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Dussehra 2024 Upay: दशहरे पर जरूर करें यह उपाय, पूरे वर्ष नहीं रहेगी धन-दौलत की कमी
Sat, 12 Oct 2024 12:22 AM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Sat, 12 Oct 2024 12:22 AM IST
सार
Dussehra 2024 Upay: दशहरे के दिन शमी वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व है। दशहरे के दिन शमी के पेड़ के नीचे दीपक जलाने और उसकी पूजा करने से घर में धन और ऐश्वर्य की वृद्धि होती है।
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Dussehra 2024
- फोटो : amar ujala
विस्तार
Dussehra 2024 Upay: दशहरा का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, जिसे विजयदशमी के नाम से भी जाना जाता है। यह दिन विशेष रूप से धार्मिक कार्यों और शुभ कार्यों को आरंभ के लिए अनुकूल माना जाता है। इस पावन अवसर पर कई धार्मिक उपाय किए जा सकते हैं जो सुख-समृद्धि, धन-वैभव और सफलता प्रदान करते हैं।
शमी वृक्ष की पूजा
दशहरे के दिन शमी वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, भगवान राम ने रावण पर विजय प्राप्त करने से पहले शमी वृक्ष की पूजा की थी। दशहरे के दिन शमी के पेड़ के नीचे दीपक जलाने और उसकी पूजा करने से घर में धन और ऐश्वर्य की वृद्धि होती है।
अपराजिता की पूजा
दशहरे के दिन अपराजिता के फूल की पूजा भी लाभकारी मानी जाती है। अपराजिता का अर्थ है 'जो कभी पराजित न हो,' और इसका फूल सफलता का प्रतीक माना जाता है। अपराजिता का पौधा घर में लगाकर उसकी नियमित पूजा करने से जीवन में हमेशा विजय और सफलता प्राप्त होती है।
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आयुध पूजा
दशहरे के दिन आयुध पूजा करने की परंपरा है, जिसका अर्थ है अपने उपकरण, हथियार और वाहन की पूजा करना। यह पूजा कर्म और प्रयास में सफलता प्राप्त करने के उद्देश्य से की जाती है। जो व्यक्ति अपने कार्य में निरंतर प्रगति चाहते हैं, वे इस दिन अपने कामकाज से जुड़े उपकरणों की पूजा करें। यह पूजा व्यापार में उन्नति और कार्य में स्थायित्व लाने में सहायक होती है।
गायत्री मंत्र और रामरक्षा स्तोत्र का पाठ
दशहरे के दिन गायत्री मंत्र का जप और रामरक्षा स्तोत्र का पाठ करना विशेष फलदायी माना जाता है। गायत्री मंत्र का नियमित जप करने से मानसिक शांति मिलती है और जीवन में समृद्धि का वास होता है। रामरक्षा स्तोत्र भगवान राम की कृपा प्राप्त करने के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। इन मंत्रों का उच्चारण घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और सुख-समृद्धि को आकर्षित करता है।
रावण दहन के बाद घर में दीप प्रज्वलन
दशहरे के दिन रावण दहन का आयोजन होता है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। रावण दहन के बाद अपने घर में दीपक जलाने से बुरी शक्तियों का नाश होता है और लक्ष्मीजी का वास होता है। यह उपाय विशेष रूप से सुख-शांति और आर्थिक उन्नति के लिए प्रभावी माना जाता है।
लक्ष्मी-गणेश की पूजा
दशहरे के दिन लक्ष्मी-गणेश की पूजा करने से घर में धन और वैभव की वृद्धि होती है। इस दिन गणेश जी को मोदक और लक्ष्मी जी को कमल का फूल अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। लक्ष्मी जी की कृपा से घर में संपत्ति और समृद्धि का आगमन होता है और गणेश जी की कृपा से सभी विघ्न दूर होते हैं।
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शमी वृक्ष की पूजा
दशहरे के दिन शमी वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, भगवान राम ने रावण पर विजय प्राप्त करने से पहले शमी वृक्ष की पूजा की थी। दशहरे के दिन शमी के पेड़ के नीचे दीपक जलाने और उसकी पूजा करने से घर में धन और ऐश्वर्य की वृद्धि होती है।
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अपराजिता की पूजा
दशहरे के दिन अपराजिता के फूल की पूजा भी लाभकारी मानी जाती है। अपराजिता का अर्थ है 'जो कभी पराजित न हो,' और इसका फूल सफलता का प्रतीक माना जाता है। अपराजिता का पौधा घर में लगाकर उसकी नियमित पूजा करने से जीवन में हमेशा विजय और सफलता प्राप्त होती है।
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आयुध पूजा
दशहरे के दिन आयुध पूजा करने की परंपरा है, जिसका अर्थ है अपने उपकरण, हथियार और वाहन की पूजा करना। यह पूजा कर्म और प्रयास में सफलता प्राप्त करने के उद्देश्य से की जाती है। जो व्यक्ति अपने कार्य में निरंतर प्रगति चाहते हैं, वे इस दिन अपने कामकाज से जुड़े उपकरणों की पूजा करें। यह पूजा व्यापार में उन्नति और कार्य में स्थायित्व लाने में सहायक होती है।
गायत्री मंत्र और रामरक्षा स्तोत्र का पाठ
दशहरे के दिन गायत्री मंत्र का जप और रामरक्षा स्तोत्र का पाठ करना विशेष फलदायी माना जाता है। गायत्री मंत्र का नियमित जप करने से मानसिक शांति मिलती है और जीवन में समृद्धि का वास होता है। रामरक्षा स्तोत्र भगवान राम की कृपा प्राप्त करने के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। इन मंत्रों का उच्चारण घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और सुख-समृद्धि को आकर्षित करता है।
रावण दहन के बाद घर में दीप प्रज्वलन
दशहरे के दिन रावण दहन का आयोजन होता है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। रावण दहन के बाद अपने घर में दीपक जलाने से बुरी शक्तियों का नाश होता है और लक्ष्मीजी का वास होता है। यह उपाय विशेष रूप से सुख-शांति और आर्थिक उन्नति के लिए प्रभावी माना जाता है।
लक्ष्मी-गणेश की पूजा
दशहरे के दिन लक्ष्मी-गणेश की पूजा करने से घर में धन और वैभव की वृद्धि होती है। इस दिन गणेश जी को मोदक और लक्ष्मी जी को कमल का फूल अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। लक्ष्मी जी की कृपा से घर में संपत्ति और समृद्धि का आगमन होता है और गणेश जी की कृपा से सभी विघ्न दूर होते हैं।
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