Pradosh Vrat 2021 List: 10 जनवरी को साल का पहला प्रदोष व्रत, जानें इस साल कब-कब पड़ेगा यह व्रत

धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रुस्तम राणा Updated Fri, 08 Jan 2021 12:13 AM IST
प्रदोष व्रत 2021
प्रदोष व्रत 2021 - फोटो : सोशल मीडिया
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Pradosh Vrat 2021: 10 जनवरी को रवि प्रदोष व्रत रखा जाएगा। यह इस साल का पहला प्रदोष व्रत होगा। शास्त्रों के अनुसार, प्रदोष व्रत में विधि विधान के साथ भगवान शिव की पूजा होती है। यह व्रत सौभाग्य प्राप्ति और मनोकामना पूर्ति के लिए रखा जाता है। हिन्दू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह में प्रदोष व्रत दो बार आता है। यह कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को आता है। 
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साल 2021 में कब-कब प्रदोष व्रत पड़ेगा, देखें पूरी लिस्ट (Pradosh Vrat 2021 List) 

10 जनवरी: प्रदोष व्रत
26 जनवरी: भौम प्रदोष व्रत
09 फरवरी: भौम प्रदोष व्रत
24 फरवरी: प्रदोष व्रत
10 मार्च: प्रदोष व्रत
26 मार्च: प्रदोष व्रत
09 अप्रैल: प्रदोष व्रत
24 अप्रैल: शनि प्रदोष
08 मई: शनि प्रदोष
24 मई: सोम प्रदोष व्रत
07 जून: सोम प्रदोष व्रत
22 जून: भौम प्रदोष
07 जुलाई: प्रदोष व्रत
21 जुलाई: प्रदोष व्रत
05 अगस्त: प्रदोष व्रत
20 अगस्त: प्रदोष व्रत
04 सितंबर: शनि प्रदोष
18 सितंबर: शनि प्रदोष व्रत
04 अक्टूबर: सोम प्रदोष
17 अक्टूबर: प्रदोष व्रत
02 नवंबर: भौम प्रदोष
16 नवंबर: भौम प्रदोष
02 दिसंबर: प्रदोष व्रत
31 दिसंबर: प्रदोष व्रत

प्रदोष व्रत पूजा विधि

प्रदोष व्रत करने के लिए त्रयोदशी के दिन जल्दी सुबह उठकर सबसे पहले स्नान करें। भगवान शिव को जल चढ़ाकर भगवान शिव का मंत्र जपें। इसके बाद पूरे दिन निराहार रहते हुए प्रदोषकाल में भगवान शिव को शमी, बेल पत्र, कनेर, धतूरा, चावल, फूल, धूप, दीप, फल, पान, सुपारी आदि चढ़ाएं।

भगवान शिव के मंत्र

ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥ 
ॐ नमः शिवाय। ॐ आशुतोषाय नमः।

प्रदोष व्रत का महत्व

प्रदोष व्रत भगवान शिव के साथ चंद्रदेव से भी जुड़ा है। मान्यता है कि प्रदोष का व्रत सबसे पहले चंद्रदेव ने ही किया था। माना जाता है शाप के कारण चंद्र देव को क्षय रोग हो गया था। तब उन्होंने हर माह में आने वाली त्रयोदशी तिथि पर भगवान शिव को समर्पित प्रदोष व्रत रखना आरंभ किया था। जिसके शुभ प्रभाव से चंद्रदेव को क्षय रोग से मुक्ति मिली थी। 
 
पौराणिक मान्यता के अनुसार प्रदोष व्रत करने वाले साधक पर सदैव भगवान शिव की कृपा बनी रहती है और उसका दु:ख दारिद्रता दूर होती है और कर्ज से मुक्ति मिलती है। प्रदोष व्रत में शिव संग शक्ति यानी माता पार्वती की पूजा की जाती है, जो साधक के जीवन में आने वाली सभी बाधाओं को दूर करते हुए उसका कल्याण करती हैं।

प्रदोष व्रत के लाभ

प्रदोष व्रत अलग-अलग कामनाओं की पूर्ति के साथ किया जाता है। अगर किसी को सुख सौभाग्य और धन लाभ चाहिए तो हर माह की त्रयोदशी तिथि पर शुक्रवार के दिन व्रत रखना शुभ होता है। लंबी आयु की कामना के लिए रविवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत रखना चाहिए। वहीं अगर आपके मन में संतान प्राप्ति की इच्छा है तो शनिवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष के दिन उपवास रखना शुभ फलदायक रहता है। कर्जों से मुक्ति के लिए सोम प्रदोष व्रत रखना श्रेष्ठ होता है।

 

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