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Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   Karwa Chauth 2026 29 October Chand Nikalne Ka Samay Shubh Muhurat Puja Vidhi Sargi Time Katha Moonrise Time

सुहागिनों का महापर्व करवा चौथ पर जानें सरगी का समय, पूजाविधि, कथा और 50 शहरों में चांद निकलने का समय

Mon, 26 Oct 2026 03:37 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Mon, 26 Oct 2026 03:37 PM IST
सार

29 अक्तूबर को करवा चौथ का त्योहार है। सुहागिन महिलाओं के लिए करवा चौथ का व्रत बहुत ही खास माना जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु और अच्छी सेहत के लिए व्रत रखती हैं और चांद के निकलने पर व्रत पूरा होता है। 

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Karwa Chauth 2026 29 October Chand Nikalne Ka Samay Shubh Muhurat Puja Vidhi Sargi Time Katha Moonrise Time
करवा चौथ 2026 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

करवा चौथ का व्रत हिंदू पंचांग के अनुसार, हर वर्ष आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। करवा चौथ पर सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, अच्छी सेहत और सुख-समृद्धि की कामना के लिए पूरे विधि-विधान के साथ व्रत रखती हैं। करवा चौथ को करक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। करवा चौथ का त्योहार विशेष रूप से उत्तर भारत में प्रचलित है। करवा चौथ पर करवा माता, भगवान गणेश, भगवान शिव, माता पार्वती और चंद्रदेव की पूजा व दर्शन करके पूरा माना जाता है। करवा चौथ पर सुहागिन महिलाएं 16 शृंगार करती हैं। आइए जानते हैं करवा चौथ के त्योहार का महत्व क्या होता है? करवा चौथ के दिन सरगी का समय कब रहेगा? करवा चौथ की पूजा विधि क्या है ? करवा चौथ व्रत की कथा क्या हैं ? करवा चौथ की शाम चांद के निकलने का समय क्या रहेगा और आपके शहर में चांद निकलने का समय क्या रहेगा ?
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करवा चौथ 2026 कब है ?

द्रिक पंचांग के अनुसार, करवा चौथ का व्रत गुरुवार, 29 अक्तूबर को मनाया जाएगा। इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए सुबह से लेकर शाम के चांद निकलने तक व्रत रखती हैं। 
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करवा चौथ 2026 की तिथि क्या है ?

  • चतुर्थी तिथि आरंभ- 29 अक्तूबर 2026 को सुबह 01: 06 मिनट से।
  • चतुर्थी तिथि समापन- 29 अक्तूबर 2026 को रात 10: 09 मिनट पर 

करवा चौथ पूजा मुहूर्त और चंद्रोदय का समय

करवा चौथ 2026 पूजन शुभ मुहूर्त (द्रिक पंचांग के अनुसार)- शाम 05: 38 मिनट से 06: 56 मिनट तक।

