फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Kalashtami 2019 : इस पूजा से भय को दूर भगाते हैं भैरव, नहीं होता किसी टोने-टोटके का असर

Mon, 22 Apr 2019 11:32 AM IST
Madhukar Mishra धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: Madhukar Mishra Updated Mon, 22 Apr 2019 11:32 AM IST
विज्ञापन
best remedies of bhairav puja on kalashtami 2019
kalashtami
कालाष्टमी के दिन भगवान शिव का विग्रह रूप माने जाने वाले कालभैरव की पूजा का विशेष महत्व है। उन्हें शिव का पांचवा अवतार माना गया है। इनके दो रूप है पहला बटुक भैरव जो भक्तों को अभय देने वाले सौम्य रूप में प्रसिद्ध है तो वहीं काल भैरव अपराधिक प्रवृतियों पर नियंत्रण करने वाले भयंकर दंडनायक है। भगवान भैरव के भक्तों का अनिष्ट करने वालों को तीनों लोकों में कोई शरण नहीं दे सकता। काल भी इनसे भयभीत रहता है इसलिए इन्हें काल भैरव एवं हाथ में त्रिशूल, तलवार और डंडा होने के कारण इन्हें दंडपाणि भी कहा जाता है। भगवान भैरव की शक्ति का नाम 'भैरवी गिरिजा' है, जो अपने भैरव भक्तों की अभीष्ट दायिनी हैं।


कालभैरव अष्टमी के मौके पर भगवान भैरव को प्रसन्न करने वाले चमत्कारिक उपायों को जानने के लिए आगे की स्लाइड क्लिक करें — 
best remedies of bhairav puja on kalashtami 2019
kalashtami 2019
तंत्र-मंत्र के साधकों के अनुसार भगवान भैरव को परम शक्तिशाली रुद्र बताया गया है। कालभैरव अष्टमी के दिन उनकी पूजा करने से सभी प्रकार के टोने-टोटके से मुक्ति मिल जाती है। कालाष्टमी के दिन भगवान भैरव को प्रसन्न करने के लिए उड़द की दाल या इससे निर्मित मिष्ठान, दूध-मेवा आदि का भोग लगाएं।

07 मई 2019, मंगलवार को अक्षय तृतीया पर अपार धन-संपदा की प्राप्ति हेतु करवाए जा रहे सामूहिक श्री लक्ष्मी कुबेर यज्ञ से जुड़ें 
best remedies of bhairav puja on kalashtami 2019
kalashtami 2019
यदि आप बाबा काल भैरव की कृपा चाहते है तो कालाष्टमी के दिन बाबा कालभैरव के मंदिर में जाकर उनकी प्रतिमा पर सिंदूर और तेल चढ़ाए और मूर्ति के सामने बैठकर काल भैरव मंत्र का जाप करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
best remedies of bhairav puja on kalashtami 2019
kalashtami 2019
यदि आपके घर के पास कोई काल भैरव का मंदिर नहीं है तो आप कालाष्टमी के दिन भगवान शिव की पूजा कर उनका आशीर्वाद पा सकत हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि भगवान भैरव की उत्पत्ति भगवान शिव के अंश के रूप में हुई थी। कालाष्टमी के दिन 21 बिल्वपत्रों पर चंदन से 'ॐ नम: शिवाय' लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। इस विधि से पूजन करने पर भगवान भैरव प्रसन्न होंगे और आपकी मनोकामनाएं पूरी होंगी। 
विज्ञापन
best remedies of bhairav puja on kalashtami 2019
kalashtami 2019
शत्रु या कार्य में आ रही किसी बाधा को दूर करने के लिए कालाष्टमी के दिन भगवान भैरव को सवा सौ ग्राम काला तिल, सवा सौ ग्राम काली उड़द और सवा ग्यारह रुपये एक काले कपड़े में बांधकर भगवान भैरव को चढ़ाएं। इस उपाय को करने से शत्रुओं पर विजय और जीवन में छाया काला अंधकार दूर होता है।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed