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15 रुपये की चपत लगा रहीं गैस एजेंसियां
शिमला/ब्यूरो
Updated Mon, 29 Oct 2012 03:21 PM IST
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गैस एजेंसियां सिलेंडरों की ढुलाई किए बिना भी उपभोक्ताओं से जबरन 15 रुपये वसूल रही हैं। स्वयं गैस सिलेंडर लेने के लिए आने वाले लोगों से 412 रुपये की जगह 427 रुपये लिए जा रहे हैं। केंद्र सरकार की अधिसूचना की आड़ में गैस एजेंसियां यह गोरखधंधा चला रही हैं। केंद्र की अधिसूचना में साफ निर्देश हैं कि यह 15 रुपये होम डिलीवरी पर ही वसूले जाएं। जिला प्रशासन भी गैस एजेंसियों की मनमानी के आगे नतमस्तक है। उपभोक्ताओं की शिकायतों के बावजूद प्रशासन कार्रवाई से गुरेज कर रहा है।
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शिमला शहर में घरेलू गैस का सिलेंडर 412 रुपये की कीमत में गैस एजेंसी तक पहुंचता है। 412 रुपये में गैस एजेंसियों की कमीशन भी जुड़ी होती है। यानी अगर कोई उपभोक्ता गैस एजेंसी में आकर गैस लेता है तो उसे घरेलू गैस सिलेंडर 412 रुपये का मिलना चाहिए। उधर, होम डिलीवरी के लिए केंद्र सरकार ने पहाड़ी राज्यों में अतिरिक्त मजदूरी 15 रुपये तय की है। 5 अक्तूबर को केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इस बाबत बाकायदा एक अधिसूचना जारी की है। मंत्रालय के अवर सचिव जेके सिंह ने अधिसूचना में यह भी उल्लेख किया है कि अगर होम डिलीवरी नहीं की जानी है तो यह 15 रुपये नहीं वसूले जाएं। लेकिन राजधानी में इन निर्देशों का पालन नहीं हो रहा है। उपभोक्ताओं को कहा जा रहा है कि ढुलाई तो 35 रुपये है, जिसे छोड़ दिया गया है। अगर यह ढुलाई भी जोड़ी जाए तो गैस सिलेंडर 462 रुपये का मिलेगा।
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15 रुपये की चपत तो मेयर को भी लगी
बीते दिनों ही मेयर संजय चौहान गैस एजेंसियों के निशाने में आ गए। स्वयं सिलेंडर लेने आए मेयर की पहचान होने के बाद उन्हें गैस सिलेंडर 462 की जगह 427 में दिया गया। जबकि उन्हें यह सिलेंडर 412 रुपये का मिलना चाहिए था। लेकिन मामले से अंजान मेयर भी धोखाधड़ी का शिकार होकर जहां 35 रुपये में कामयाब हुए वहीं गैस एजेंसी ने उनसे 15 रुपये तो वसूल ही लिए।
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चेहरा देखकर लगाया जा रहा चूना
गैस एजेंसियां उपभोक्ताओं को देखकर चूना लगा रही हैं। स्वयं सप्लाई लेने के लिए आने वाला उपभोक्ता अगर तेजतर्रार हो तो बिना ढुलाई किए सिलेंडर 427 रुपये का दिया जा रहा है। अगर कोई बुजुर्ग या महिला उपभोक्ता स्वयं सिलेंडर लेने आए तो 462 रुपये लिए जा रहे हैं।
नियमानुसार वसूली के निर्देश
उपायुक्त शिमला सुभाषीश पांडा ने कहा कि उन्हें कई शिकायतें प्राप्त हुई हैं। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग को सभी गैस एजेंसियों को पत्र जारी करने के आदेश दिए हैं। पत्र के माध्यम से गैस एजेंसियों को नियमानुसार वसूली करने के निर्देश दिए हैं।