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Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   Rama Ekadashi 2023 Date Puja Vidhi With Vishnu Worship of Lakshmi Wealth Will Be With These Benefits

Rama Ekadashi 2023: 9 नवंबर को रमा एकादशी, जानिए शुभ तिथि, महत्व, पूजाविधि और मंत्र

Wed, 08 Nov 2023 09:18 AM IST
विनोद शुक्ला अनीता जैन ,वास्तुविद
अनीता जैन ,वास्तुविद Published by: विनोद शुक्ला Updated Wed, 08 Nov 2023 09:18 AM IST
सार

पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 08 नवंबर को प्रातः काल 08 बजकर 23 मिनट से शुरू होकर अगले दिन यानी 09 नवंबर को सुबह 10 बजकर 41 मिनट पर समाप्त होगी। उदयातिथि के अनुसार 9 नवंबर को एकादशी का व्रत रखा जाएगा।  

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Rama Ekadashi 2023 Date Puja Vidhi With Vishnu Worship of Lakshmi Wealth Will Be With These Benefits
Rama Ekadashi 2023: गुरुवार को रमा एकादशी है। यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित होता है। इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा का विधान है। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Rama Ekadashi 2023: हर वर्ष कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को रमा एकादशी मनाई जाती है। इस वर्ष गुरुवार को रमा एकादशी है। यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित होता है। इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा का विधान है। साथ ही भगवान विष्णु के निमित्त एकादशी का व्रत रखा जाता है। पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 08 नवंबर को प्रातः काल 08 बजकर 23 मिनट से शुरू होकर अगले दिन यानी 09 नवंबर को सुबह 10 बजकर 41 मिनट पर समाप्त होगी। उदयातिथि के अनुसार 9 नवंबर को एकादशी का व्रत रखा जाएगा।  
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रमा एकादशी व्रत का महत्व
रमा एकादशी पर पूजा के लिए संध्या काल में दीपदान करने से देवी लक्ष्मी अति प्रसन्न होती हैं और इससे सुख-समृद्धि, धन में वृद्धि होती है और समस्त बिगड़े काम बन जाते हैं। देवी तुलसी लक्ष्मी स्वरूपा है अतः इस दिन तुलसी पूजन बहुत पुण्यदायी है। शास्त्रों के अनुसार जो मनुष्य साल भर आने वाली एकादशी तिथि के व्रत धारण नहीं कर पाता है वो महज इस एकादशी का व्रत रखने से ही जीवन की दुर्बलता और पापों से मुक्ति पाकर सुखमय जीवन जीने लगता हैं। पद्म पुराण में उल्लेख है कि जो फल कामधेनु और चिन्तामणि से प्राप्त होता है उसके समतुल्य फल रमा एकादशी के व्रत रखने से प्राप्त हो जाता हैं। सभी पापों का नाश करने वाली और कर्मों का फल देने वाली रमा एकादशी का व्रत रखने से धन धान्य की कमी भी दूर हो जाती हैं। रमा एकादशी पर लक्ष्मी-नारायण की पूजा करने से साधक को सभी प्रकार के सांसारिक सुखों की प्राप्ति होती है।
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पूजाविधि
कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को प्रातः काल ब्रह्म मुहूर्त में उठें। इस दिन पवित्र नदियों में या घर पर ही सूर्योदय से पूर्व स्नान आदि कार्य करने के बाद व्रत का संकल्प लेना चाहिए। रमा एकादशी के दिन भगवान विष्णु के दिव्य रूप केशव की पूजा देवी लक्ष्मी के साथ की जाती है। भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का पंचामृत से अभिषेक कर पीला चन्दन, अक्षत, मोली, फल, फूल, मेवा, तुलसी दल आदि अर्पित करें एवं लक्ष्मी-नारायण की धूप व दीप से आरती उतारनी चाहिए। इसके बाद एकादशी की कथा सुननी चाहिए। 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जितना संभव हो जप करें। इस दिन रात्रि जागरण कर हरि कीर्तन करने से सभी कष्ट मिट जाते हैं।

भगवान विष्णु मंत्र
ॐ नमोः नारायणाय । ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय ।

शांता कारम भुजङ्ग शयनम पद्म नाभं सुरेशम।
विश्वाधारं गगनसद्र्श्यं मेघवर्णम शुभांगम।
लक्ष्मी कान्तं कमल नयनम योगिभिर्ध्यान नग्म्य्म ।
वन्दे विष्णुम भवभयहरं सर्व लोकैकनाथम।।

माता लक्ष्मी के मंत्र
ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभ्यो नम।
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद,
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्ये नम:।  
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