करवा चौथ 2026 पूजा अवधि- 01 घंटा 17 मिनट।

करवा चौथ व्रत का समय- सुबह 06: 31 मिनट से 08:17 बजे तक।
अवधि- 13 घंटे 46 मिनट।

करवा चौथ 2026 सरगी का समय- सूर्योदय से पहले सुबह 3:30 बजे से 5:30 बजे तक।

करवा चौथ 2026 सूर्योदय का समय- सुबह 6:30

करवा चौथ पर चंद्रोदय- शाम 08:17 
 

करवा चौथ 2026: तिथि, पूजा मुहूर्त और चंद्रोदय का समय

करवा चौथ

तिथि और समय

चतुर्थी तिथि आरंभ

29 अक्तूबर 2026, सुबह 1:06 बजे

चतुर्थी तिथि समापन

29 अक्तूबर 2026, रात 10:09 बजे

करवा चौथ पूजा मुहूर्त और चंद्रोदय का समय

करवा चौथ

समय

करवा चौथ पूजा का शुभ मुहूर्त

शाम 5:38 बजे से 6:56 बजे तक

पूजा की अवधि

1 घंटा 17 मिनट

करवा चौथ व्रत का समय

सुबह 6:31 बजे से रात 8:17 बजे तक

व्रत की कुल अवधि

13 घंटे 46 मिनट

सरगी खाने का समय

सुबह 3:30 बजे से 5:30 बजे तक

सूर्योदय का समय

सुबह 6:30 बजे

चंद्रोदय का समय

शाम 8:17 बजे

करवा चौथ पूजन विधि 

करवा चौथ का व्रत और पूजन संकष्टी चतुर्थी की तिथि कोई किया जाता है। चतुर्थी तिथि भगवान गणेश को समर्पित होती है, लेकिन करवा चौथ के दिन भगवान शिव, देवी पार्वती, भगवान गणेश, भगवान कार्तिकेय की पूजा का विधान होता है। करवा चौथ के दिन विशेष रूप से चौथ माता और देवी गौरा का पूजा होती है। आइए जानते हैं करवा चौथ की सरल पूजा विधि। 
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  •  सबसे पहले सूर्योदय से पहले सरगी ग्रहण करें। 
  •   फिर सुहागिन स्त्रियां अपने पति और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए व्रत का पालन करने का संकल्प लें।
  •  करवा चौथ पूजा के लिए सबसे सर्वोत्तम समय शाम का होता है। 
  •  शाम को करवा चौथ की पूजा के लिए सुहागिन महिलाएं दीवार पर देवी गौरा और चौथ माता की चित्र अंकित करें। या फिर चौथ माता फोटो लें।
  •  शाम को दीपक जलाकर भगवान गणेश, भगवान शिव, माता पार्वती और करवा माता की पूजा करें।
  • पूजा में रोली, अक्षत, फल, फूल और मिठाई अर्पित करें। 
  •  करवा चौथ पूजा के लिए स्त्रियां समूह में पूजा करती हैं और एक दूसरे से करवा चौथ की कथा का पाठ करती और सुनती हैं। 
  •  रात को चंद्रमा के दर्शन करते हुए जल अर्पित करें। फिर छलनी से चंद्रमा को देखकर पति का चेहरा देखें। 
  •  पति के हाथ से जल ग्रहण कर व्रत खोलें और अपनी सास के पैर छूकर आशीर्वाद लें।
करवा चौथ पूजा सामग्री
  • करवा 
  • पूजा की थाली और छलनी
  • सींक
  • दीपक
  • घी और रुई की बाती
  • रोली, अक्षत और फूल
  • मिठाई, फल और नैवेद्य
  • करवा चौथ व्रत कथा की पुस्तक या पाठ
करवा चौथ 2026 में पूजा का शुभ मुहूर्त
  • द्रिक पंचांग के अनुसार करवा चौथ की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:38 बजे से 6:56 बजे तक है और चंद्रोदय का समय करीब रात 8:17 बजे होगा। हालांकि अलग-अलग शहरों के हिसाब से चंद्रोदय का समय में थोड़ा बदलाव रहेगा। 
करवा चौथ 2026 पूजन मंत्र
  • श्रीगणेश का मंत्र - ॐ गणेशाय नमः
  • शिव का मंत्र - ॐ नमः शिवाय
  • पार्वतीजी का मंत्र - ॐ शिवायै नमः
  • स्वामी कार्तिकेय का मंत्र - ॐ षण्मुखाय नमः
  • चंद्रमा का पूजन मंत्र - ॐ सोमाय नमः
'मम सुख सौभाग्य पुत्र-पौत्रादि सुस्थिर श्री प्राप्तये करक चतुर्थी व्रतमहं करिष्ये।'
'नमस्त्यै शिवायै शर्वाण्यै सौभाग्यं संतति शुभा। प्रयच्छ भक्तियुक्तानां नारीणां हरवल्लभे।'

करवा चौथ व्रत के क्या- क्या हैं नियम ?
  • करवा चौथ का व्रत सूर्योदय से पहले आरंभ होता है और रात को चांद के दर्शन-पूजन करने के बाद व्रत खत्म होता है।
  • दिनभर सुहागिन महिलाएं निर्जला व्रत रखते हुए 16 श्रृंगार करती हैं। 
  • शाम के समय चंद्रोदय होने से करीब 1 घंटा पहले शिवजी, पार्वतीजी, गणेशजी, कार्तिकेय जी और नंदी जी की पूजा होती है।
  • पूजा के दौरान मां करवा की फोटो का मुख पश्चिम की तरफ होना चाहिए और सुहागिन महिला पूर्व की तरफ मुख करें।
  • करवा मां और शिव-पार्वती की पूजा के बाद करवा माता कथा जरूर सुनें। 

