृत (दूध, दही, शहद, घी और गंगाजल) अर्पित करें और 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें। इससे न केवल घर में शांति और समृद्धि आती है, बल्कि व्यक्ति की सारी समस्याओं का समाधान भी होता है। रुद्राभिषेक के दौरान इस मंत्र का जाप भी कर सकते हैं। मंत्र: "ॐ हौं जूं सः"

4. शिव पुराण का पाठ
शिवरात्रि के दिन शिव पुराण का पाठ करना भी अत्यंत फलदायी होता है। इस ग्रंथ का नियमित पाठ करने से न केवल आध्यात्मिक उन्नति होती है, बल्कि भगवान शिव की विशेष कृपा भी प्राप्त होती है। यह उपाय विशेष रूप से उन लोगों के लिए है जो आध्यात्मिक उन्नति और दिव्य कृपा की प्राप्ति चाहते हैं।



5. रात्रि जागरण और भजन संकीर्तन
श्रावण शिवरात्रि के दिन रात्रि जागरण और भजन संकीर्तन करना बहुत महत्वपूर्ण है। इस दिन भगवान शिव के भजन, कीर्तन और 'शिव महिम्न स्तोत्र' का पाठ करने से मन को शांति मिलती है और भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।

6. दान और सेवा
शिवरात्रि पर दान और सेवा का महत्व भी अत्यधिक है। गरीबों, ब्राह्मणों और जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र और अन्य सामग्री दान करना चाहिए। दान और सेवा से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख और समृद्धि का आगमन होता है।  

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