फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   know astrological benefits of navratri third day mata chandra puja by Dr. Vinay Bajrangi

नवरात्रि 2018 : आज माता को घंटा चढ़ाकर पाएं शत्रुओं पर विजय

Fri, 12 Oct 2018 08:03 AM IST
-डॉ. विनय बजरंगी, ज्योतिषाचार्य व कर्म संशोधक
-डॉ. विनय बजरंगी, ज्योतिषाचार्य व कर्म संशोधक Updated Fri, 12 Oct 2018 08:03 AM IST
विज्ञापन
know astrological benefits of navratri third day mata chandra puja by Dr. Vinay Bajrangi
navratri 2018

मां चंद्रघंटा दुर्गा तीसरा स्वरुप हैं। तृतीय नवरात्र के दिन मां दुर्गा के इसी स्वरुप का पूजन होता है। इनकी ललाट पर अर्धचंद्र के आकार का घंटा होने के कारण इन्हे चंद्रघंटा कहा जाता है। इस दिन साधक का मन मणि पूर्ण चक्र में प्रविष्ट होता है।

विज्ञापन


इस दिन विधि-विधान से मां चंद्रघंटा का पूजन करने पर साधक को अलौकिक वस्तुओं के दर्शन की अनुभूति होती है। मां चंद्रघंटा की पूजा - अर्चना से साधक में वीरता - निर्भरता के साथ ही सौम्यता एवं विनम्रता का विकास होता है। इनकी मुद्रा हमेशा युद्ध के लिए तत्पर रहती है, इसीलिए लिए जल्द ही अपने भक्तजनों का कष्ट हरतीं हैं और उन्हें अति शीघ्र फल प्रदान करती हैं। इनकी उपासना करने वाले निर्भीक और पराक्रमी हो जाते हैं। मां चंद्रघंटा के घंटे के ध्वनि अपने भक्तों की भूत प्रेतादि से रक्षा करती है।
विज्ञापन


मां दुर्गा के इस स्वरुप की कथा भी भगवान भोलेनाथ से ही सम्बंधित है। जब भगवान भोलेनाथ देवी सती से विवाह रचाने हेतु बारात लेकर आये तो वह अपने औघड़ रूप में, तन विभूति से रमा हुआ, सर्पों की माला, बड़ी-बड़ी जटायें, भूत - प्रेत आदि साथ लेकर आये थे। उनके इस रूप को देखकर देवी सती की मां भयभीत हो मूर्छित हो गयीं और सभी डरने लगे। तब देवी सती ने भगवान शिव से उनके निर्मल रूप में आने अनुरोध किया। भगवान शिव के देवी सती के इस अनुरोध को न स्वीकारने के कारण देवी जगदम्बा ने क्रोधित होकर चन्द्रघण्टा का रूप लिया और उनके घंटे की ध्वनि सम्पूर्ण वातावरण में जो गूंज उठी, उस निर्मल और शीतल ध्वनि से सम्पूर्ण वातावरण सुगम हो गया। तत्पश्चात भगवान शिव अपने सहज रूप में आये और विवाह संपन्न किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


पूजन विधि
सर्वप्रथम स्नानादि कर इस दिन लाल या पीले वस्त्र धारण करें फिर चौकी पर मां चंद्रघंटा की प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद धूप - दीप आदि प्रज्वलित कर कलश आदि का पूजन करें।  सभी देवी देवताओं का आचमन करें और फिर रोली -मोली अक्षत और लाल गुड़हल के पुष्प से मां चंद्रघंटा की पूजा करें और वंदना मंत्र का उच्चारण करें और मां का ध्यान लगाएं। मां चंद्रघंटा को गाय के दूध से बने पंचामृत का भोग लगाएं और मां चंद्रटा का स्त्रोत पाठ भी करें। तत्पश्चात प्रसाद वितरण कर पूजन संपन्न करें।

वंदना मंत्र
पिण्डज प्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकैर्युता |
प्रसादं तनुते महयं चन्द्रघण्टेति विश्रुता।

ध्यान
वन्दे वांछित लाभाय चन्द्रार्धकृत शेखरम्।
सिंहारूढा चंद्रघंटा यशस्वनीम्॥
मणिपुर स्थितां तृतीय दुर्गा त्रिनेत्राम्।
खंग, गदा, त्रिशूल,चापशर,पदम कमण्डलु माला वराभीतकराम्॥
पटाम्बर परिधानां मृदुहास्या नानालंकार भूषिताम्।
मंजीर हार केयूर,किंकिणि, रत्नकुण्डल मण्डिताम॥
प्रफुल्ल वंदना बिबाधारा कांत कपोलां तुगं कुचाम्।
कमनीयां लावाण्यां क्षीणकटि नितम्बनीम्॥

स्तोत्र पाठ
आपदुध्दारिणी त्वंहि आद्या शक्तिः शुभपराम्।
अणिमादि सिध्दिदात्री चंद्रघटा प्रणमाभ्यम्॥
चन्द्रमुखी इष्ट दात्री इष्टं मन्त्र स्वरूपणीम्।
धनदात्री, आनन्ददात्री चन्द्रघंटे प्रणमाभ्यहम्॥
नानारूपधारिणी इच्छानयी ऐश्वर्यदायनीम्।
सौभाग्यारोग्यदायिनी चंद्रघंटप्रणमाभ्यहम्॥

मां चंद्रघंटा का ज्योतिष सम्बन्ध
मां चंद्रघंटा के पूजन से जातक की कुंडली का छठा भाव जाग्रत होता है। अर्थात् जातक निर्भयी पराक्रमी और साहसी बनता है| वह अपने शत्रुओं पर विजय पाने में सक्षम हो जाता है| यदि जातक पर कोई कोर्ट - केस आदि चल रहा हो तो मां चंद्र घंटा की विधिवत रूप से संपन्न पूजा जातक को विजय प्राप्त कराने में सहायता देती है। मां चंद्रघंटा के पूजन से साधक की कुंडली का एकादश भाव भी जाग्रत होता है। मां चंद्रघंटा की आराधना से यदि कोई भूत- प्रेत बाधा आदि होती है, तो उसका विनाश हो जाता है। उनके घंटे की ध्वनि से सम्पूर्ण वातावरण में सकारात्मक ऊर्जाओं का प्रवाह होता है।

आज के दिन इस उपाय होंगी दो समस्याएं दूर
आज मां की पूजा का विधि - विधान करने से पहले अपने घर के मंदिर में छोटी-छोटी ग्यारह घंटियां लटकायें तथा इन सबको नियमित रूप से इक्कीस दिनों तक बजाएं। घर में यदि दुष्ट आत्माओं का वास है, तो उनका विनाश होगा और मां चंद्रघंटा के घंटे की ध्वनि से सम्पूर्ण वातावरण शुद्ध हो जायेगा।


यदि कोई कोर्ट केस बहुत समय से आपको परेशान कर रहा है, तो इस दिन को हाथ से न जाने दें। आज के दिन आप 'ॐ श्रीं हीं  क्लीं चंद्र घंटाये: नम:' लिखकर इक्कीस पर्चियां बनाकर मां के चरणों में अर्पित करें तदोपरांत हर एक पर्ची शुक्रवार के दिन एक - एक करके बहते जल में बहा दें। ऐसा करने से करेंगी मां चंद्रघंटा आपकी कोर्ट - केस से संबंधित समस्या का समाधान कर देंगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed