HPU: पीजी कोर्स में दाखिले के लिए साढ़े 11 हजार युवा देंगे परीक्षा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एचपीयू के अधिष्ठाता अध्ययन कार्यालय के तहत कैंपस आधारित कोर्स में प्रवेश के लिए 21 मई से प्रवेश परीक्षाएं होंगी। एचपीयू कैंपस और विवि से संबद्ध संस्थानों/कॉलेजों में कुल 28 पीजी कोर्स की सीटों के लिए 11,535 परीक्षार्थी प्रवेश परीक्षा देंगे।
इस बार प्रवेश के लिए आवेदनकर्ताओं की संख्या में एक से डेढ़ हजार तक की कमी आई है। प्रदेश के युवाओं का पीजी कोर्स से रुझान कम हुआ है। करीब 30 हजार छात्र-छात्राओं ने यूजी छठे सेमेस्टर की परीक्षा दी है।
पीजी कोर्स के लिए सिर्फ साढ़े 11 हजार ने ही आवेदन किया है। इन 28 कोर्स में एलएलबी कोर्स के लिए छात्रों का अधिक रुझान देखने को मिल रहा है। विभिन्न पीजी कोर्स की प्रवेश परीक्षा के लिए साइंस के अधिकतर एमएससी के लिए छात्रों में अधिक रुझान नजर आ रहा है।
इसमें केमिस्ट्री में चार सेंटर में 1076 परीक्षार्थी बैठेंगे, एमएससी मैथ में चार सेंटर में 1049, एमकॉम में 1097, जूलॉजी में 713, फिजिक्स में 987, जबकि एमसीए प्रोफेशनल, कोर्स की सीटों के लिए सिर्फ 611 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। अन्य कोर्स में आवेदनकर्ता परीक्षार्थियों का आंकड़ा 500 से आठ सौ के बीच सिमट गया है।
पिछले सत्र में 38 हजार तक रहा था आंकड़ा
प्रदेश विवि में पिछले सत्र में बीएड, बीटेक, बीएससी नर्सिंग सहित विवि की ओर से संचालित किए जाने वाले प्रोफेशनल, साइंस, कॉमर्स और कला संकाय के पीजी कोर्स में प्रवेश के लिए आवेदनकर्ताओं का आंकड़ा 38 हजार से अधिक रहा था।
इस बार प्रोफेशनल और बीएड जैसे इन कोर्स को छोड़कर साइंस, कला और कॉमर्स के पीजी कोर्स सहित एमसीए जैसे कोर्स की सीटों के लिए आवेदकों की संख्या में एक से डेढ़ हजार तक कम हो गई है।
विवि के कंप्यूटर सेंटर इंचार्ज मुकेश शर्मा ने माना कि इस बार पीजी कोर्स की प्रवेश प्रक्रिया के तहत साइंस जैसे फिजिक्स, केमिस्ट्री, बॉटनी और जूलॉजी जैसे कोर्स की तरफ अधिक रुझान है। पीजी के एमए कोर्स में उत्साह कम देखने को मिला है।
कमेंट
कमेंट X