करवा चौथ 2026: देश के 50 प्रमुख शहरों में चांद निकलने का समय

करवा चौथ 2026

शहर का नाम

चांद निकलने का समय

1

नई दिल्ली

रात 8:17 बजे

2

नोएडा

रात 8:16 बजे

3

गुरुग्राम

रात 8:18 बजे

4

गाजियाबाद

रात 8:17 बजे

5

चंडीगढ़

रात 8:17 बजे

6

लुधियाना

रात 8:11 बजे

7

अमृतसर

रात 8:11 बजे

8

देहरादून

रात 8:02 बजे

9

हरिद्वार

रात 8:03 बजे

10

नैनीताल

रात 7:59 बजे

11

शिमला

रात 8:03 बजे

12

मनाली

रात 8:00 बजे

13

लखनऊ

रात 8:00 बजे

14

वाराणसी

रात 7:56 बजे

15

गोरखपुर

रात 7:51 बजे

16

कानपुर

रात 8:03 बजे

17

प्रयागराज

रात 8:00 बजे

18

आगरा

रात 8:11 बजे

19

अलीगढ़

रात 8:08 बजे

20

बरेली

रात 8:02 बजे

21

मथुरा

रात 7:53 बजे

22

मुरादाबाद

रात 8:03 बजे

23

अयोध्या

रात 7:55 बजे

24

भोपाल

रात 8:25 बजे

25

इंदौर

रात 8:33 बजे

26

उज्जैन

रात 8:32 बजे

27

ग्वालियर

रात 8:14 बजे

28

जबलपुर

रात 8:12 बजे

29

पटना

रात 7:47 बजे

30

दरभंगा

रात 7:41 बजे

31

पूर्णिया

रात 7:36 बजे

32

भागलपुर

रात 7:40 बजे

33

जयपुर

रात 8:22 बजे

34

जोधपुर

रात 8:34 बजे

35

अजमेर

रात 8:27 बजे

36

बीकानेर

रात 8:29 बजे

37

जम्मू

रात 8:07 बजे

38

श्रीनगर

रात 8:03 बजे

39

रायपुर

रात 8:11 बजे

40

बिलासपुर

रात 8:07 बजे

41

मुंबई

रात 8:52 बजे

42

नागपुर

रात 8:29 बजे

43

पुणे

रात 8:58 बजे

44

अहमदाबाद

रात 8:52 बजे

45

कोलकाता

रात 7:47 बजे

46

हैदराबाद

रात 8:41 बजे

47

बेंगलुरु

रात 8:55 बजे

48

चेन्नई

रात 8:44 बजे

49

मेरठ

रात 8:07 बजे

50

अलवर

रात 8:15 बजे









करवा चौथ व्रत कथा
करवा चौथ की कथा ऐसी है कि एक व्यापारी के 7 बेटे और करवा नाम की एक बेटी थी। एक बार व्यापारी की बेटी ने कार्तिक माह की चतुर्थी तिथि पर करवा चौथ का व्रत रखा गया। जब रात्रि होने लगी तब उसके भाइयों में भोजन करने का कहा लेकिन उसने मना कर दिया और कहा कि चांद के निकलने के बाद ही अर्घ्य देकर व्रत खोलूंगी। तब भाईयों को भूखी और प्यासी बहन की हालत देखी नहीं गई। फिर एक भाई ने एक दीपक को लेकर दूर पीपल के पेड़ में प्रज्जलित कर आया। फिर वापस आकर बहन से बोला चांद निकल आया और व्रत तोड़ो। बहन भाई के इस कार्य को समझ नहीं पाई और व्रत तोड़ दिया। इसे बाद उसके पति की मृत्यु की सूचना मिली। पति के वियोग में वह एक वर्ष तक उसके शव के पास बैठी रही और फिर अगले वर्ष कार्तिक कृष्ण चतुर्थी के आने पर विधि-विधान से करवा माता की पूजा और चांद के दर्शन के बाद अर्ध्य देकर व्रत को पूरा किया, फिर पति दोबारा से जीवित हो गया। 

करवा चौथ आरती
ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया।
जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।।

सब जग की हो माता, तुम हो रुद्राणी।
यश तुम्हारा गावत, जग के सब प्राणी।।

कार्तिक कृष्ण चतुर्थी, जो नारी व्रत करती।
दीर्घायु पति होवे , दुख सारे हरती।।

ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया।

जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।।
होए सुहागिन नारी, सुख संपत्ति पावे।

गणपति जी बड़े दयालु, विघ्न सभी नाशे।।
ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया।

जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।।
करवा मैया की आरती, व्रत कर जो गावे।

व्रत हो जाता पूरन, सब विधि सुख पावे।।
ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया।

जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।।
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