Mohini Ekadashi: आज है मोहिनी एकादशी, जानें सुख-सौभाग्य में वृद्धि के लिए क्या करें क्या न करें
Mohini Ekadashi Vrat Niyam: स्कन्द पुराण के अनुसार पूर्व काल में वैशाख मास की एकादशी तिथि को शुभ अमृत प्रकट हुआ और इसी अमृत की रक्षा के लिए भगवान् विष्णु ने मोहिनी रूप धारण किया, ताकि देवताओं को अमृत मिल सके। आइए जानते हैं इस दिन भगवान् विष्णु को प्रसन्न करने एवं उनकी कृपा पाने के लिए क्या करें क्या न करें-
विस्तार
Mohini Ekadashi 2024: हिन्दू पंचाग के अनुसार इस वर्ष 19 मई,रविवार को वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की मोहिनी एकादशी है। धार्मिक मान्यता है कि मोहिनी एकादशी के दिन व्रत और दान के साथ ही भगवान विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। ये भी माना जाता है कि इस व्रत के प्रभाव से साधक के समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे अंत में वैकुण्ठ धाम मिलता है। इस बार रविवार और एकादशी के योग में भगवान विष्णु के साथ ही सूर्यदेव की भी विशेष पूजा करना फलदाई रहेगा । स्कन्द पुराण के अनुसार पूर्व काल में वैशाख मास की एकादशी तिथि को शुभ अमृत प्रकट हुआ और इसी अमृत की रक्षा के लिए भगवान् विष्णु ने मोहिनी रूप धारण किया, ताकि देवताओं को अमृत मिल सके। आइए जानते हैं इस दिन भगवान विष्णु को प्रसन्न करने एवं उनकी कृपा पाने के लिए क्या करें क्या न करें-
सूर्यदेव को अर्घ्य दें
मोहिनी एकादशी के दिन ब्रह्ममुहूर्त में स्न्नान करने बाद व्रत का संकल्प लें।इसके बाद उगते हुए सूर्य को जल अर्घ्य दें ऐसा करने से सूर्यदेव और भगवन विष्णु दोनों की कृपा मिलेगी।
भगवान विष्णु की पूजा
भगवान विष्णु की मूर्ति को पंचामृत से स्नान कराकर सुन्दर पीले वस्त्र धारण कराएं एवं मस्तक पर पीला चन्दन लगाकर पीले पुष्प अर्पित करें। इसके बाद भगवान विष्णु के सामने धूप-दीप जलाएं, आरती करें और व्रत की कथा पढ़ें। सात्विक रहते हुए जितना संभव हो 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' का जप करें। इस दिन घर में विष्णुसहत्रनाम का पाठ करना भी कई गुणा फल देता है।
अन्न-जल का दान करें
विशेषरूप से वैशाख के महीने में अन्न और जल का दान करना अति उत्तम माना जाता है। इस दिन आप किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को अन्न,शीतल जल से भरा घड़ा, मिठाई, फल, वस्त्र, पुस्तक,शर्बत आदि दान कर सकते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार अन्न-जल का दान करने से घर में सुख-समृद्धि और संपन्नता का वास सदैव के लिए रहता है।
दीपदान करें
शास्त्रों के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु का स्मरण करके किसी मंदिर, पवित्र नदी, सरोवर में अन्यथा तुलसी या पीपल के वृक्ष के नीचे दीपदान करना बहुत पुण्यदायी माना गया है। दीपदान करने के लिए आटे के छोटे-छोटे दीपक बनाकर उसमें थोड़ा सा तेल या घी डालकर पतली सी रुई की बत्ती जलाकर उसे पीपल या बढ़ के पत्ते पर रखकर नदी में प्रवाहित किया जाता है,ऐसा करने से आपके जीवन के अन्धकार मिटते हैं।
क्या न करें
- मोहिनी एकादशी बड़े-बड़े पातकों का शमन करने वाली होती है, इस दिन मन,कर्म,वचन द्वारा किसी भी प्रकार का पाप कर्म करने से बचने का प्रयास करना चाहिए।
- शास्त्रों के नियमानुसार एकादशी तिथि से एक दिन पहले और एक दिन बाद में भी यानि तीन दिन तक लहसुन, प्याज, मांस, मछली, अंडा आदि तामसिक आहार के सेवन से भी दूर रहना चाहिए।
- एकादशी के दिन चावल खाने की शास्त्रों में मनाही है। जो लोग एकादशी का व्रत नहीं करते उन्हें भी चावल नहीं खाना चाहिए।
- इस दिन घर में किसी भी तरह का वाद-विवाद या क्लेश करने से बचना चाहिए।