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Kharmas 2024: खरमास के दौरान बंद हो जाते हैं मांगलिक कार्य? जानें कारण और नियम

Wed, 27 Nov 2024 06:48 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Wed, 27 Nov 2024 06:48 AM IST
सार

जब सूर्य मीन या धनु राशि में प्रवेश करते हैं तो खरमास लगता है। दृक पंचांग के मुताबिक 15 दिसंबर को रात्रि 10 बजकर 19 मिनट पर सूर्य धनु राशि में गोचर करेंगे। 14 जनवरी 2025 को खरमास समाप्त होगा।

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Kharmas 2024 kharmas mein kyon nahin hote mangalik karya know the niyam
15 दिसंबर को रात्रि 10 बजकर 19 मिनट पर सूर्य धनु राशि में गोचर करेंगे। 14 जनवरी 2025 को खरमास समाप्त होगा। - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

December Mein Kharmaas Kab Lagega: सनातन धर्म में खरमास का बहुत महत्व है। इस दौरान भक्त अपने जीवन में सुख-समृद्धि लाने के लिए भगवान विष्णु और सूर्य देव की पूजा करते हैं। हालांकि, खरमास को किसी भी नए या औपचारिक कार्य को करने के लिए अशुभ माना जाता है, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इससे प्रतिकूल परिणाम मिलते हैं। साल 2024 में 15 दिसंबर से खरमास आरंभ होने वाले हैं। खरमास के दौरान विवाह समेत सभी मांगलिक कार्य पूरी तरह से बंद हो जाते हैं। 

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जब सूर्य मीन या धनु राशि में प्रवेश करते हैं तो खरमास लगता है। दृक पंचांग के मुताबिक 15 दिसंबर को रात्रि 10 बजकर 19 मिनट पर सूर्य धनु राशि में गोचर करेंगे। 14 जनवरी 2025 को खरमास समाप्त होगा। क्या आप जानते हैं कि खरमास के दौरान विवाह समेत सभी मांगलिक कार्य पूरी तरह से बंद क्यों हो जाते हैं?  आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से। 
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आखिर खरमास में क्यों नहीं होता कोई भी मांगलिक कार्य? 
जैसे ही खरमास आरंभ होता है शादी विवाह जैसे मांगलिक काम पर रोक लग जाती है। इसके साथ ही खरमस में गृह प्रवेश, नामकरण, मुंडन और कोई नया कार्य शुरू नहीं किया जाता। आइए जानते हैं ऐसा क्यों किया जाता है। दरअसल जब सूर्य देव धनु या मीन राशि में प्रवेश करते हैं तो उस समय सूर्य का तेज कम हो जाता है। सूर्यदेव ना सिर्फ ग्रहों के अधिपति हैं बल्कि पृथ्वी पर भी उन्हें प्रत्यक्ष देव के रूप में पूजा जाता है। 
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मान्यता है की सूर्यदेव के प्रकाश और तेज के बिना जीवन संभव नहीं है और धनु या मीन राशि में प्रवेश करने से उनका तेज काम हो जाता है। शर्मिक मान्यता के अनुसार कोई भी शुभ और मांगलिक कार्य के लिए सूर्य का तेज अच्छा माना जाता है। इसी वजह से खरमास के दौरान विवाह और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। ज्योतिष में सूर्य ग्रहों के राजा माने गए हैं और वे पिता पक्ष का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए उनके तेज का कम होना मांगलिक करने के लिए उत्तम नहीं माना गया है।


खरमास में करें इन नियमों का पालन

  • खरमास के दौरान भगवान सूर्य देव की उपासना करें।
  • खरमास में भगवान विष्णु की पूजा जरूर करें।
  • खरमास में दान-पुण्य करने का विशेष महत्व है इसीलिए  अपनी क्षमतानुसार दान करें।
  • खरमास के दौरान पूजा पाठ, भजन-कीर्तन करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
  • खरमास में तामसिक चीजों से दूरी बनाकर रखना चाहिए। 
  • खरमास के दौरान कोई भी नया काम शुरू नहीं करना चाहिए। 
  • किसी की जन्मकुंडली में गुरु ग्रह अशुभ स्थिति में है तो खरमास में गुरु ग्रह से संबंधित उपाय करना चाहिए। 


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 

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