विज्ञापन

हरियाली तीज: भगवान शिव को पाने के लिए पार्वती जी को लेना पड़ा था 108 बार जन्म

धर्म डेस्क,अमर उजाला Updated Sun, 12 Aug 2018 12:47 PM IST
hariyali teej 2018 importance and significance of hariyali teej
विज्ञापन
ख़बर सुनें
सावन महीने की शुक्ल पक्ष की तृतीया को प्रेम और सौंदर्य का प्रतीक पर्व हरियाली तीज मनाया जाता है। इस बार यह उत्सव 13 अगस्त 2018 को है। इस उत्सव को श्रावणी तीज और कजरी तीज भी कहते हैं। हरियाली तीज पर विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए इस व्रत को रखती हैं। आइए जानते हैं कि इस त्योहार का पौराणिक महत्व।
विज्ञापन
कथा के अनुसार देवी पार्वती ने भगवान शंकर को पति रूप में पाने के लिए वर्षों तक तपस्या की थी। इसके लिए माता पार्वती को 108 बार जन्म लेना पड़ा था। तब जाकर भगवान शिव ने उन्हें अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया था। तभी से इस व्रत को मनाने की परंपरा है।

हरियाली तीज पर सुहागन महिलाएं व्रत रखकर और सोलह श्रृंगार कर अपने पति की लंबी आयु के लिए माता पार्वती और भगवान शिवकी पूजा-अर्चना करती हैं।

इस पर्व पर महिलाएं में मेंहदी, सुहाग का प्रतीक सिंघारे और झूला झूलने का विशेष महत्व होता है। गांव और कस्बों में जगह-जगह झूले लगाए जाते है और महिलाएं एक साथ कजरी गीत गाती हैं।

हरियाली तीज पर नव विवाहित महिला को उनके ससुराल से मायके बुलाने की परंपरा है। साथ ही ससुराल से भेंट स्वरुप कपड़े, गहने, सुहाग का सामान और मिठाई साथ में दी जाती है।

इस दिन अनेक स्थानों पर मेलों का आयोजन किया जाता है। यह त्योहार उत्तर प्रदेश,मध्यप्रदेश और राजस्थान में बड़े धूमधाम से माता पार्वती और भगवान शिव की सवारी निकाली जाती है जिसकी एक झलक पाने के लिए दूर-दूर से भक्त आते हैं।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all spirituality news in Hindi related to religion, festivals, yoga, wellness etc. Stay updated with us for all breaking news from fashion and more Hindi News.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Festivals

विजयादशमी 2018 : बड़े चमत्कारी हैं श्री रामचरितमानस के मंत्र, जो बना देते हैं हर काम

विजयादशमी के पावन पर्व पर मानस की तमाम चौपाईयों में से किसी एक को मंत्र मानकर श्रद्धापूर्वक जपने से प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद अवश्य प्राप्त होता है।

19 अक्टूबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

पटाखों के शोर में नहीं सुनाई दी ट्रेन की आवाज, 61 लोगों की दर्दनाक मौत

पंजाब के #अमृतसर में बड़ा रेल हादसा हुआ है। रावण दहन देख रहे लोगों पर मौत बनकर ट्रेन दौड़ गई। ट्रेन हादसा #अमृतसर के जौड़ा फाटक पर हुआ।

19 अक्टूबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree