{"_id":"604995828ebc3edc0649c43e","slug":"happy-mahashivratri-2021-today-shivratri-festival-puja-vidhi-and-celebration","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahashivratri 2021: आज महादेव की प्रसन्नता का अद्भुत संयोग, ऐसे करें भोलेनाथ का जलाभिषेक","category":{"title":"Festivals","title_hn":"त्योहार","slug":"festivals"}}
Mahashivratri 2021: आज महादेव की प्रसन्नता का अद्भुत संयोग, ऐसे करें भोलेनाथ का जलाभिषेक
Thu, 11 Mar 2021 09:41 AM IST
विनोद शुक्ला
पं जयगोविंद शास्त्री, ज्योतिषाचार्य
पं जयगोविंद शास्त्री, ज्योतिषाचार्य
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Thu, 11 Mar 2021 09:41 AM IST
सार
- आज पूरे देशभर में महाशिवरात्रि का महापर्व बहुत उत्साह के साथ मनाया जा रहा है।
- आज श्रीमहाशिवरात्रि के पावन पर्व पर शिवलिंग की पूजा करने से जन्मकुंडली के नवग्रह दोष तो शांत होते हैं
विज्ञापन
आज की शिवपूजा से मंगल और राहू के दोषों से मुक्ति पाने का सुनहरा अवसर है
- फोटो : amar ujala
विस्तार
महाशिवरात्रि का महापर्व आज बहुत उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। आज की शिवपूजा से मंगल और राहू के दोषों से मुक्ति पाने का सुनहरा अवसर है क्योंकि सुबह 09 बजकर 22 मिनट तक महान कल्याणकारी 'शिवयोग' भी विद्यामान है। इसयोग में किये गए सभी कार्य व्यापार सफल और कल्याणकारी रहते हैं। कभी व्यापार में हानि नहीं होती ऐसे योगों में जन्म लेने वाले जातक भी समाज सेवा के
क्षेत्र में यश प्राप्त करते हैं।
कुछ देर बाद सभी कार्यों में सिद्धि दिलाने वाला 'सिद्धयोग' भी आरम्भ हो जाएगा। इस योग में किये गए सभी संकल्प सिद्ध होते हैं और उनके परिणाम अति उत्साह बढाने वाले रहते हैं वो इसलिये कि शिवयोग को स्वयं भगवान शिव से आशीर्वाद प्राप्त है कि जो तुम्हारे उपस्थित रहने पर कोई भी धर्म-कर्म मांगलिक अनुष्ठान आदि कार्य करेगा वह संकल्पित कार्य कभी भी बाधित नहीं होगा उस कार्य का सुपरिणाम कभी निष्फल नहीं रहेगा इसीलिए इसयोग के किये गए शुभकर्मों का फल अक्षुण रहता है।
इन योगों में सभी कार्य आरम्भ करके कार्यसिद्धि प्राप्त की जा सकती है। इनके विद्यमान रहने पर रुद्राभिषेक करना, शिव नाम कीर्तन करना, शिवपुराण का पाठ करना अथवा शिव कथा सुनना, दान पुण्य करना तथा ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करना अतिशुभ माना गया है। इस दिन का प्रत्येक घड़ी-पहर परम शुभ रहता है। कुवांरी कन्याओं को इसदिन व्रत करने से मनोनुकूल पति की प्राप्ति होती है और विवाहित स्त्रियों का वैधव्य दोष भ नष्ट हो जाता है।
विज्ञापन
आज श्रीमहाशिवरात्रि के पावन पर्व पर शिवलिंग की पूजा करने से जन्मकुंडली के नवग्रह दोष तो शांत होते हैं विशेष करके चंद्र्जनित दोष जैसे मानसिक अशान्ति, माँ के सुख और स्वास्थ्य में कमी, मित्रों से संबंध, मकान-वाहन के सुख में बिलम्ब, हृदयरोग, नेत्र विकार, चर्म-कुष्ट रोग, नजला-जुकाम, स्वांस रोग, कफ-निमोनिया संबंधी रोगों से मुक्ति मिलती है और समाज में मान प्रतिष्ठा बढती है। सुहागिन महिलाओं को इस दिन माँ पार्वती को श्रृंगार हेतु मेहंदी चढ़ानी चाहिए और पुरुषों को पंचामृत, दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से स्नान कराकर बेलपत्र पर अष्टगंध, कुमकुम, अथवा चन्दन से राम-राम लिखकर ॐ नमःशिवाय करालं महाकाल कालं कृपालं ॐ नमः शिवाय' कहते हुए शिवलिंग पर अर्पित करना चाहिए साथ ही भांग, धतूर और मंदार पुष्प तथा गंगाजल भी अर्पित हुए काल हरो हर, कष्ट हरो हर, दुःख हरो,दारिद्र्य हरो, नमामि शंकर भजामि शंकर शंकर शंभो तव शरणं। मंत्र से प्रार्थना करनी चाहिए।
शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने से व्यापर में उन्नति और सामाजिक प्रतिष्ठा बढती है। भांग अर्पण से घर की अशांति, प्रेत बाधा तथा चिंता दूर होती है। मंदार पुष्प से नेत्र और ह्रदय विकार दूर रहते हैं। शिवलिंग पर धतूर के पुष्प-फल चढ़ाने से दवाओं के रिएक्शन तथा विषैले जीवों से खतरा समाप्त हो जाता है। शमीपत्र चढ़ाने से शनि की शाढ़ेसाती, मारकेश तथा अशुभ ग्रह-गोचर से हानि नहीं होती। इसलिए श्रीमहाशिवरात्रि
के एक-एक क्षण का सदुपयोग करें और शिवकृपा प्रसाद से त्रिबिध तापों से मुक्ति पायें।
विज्ञापन
क्षेत्र में यश प्राप्त करते हैं।
कुछ देर बाद सभी कार्यों में सिद्धि दिलाने वाला 'सिद्धयोग' भी आरम्भ हो जाएगा। इस योग में किये गए सभी संकल्प सिद्ध होते हैं और उनके परिणाम अति उत्साह बढाने वाले रहते हैं वो इसलिये कि शिवयोग को स्वयं भगवान शिव से आशीर्वाद प्राप्त है कि जो तुम्हारे उपस्थित रहने पर कोई भी धर्म-कर्म मांगलिक अनुष्ठान आदि कार्य करेगा वह संकल्पित कार्य कभी भी बाधित नहीं होगा उस कार्य का सुपरिणाम कभी निष्फल नहीं रहेगा इसीलिए इसयोग के किये गए शुभकर्मों का फल अक्षुण रहता है।
विज्ञापन
इन योगों में सभी कार्य आरम्भ करके कार्यसिद्धि प्राप्त की जा सकती है। इनके विद्यमान रहने पर रुद्राभिषेक करना, शिव नाम कीर्तन करना, शिवपुराण का पाठ करना अथवा शिव कथा सुनना, दान पुण्य करना तथा ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करना अतिशुभ माना गया है। इस दिन का प्रत्येक घड़ी-पहर परम शुभ रहता है। कुवांरी कन्याओं को इसदिन व्रत करने से मनोनुकूल पति की प्राप्ति होती है और विवाहित स्त्रियों का वैधव्य दोष भ नष्ट हो जाता है।
विज्ञापन
आज श्रीमहाशिवरात्रि के पावन पर्व पर शिवलिंग की पूजा करने से जन्मकुंडली के नवग्रह दोष तो शांत होते हैं विशेष करके चंद्र्जनित दोष जैसे मानसिक अशान्ति, माँ के सुख और स्वास्थ्य में कमी, मित्रों से संबंध, मकान-वाहन के सुख में बिलम्ब, हृदयरोग, नेत्र विकार, चर्म-कुष्ट रोग, नजला-जुकाम, स्वांस रोग, कफ-निमोनिया संबंधी रोगों से मुक्ति मिलती है और समाज में मान प्रतिष्ठा बढती है। सुहागिन महिलाओं को इस दिन माँ पार्वती को श्रृंगार हेतु मेहंदी चढ़ानी चाहिए और पुरुषों को पंचामृत, दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से स्नान कराकर बेलपत्र पर अष्टगंध, कुमकुम, अथवा चन्दन से राम-राम लिखकर ॐ नमःशिवाय करालं महाकाल कालं कृपालं ॐ नमः शिवाय' कहते हुए शिवलिंग पर अर्पित करना चाहिए साथ ही भांग, धतूर और मंदार पुष्प तथा गंगाजल भी अर्पित हुए काल हरो हर, कष्ट हरो हर, दुःख हरो,दारिद्र्य हरो, नमामि शंकर भजामि शंकर शंकर शंभो तव शरणं। मंत्र से प्रार्थना करनी चाहिए।
शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने से व्यापर में उन्नति और सामाजिक प्रतिष्ठा बढती है। भांग अर्पण से घर की अशांति, प्रेत बाधा तथा चिंता दूर होती है। मंदार पुष्प से नेत्र और ह्रदय विकार दूर रहते हैं। शिवलिंग पर धतूर के पुष्प-फल चढ़ाने से दवाओं के रिएक्शन तथा विषैले जीवों से खतरा समाप्त हो जाता है। शमीपत्र चढ़ाने से शनि की शाढ़ेसाती, मारकेश तथा अशुभ ग्रह-गोचर से हानि नहीं होती। इसलिए श्रीमहाशिवरात्रि
के एक-एक क्षण का सदुपयोग करें और शिवकृपा प्रसाद से त्रिबिध तापों से मुक्ति पायें।