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RamNavami 2024: रवि योग में मनाया जायेगा श्री राम नवमी का पर्व , जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Wed, 17 Apr 2024 06:57 AM IST
श्वेता सिंह पं.मनोज कुमार द्विवेदी, ज्योतिषाचार्य
पं.मनोज कुमार द्विवेदी, ज्योतिषाचार्य Published by: श्वेता सिंह Updated Wed, 17 Apr 2024 06:57 AM IST
सार

राम नवमी के दिन आश्लेषा नक्षत्र, रवि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहे हैं।  इस दिन सुबह 6 बजकर 8 मिनट तक सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा और पूरे दिन भर रवि योग रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार रवि योग में सभी प्रकार के दोषों से मुक्ति मिलती है।रवि योग को शुभ योग माना जाता है, जिसमें सूर्य का प्रभाव होता है। 

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RamNavami 2024 Puja in Ravi Yog know th puja vidhi and shubh muhurat
Ram Navami 2024 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि के दिन यानि नवरात्रि के नवमी तिथि को श्री राम नवमी का पर्व मनाया जाता है।  हिंदू धर्म में इस पर्व का विशेष महत्व है और इस साल श्री राम नवमी के दिन बेहद ही दुर्लभ संयोग बन रहा है।  पंचांग के अनुसार इस बार राम नवमी के दिन आश्लेषा नक्षत्र, रवि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहे हैं।  इस दिन सुबह 6 बजकर 8 मिनट तक सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा और पूरे दिन भर रवि योग रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार रवि योग में सभी प्रकार के दोषों से मुक्ति मिलती है।रवि योग को शुभ योग माना जाता है, जिसमें सूर्य का प्रभाव होता है।  इस दौरान की गई पूजा-पाठ से मान-सम्मान और करियर में सफलता प्राप्त होती है। इस दिन मां दुर्गा के साथ ही भगवान राम की आराधना करने का भी विधान है।  इस साल राम नवमी का पर्व 17 अप्रैल 2024, बुधवार के दिन मनाया जाएगा। खास बात है कि अयोध्या के राम मंदिर में करीब 500 साल बाद धूमधाम के साथ श्रीराम नवमी का पर्व मनाया जाएगा।

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भगवान श्री राम का जन्म
ज्योतिषाचार्य पं.मनोज कुमार द्विवेदी ने बताया कि भगवान श्री राम का जन्म चैत्र महीने की शुक्ल पक्ष की नवमी को अयोध्या में हुआ। श्री राम का जन्म दिन के 12 बजे हुआ था इस समय नवमी तिथि, पुष्य नक्षत्र व कर्क लग्न था। माता कौशल्या की कोख से जन्म लेने पर भगवान विष्णु के मानव अवतार लेने पर इस जन्मोत्सव का आनंद देवताओं, ऋषियों, किन्नरों, चारणों सहित अयोध्या नगरी की समस्त प्रजा ले रही थी। इतना ही नहीं यह भी माना जाता है कि गोस्वामी तुलसीदास ने श्री रामचरित मानस की रचना भी श्री रामनवमी के दिन ही शुरु की थी। 
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राम नवमी 2024 शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि 16 अप्रैल को दोपहर 1 बजकर 23 मिनट पर शुरू होगा और इसका समापन 17 अप्रैल को दोपहर 3 बजकर 14 मिनट पर होगा. उदया तिथि के आधार पर रामनवमी का पर्व 17 अप्रैल को मनाई जाएगी। रामनवमी पर मध्याह्न पूजा का शुभ मुहूर्त 11 बजकर 10 मिनट से लेकर 01 बजकर 43 मिनट तक रहेगा।
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श्री रामनवमी व्रत व पूजा विधि
हिंदू धर्म में आस्था रखने वालों के लिए श्री रामनवमी बहुत ही शुभ दिन होता है। श्री रामनवमी पर पारिवारिक सुख शांति और समृद्धि के लिये व्रत भी रखा जाता है। राम नवमी की पूजा विधि कुछ इस प्रकार है:

  • सबसे पहले स्नान करके पवित्र होकर पूजा स्थल पर पूजन सामग्री के साथ बैठें।
  •  पूजा में तुलसी पत्ता और पुष्प होना चाहिए।
  • उसके बाद श्रीराम नवमी की पूजा षोडशोपचार करें।
  • खीर और फल-मूल को प्रसाद के रूप में तैयार करें।
  • पूजा के बाद घर की सबसे छोटी महिला सभी लोगों के माथे पर तिलक लगाए।
  • श्री रामरक्षा स्त्रोतम का पाठ करें।
  • पूरे परिवार के साथ आरती करें, आरती के बाद पवित्र जल को आरती में सम्मिलत सभी जनों पर छिड़कें।
  • अपनी आर्थिक क्षमता व श्रद्धानुसार दान-पुण्य भी अवश्य करना चाहिये। 
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