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Dussehra 2020: विजय दशमी तिथि का पौराणिक महत्व, इसलिए हर साल मनाया जाता है दशहरा

Mon, 12 Oct 2020 07:37 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: रुस्तम राणा Updated Mon, 12 Oct 2020 07:37 AM IST
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Dussehra 2020 know the religious significance of vijaya dashmi
दशहरा 2020: अधर्म पर धर्म की जीत का पर्व - फोटो : पीटीआई

Dussehra 2020: दशहरा हिन्दू धर्म का प्रमुख त्योहार है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस त्योहार को बुराई पर अच्छाई की जीत और असत्य पर सत्य की विजय के रूप में मनाया जाता है। हर साल यह पर्व आश्विन मास शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के दिन मनाया जाता है। इस साल दशहरा पर्व 25 अक्टूबर को मनाया जाएगा। हिन्दू धार्मिक मान्यता के अनुसार, दो कारणों से दशहरा पर्व मनाया जाता है। आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे की पौराणिक कथाएं..

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विजय दशमी के दिन मां दुर्गा ने किया था महिषासुर का वध। - फोटो : सोशल मीडिया
पहली पौराणिक कथा

पौराणिक कथा के अनुसार महिषासुर नाम का एक राक्षस था जो ब्रह्माजी का बड़ा भक्त था। उसने अपने तप से ब्रह्माजी को प्रसन्न करके एक वरदान प्राप्त कर लिया। वरदान में उसे कोई देव, दानव या पृथ्वी पर रहने वाला कोई मनुष्य मार ना पाए। वरदान प्राप्त करते ही वह बहुत निर्दयी हो गया और तीनों लोकों में आतंक माचने लगा। उसके आतंक से परेशान होकर देवी देवताओं ने ब्रह्मा, विष्णु, महेश के साथ मिलकर मां शक्ति के रूप में दुर्गा को जन्म दिया। मां दुर्गा और महिषासुर के बीच नौ दिनों तक भयंकर युद्ध हुआ और दसवें दिन मां दुर्गा ने महिषासुर का वध कर दिया। इस दिन को अच्छाई पर बुराई की जीत के रूप में मनाया जाता है।

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दशहरा के दिन भगवान श्रीराम ने किया था रावण का वध। - फोटो : गूगल
दूसरी पौराणिक कथा

पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान श्रीराम ने लंका पर आक्रमण करने से पहले और रावण के साथ होने वाले युद्ध में जीत के लिए शक्ति की देवी मां भगवतीजी की आराधना की थी। रामेश्वरम में उन्होंने नौ दिनों तक माता की पूजा की। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर मां ने श्रीराम को लंका में विजय प्राप्ति का आशीर्वाद दिया। दसवें दिन भगवान राम ने लंका नरेश रावण को युद्ध में हराकर उसका वध कर लंका पर विजय प्राप्त की। इस दिन को विजयदशमी के रूप में जाना जाता है।

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