फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   Mahashivratri 2023 Shiv Ji Ki Aarti Lyrics In Hindi Om Jai Shiv Omkara Swami Jai Shiv Omkara Aarti

MahaShivratri 2023 Shiv Ji Ki Aarti: आज महाशिवरात्रि पर करें ये आरती, शिव जी करेंगे हर मनोकामना पूरी

Sat, 18 Feb 2023 01:04 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आशिकी पटेल Updated Sat, 18 Feb 2023 01:04 AM IST
सार

Mahashivratri 2022 Shiv Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi : मान्यता है कि महाशिवरात्रि पर विधिवत भगवान शिव की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। वहीं स्कंद पुरांण में वर्णित एक कथा के अनुसार बिना आरती के शिव जी की पूजा पूरी नहीं मानी जाती है। इसलिए पूजा के बाद आरती जरूर करें। 

विज्ञापन
Mahashivratri 2023 Shiv Ji Ki Aarti Lyrics In Hindi Om Jai Shiv Omkara Swami Jai Shiv Omkara Aarti
भगवान शिव की आरती हिंदी में - फोटो : amar ujala

विस्तार

MahaShivratri 2023 Shiv Ji Ki Aarti Lyrics In Hindi: आज 18 फरवरी शनिवार को महाशिवरात्रि का महापर्व मनाया जा रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि मनाया जाता है। इस साल 18 फरवरी को ये पावन पर्व मनाया जा रहा है। ये दिन शिव जी और माता पार्वती के विवाह के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। यानी भगवान शिव और माता पार्वती के मिलन को महाशिवरात्रि कहा जाता है। इस दिन भगवान शिव ने वैराग्य जीवन त्यागकर गृहस्थ जीवन अपनाया था। मान्यता है कि इस दिन विधिवत भगवान शिव की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। वहीं स्कंद पुरांण में वर्णित एक कथा के अनुसार बिना आरती के शिव जी की पूजा पूरी नहीं मानी जाती है। इसलिए पूजा के बाद आरती जरूर करें। यहां से आप भगवान शिव की आरती पढ़ सकते हैं -

विज्ञापन


MahaShivratri 2023: महाशिवरात्रि पर इन पूजन सामग्री के बिना अधूरी है शिव पूजा, देखें पूरी लिस्ट 

विज्ञापन


भगवान शिव की आरती

ओम जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव अर्द्धांगी धारा।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
एकानन चतुरानन पञ्चानन राजे। हंसानन गरूड़ासन
वृषवाहन साजे।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे।
त्रिगुण रूप निरखते त्रिभुवन जन मोहे।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
अक्षमाला वनमाला मुण्डमालाधारी।
त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे।
सनकादिक गरुड़ादिक भूतादिक संगे।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका।
मधु कैटव दोउ मारे, सुर भयहीन करे।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
लक्ष्मी, सावित्री पार्वती संगा।
पार्वती अर्द्धांगी, शिवलहरी गंगा।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
पर्वत सोहें पार्वतू, शंकर कैलासा।
भांग धतूर का भोजन, भस्मी में वासा।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
जया में गंग बहत है, गल मुण्ड माला।
शेषनाग लिपटावत, ओढ़त मृगछाला।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
काशी में विराजे विश्वनाथ, नन्दी ब्रह्मचारी।
नित उठ दर्शन पावत, महिमा अति भारी।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
त्रिगुणस्वामी जी की आरति जो कोई नर गावे।
कहत शिवानन्द स्वामी मनवान्छित फल पावे।।
ओम जय शिव ओंकारा।। ओम जय शिव ओंकारा।।

MahaShivratri 2023: शिव जी को प्रसन्न करने के लिए बेहद खास है इस बार की महाशिवरात्रि, बन रहे कई दुर्लभ संयोग

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed