फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   Kamda Ekadashi 2025 Date Time Importance Significance Puja Vidhi Bring Good Luck and Prosperity

Kamda Ekadashi 2025: कामदा एकादशी आज, जानिए महत्व, पूजा विधि और स्तुति मंत्र

Tue, 08 Apr 2025 06:29 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Tue, 08 Apr 2025 06:29 AM IST
सार

चैत्र शुक्ल पक्ष की एकादशी को कामदा एकादशी कहा जाता है। यह एकादशी न केवल वर्ष की पहली एकादशी होती है, बल्कि इसे सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाली मानी जाती है।

विज्ञापन
Kamda Ekadashi 2025 Date Time Importance Significance Puja Vidhi Bring Good Luck and Prosperity
कामदा एकादशी का व्रत सांसारिक सुखों और कामनाओं की पूर्ति के लिए विशेष माना गया है। - फोटो : adobe stock

विस्तार

सनातन धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व होता है, क्योंकि यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित होता है। वर्षभर में 24 एकादशियां आती हैं, जिनमें चैत्र शुक्ल पक्ष की एकादशी को कामदा एकादशी कहा जाता है। यह एकादशी न केवल वर्ष की पहली एकादशी होती है, बल्कि इसे सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाली मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत रखने से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं और व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है।

विज्ञापन


कामदा एकादशी व्रत का महत्व
कामदा एकादशी का व्रत सांसारिक सुखों और कामनाओं की पूर्ति के लिए विशेष माना गया है। यह व्रत उन लोगों के लिए विशेष रूप से शुभ है जो संतान सुख, विवाह में सफलता, प्रेम संबंधों में मधुरता और वैवाहिक जीवन में संतुलन की कामना करते हैं। साथ ही, इस व्रत से पूर्व जन्मों के पाप भी नष्ट होते हैं और आत्मा को शुद्धि की दिशा में मार्गदर्शन मिलता है। भगवान विष्णु की कृपा से व्यक्ति के जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है।
विज्ञापन


Mahavir Jayanti 2025: कब है महावीर जयंती? यहां जानें सही तिथि और महत्व
विज्ञापन
विज्ञापन


पूजा विधि
कामदा एकादशी के दिन व्रती को ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान करके स्वच्छ और सात्विक वस्त्र धारण करने चाहिए। इसके बाद घर के पूजा स्थान को गंगाजल से शुद्ध कर भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र को स्थापित करें। पीले पुष्प, चंदन, धूप-दीप, तुलसी दल, फल और नैवेद्य से भगवान विष्णु का पूजन करें। विष्णुसहस्रनाम का पाठ करें या "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जाप कम से कम 108 बार करें। पूरे दिन व्रत रखें, यदि निर्जल व्रत संभव न हो तो फलाहार लें। रात्रि को विष्णु भजन, कीर्तन और जागरण करें। द्वादशी के दिन ब्राह्मण या किसी जरूरतमंद को अन्न, वस्त्र अथवा दक्षिणा दान देकर व्रत का पारण करें।

Vivah Muhurat April 2025: अप्रैल में इस दिन खत्म होगा खरमास, इस तारीख से शुरू होंगे शादी-विवाह के कार्यक्रम

पौराणिक कथा
पद्म पुराण में कामदा एकादशी की एक पौराणिक कथा का उल्लेख मिलता है। प्राचीनकाल में रत्नपुर नामक नगर में ललित नामक गंधर्व और उसकी पत्नी ललिता रहते थे। ललित बहुत अच्छा गायक था और राजा के दरबार में संगीत प्रस्तुत करता था। एक दिन दरबार में गाते हुए उसकी स्मृति अपनी पत्नी की ओर चली गई, जिससे वह स्वर-लय में चूक गया। इससे नाराज होकर राजा ने उसे राक्षस योनि में जन्म लेने का श्राप दे दिया। यह देखकर उसकी पत्नी ललिता अत्यंत दुखी हुई और उसे अपने पति को श्राप से मुक्त करने का उपाय नहीं सूझ रहा था। तब वह श्रृंगी ऋषि के पास गई और उनसे समाधान पूछा। ऋषि ने उसे चैत्र शुक्ल एकादशी के दिन कामदा एकादशी व्रत करने की सलाह दी। ललिता ने पूर्ण श्रद्धा और नियमों के साथ यह व्रत किया और उसकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने ललित को श्राप से मुक्त कर दिया। यह कथा दर्शाती है कि इस एकादशी का व्रत कितना प्रभावशाली और कल्याणकारी होता है।

Vastu Tips: किन पशु-पक्षियों का घर में आना होता है शुभ और किनका नहीं? जानें क्या कहता है वास्तु

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed