पतित पावनी हरिपदी मां गंगा का प्राकट्य दिवस गंगा सप्तमी कल 11 मई 2019 वैशाख शुक्ल सप्तमी को मनाया जाएगा। मान्यता है कि इसी दिन ही ब्रह्मा के कमंडल से मां गंगा की उत्पत्ति हुई थी। इसी दिन भगीरथ के तप से प्रसन्न होकर गंगा शिव की जटाओं में समाई थी। गंगा सप्तमी के दिन गंगा स्नान और दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि गंगा सप्तमी के दिन किए गये गंगा स्नान से व्यक्ति के सभी पाप नाश नष्ट हो जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। गंगा के अवतरण दिवस के दिन गंगा में डुबकी लगाने के दौरान कुछ बातों का हमेशा ध्यान रखना चाहिए, नहीं तो बजाय पुण्य के पाप का भागीदार बनना पड़ता है।
Ganga Saptami 2019 : जानें गंगा स्नान के दौरान किन बातों की अनदेखी करने पर पुण्य की जगह मिलता है पाप
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सूर्य की ओर मुंह करके करें स्नान
गंगा जी में स्नान करते समय हमेशा नदी की धारा या सूर्य की ओर मुंह करके नहाएं। अक्सर इस बात को लेकर शंका होती है कि आखिर गंगा स्नान करते समय कितनी संख्या में डुबकी लगाना शुभ होता है। गंगा ही नहीं किसी भी नदी में स्नान करते समय हमेशा 3, 5, 7 या 12 डुबकियां लगाना अच्छा बताया गया है। यदि आप तीन डुबकी लगा रहे हैं तो आप एक डुबकी देवी-देवताओं के नाम से, एक अपने पुरखों के नाम से और एक अपने परिवार के नाम से लगाएं।
गंगा तट की पवित्रता का रखें पूरा ख्याल
अपनी सुख-समृद्धि की कामना लिए जब आप मां गंगा के पावन जल में डुबकी लगाने पहुंचे तो अपनी चप्पलें तट से दूर रखें क्योंकि इसी गंगा तट पर लोग बड़ी संख्या में पूजन करते हैं। लाखों-करोड़ों लोगों के जीवन का आधार मानी जाने वाली मां गंगा के जल में किस भी प्रकार का कूड़ा न डालें। पूजा का बचा हुआ भी नहीं। अमृत जल प्रदान करने वाली मां गंगा के जल की शुद्धता बनाए रखने के लिए गंगा में स्नान करते समय साबुन का प्रयोग न करें और न ही कपड़े धोएं। धार्मिक पर्व और परंपरा को ध्यान में रखते हुए मर्यादित वस्त्र पहनें।
पाप ही नहीं मन का मैल भी दूर करें
गंगा तट पर जब भी जाएं श्रद्धा एवं विश्वास के साथ जाएं और वहां पर कोई ऐसा आचरण न करें जो धर्म विरुद्ध है। गंगा स्नान करते समय सिर्फ अपने पाप ही नहीं बल्कि बल्कि मन का मैल भी दूर करें। गंगा तट को साफ-सुथरा रखने में सहयोग करें। गंगा किनारे पालिथीन पर प्रतिबंध है। ऐसे में इसका प्रयोग न करें और न ही गंदगी फैलाएं। पवित्र नदियों में किसी भी प्रकार का कूड़ा-कचरा न डालें।
ऐसे करें गंगा पूजन
मान्यता है कि गंगा सप्तमी के दिन गंगा स्नान करने से पूरे वर्ष गंगा स्नान करने का फल मिलता है। ऐसे में मां भागीरथी का आशीर्वाद पाने के लिए गंगा स्नान के पश्चात् गंगा लहरी व गंगा स्त्रोत का पाठ करें। गंगा पूजन के बाद मां गंगा की आरती करना न भूलें। गंगा स्नान के बाद दान का बहुत महत्व है। फिर चाहे वह दीपदान हो या फिर धन या अन्न का दान। अपनी श्रद्धा एवं क्षमता के अनुसार अवश्य दान करें।